Generated by All in One SEO v4.9.9, this is an llms.txt file, used by LLMs to index the site. # Bihar Lok Geet ## Sitemaps - [XML Sitemap](https://biharlokgeet.com/sitemap.xml): Contains all public & indexable URLs for this website. ## Posts - [Dhanteras 2025 Date and Muhurat: इस तारीख को है धनतेरस, जानें धनतेरस कथा, पूजा मुहूर्त,पूजा विधि,महत्व और किस मुहूर्त में करें खरीदारी ? | Know Dhanteras story, Puja Muhurta, Puja Vidhi, Importance and in which Muhurat to shop?](https://biharlokgeet.com/2025/10/dhanteras-2025-date-katha-puja-muhurat-vidhi-importance-shopping-time/) - धनतेरस के दिनसौभाग्य और सुख की वृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी एवं धन्वंतरी देवता की पूजा की जाती हैं। यह पर्व दीपावली के दो दिन पहले मनाया जाता हैं। इस दिन देवताओं के वैद्य धनवन्तरि की पूजा का विधान है। इनकी पूजा से व्यक्ति को आरोग्य और निरोगी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धनवन्तरि को भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है।इस - [Dhanteras 2025: धनतेरस पर 13 दीये क्यों जलाते हैं? जानिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व](https://biharlokgeet.com/2025/10/dhanteras-2025-13-diye-ka-mahatva/) - धनतेरस 2025 पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? जानिए इस परंपरा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व, और कैसे ये दीये लाते हैं घर में सुख, समृद्धि और सुरक्षा। हिंदू धर्म में दिवाली एक विशेष त्योहार है, धनतेरस पहला दिन है जो भारत में पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का प्रतीक है। इस साल धनतेरस 18 अक्टूबर - [स्वतंत्रता दिवस और बिहार: बलिदान, संघर्ष और प्रेरणा की अमर गाथा](https://biharlokgeet.com/2025/08/swatantrata-diwas-aur-bihar/) - स्वतंत्रता दिवस और बिहार का गहरा रिश्ता जानिए — वीर कुंवर सिंह, चंपारण सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे संघर्षों की प्रेरक कहानी पढ़ें। 15 अगस्त का सूरज भारत के लिए सिर्फ एक दिन की शुरुआत नहीं, बल्कि आज़ादी के सपने के सच होने का प्रतीक है। 1947 में जब आधी रात को घड़ी ने बारह बजाए, - [बलराम जयंती 2025 और हलछठ व्रत – तिथि, महत्व, कथा, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त](https://biharlokgeet.com/2025/08/balram-jayanti-2025-hal-chhath-vrat-tithi-mahatva-katha-puja-vidhi/) - बलराम जयंती 2025 और हलछठ व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा जानें। भाद्रपद कृष्ण पक्ष षष्ठी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व। भाद्रपद मास का कृष्ण पक्ष हिंदू पंचांग में अत्यंत पावन माना जाता है। इस मास की षष्ठी तिथि को दो विशेष पर्व मनाए जाते हैं – बलराम जयंती और हलछठ व्रत।बलराम जयंती भगवान - [कृष्ण जन्माष्टमी 2025 की तारीख, दो दिन क्यों मनाई जाएगी, पूजा विधि और महत्व](https://biharlokgeet.com/2025/08/krishna-janmashtami-2025-date-time-puja-vidhi/) - कृष्ण जन्माष्टमी 2025 भारत के प्रमुख और पावन पर्वों में से एक है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश और विदेश में मनाया जाता है। भक्तजन उपवास रखते हैं, मंदिर सजाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और रात 12 बजे जन्मोत्सव मनाते हैं। लेकिन वर्ष 2025 में यह पर्व दो अलग-अलग दिनों - [💖 रक्षा बंधन 2025: मेरी नन्ही राखी, मेरा बड़ा भाई !](https://biharlokgeet.com/2025/08/raksha-bandhan-2025-choti-behan-ki-nazar-se/) - 🌸 "भैया, इस बार राखी पर जल्दी आ जाना…" मैं जानती हूं, आप बड़े हो गए हैं।ऑफिस, मीटिंग, बिज़नेस… सब बहुत ज़रूरी है।पर भैया, इस बार राखी पर आप थोड़ा मेरे लिए भी वक़्त निकाल लेना। मेरे लिए तो आप अब भी वही हैं…जो मुझे साइकिल पर बैठाकर गोलगप्पे खिलाने ले जाते थे,जो मेरी टूटी गुड़िया - [🌼 अगस्त 2025 में पड़ने वाले व्रत-त्योहार: जानिए पूरी सूची](https://biharlokgeet.com/2025/08/august-2025-vrat-tyohar-list-hindi/) - अगस्त का महीना शुरू होने वाला है और इसी के साथ त्योहारों और व्रतों की धूम भी शुरू हो जाती है। लोग अब जानना चाहते हैं कि अगस्त 2025 में कौन-कौन से व्रत और पर्व आने वाले हैं, और उनकी तिथि क्या है।इस बार का अगस्त महीना हिंदू धर्म के दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ और विशेष माना जा रहा है। इस - [तुलसीदास जयंती 2025: रामचरितमानस के रचयिता को श्रद्धांजलि](https://biharlokgeet.com/2025/07/tulsidas-jayanti-2025-ramcharitmanas-ke-rachayita-ko-shraddhanjali/) - तुलसीदास जयंती 2025 में 31 जुलाई को मनाई जाएगी। गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस, हनुमान चालीसा जैसी अमर कृतियाँ रचकर भारतीय संस्कृति को अमूल्य धरोहर दी। जानिए उनके जीवन, साहित्य और भक्ति के महत्व के बारे में। 31 जुलाई की प्रभात...श्रावण के शुक्ल सप्तमी का दिवस ...ब्रह्ममुहूर्त में मन्दिरों की घंटियाँ गूंज रही हैं,घरों में तुलसी - [🐍 नाग पंचमी 2025: श्रद्धा, सांस्कृतिक प्रतीक और नागों की पूजा का पर्व](https://biharlokgeet.com/2025/07/nag-panchami-2025-vrat-katha-pooja/) - 29 जुलाई 2025, मंगलवार को सम्पूर्ण भारतवर्ष में नाग पंचमी का पर्व परंपरा, श्रद्धा और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता के प्रतीक रूप में मनाया जाएगा। यह पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है और नागों की पूजा करके उनसे रक्षा की कामना की जाती है। 🕉️ नाग पंचमी का धार्मिक महत्व - [हरियाली तीज 2025: व्रत, कथा, पूजा विधि और सुहाग की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति](https://biharlokgeet.com/2025/07/hariyali-teej-2025-vrat-katha-pooja/) - जानिए हरियाली तीज 2025 की तिथि, पूजा विधि, कथा, धार्मिक महत्व और झूले-गीतों से जुड़ी स्त्री की सांस्कृतिक भावनाओं को इस सुंदर लेख में। सनातन धर्म में प्रत्येक व्रत और त्यौहार का अपना विशेष स्थान और आध्यात्मिक महत्व होता है। वर्ष भर में महिलाएं अनेक प्रकार के व्रतों का पालन करती हैं, जिनमें से एक अत्यंत - [श्रावण शिवरात्रि 2025: व्रत विधि, कथा और महत्व](https://biharlokgeet.com/2025/07/shravan-shivratri-2025-pooja-katha-vrat/) - श्रावण शिवरात्रि 2025 की तिथि, महत्व, पूजा विधि और व्रत कथा जानें इस विस्तृत लेख में। शिवभक्तों के लिए एक पावन अवसर। श्रावण शिवरात्रि, भगवान शिव की आराधना का वह विशेष पर्व है जो श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है। इस पावन तिथि पर शिवभक्त व्रत रखते हैं, जलाभिषेक करते - [🌸 मंगला गौरी व्रत: स्त्री आस्था, सौभाग्य और शक्ति की कामना का पर्व](https://biharlokgeet.com/2025/07/mangla-gauri-vrat-stri-aastha-saubhagya-shakti/) - मंगला गौरी व्रत सावन महीने में मंगलवार को किया जाता है, जिसमें स्त्रियाँ माँ गौरी से अपने सुहाग और परिवार के सुख के लिए प्रार्थना करती हैं। जानिए इसकी परंपरा और मान्यता। श्रावण मास और स्त्री आस्था इन्हीं व्रतों में एक अत्यंत पवित्र और भावनात्मक व्रत है — मंगला गौरी व्रत। यह व्रत सुहागिन स्त्रियाँ सावन के - [🟩 Sawan Aur Striyan / सावन और स्त्रियाँ : झूले, गीत और सुहाग व्रत की सांस्कृतिक परंपरा](https://biharlokgeet.com/2025/07/sawan-aur-striyan-jhoole-geet-suhaag-vrat/) - Sawan aur striyan का संबंध झूले, गीतों और सुहाग की कामना से है। जानिए कैसे सावन नारी जीवन में भक्ति, सौंदर्य और परंपरा का संगम लाता है। Sawan aur striyan का संबंध केवल ऋतु परिवर्तन तक सीमित नहीं है — यह एक ऐसा महीना है जिसमें भारतीय नारी की भावनाएँ, भक्ति, सौंदर्य और सामाजिक परंपराएँ एक - [सावन सोमवार 2025 – शिव भक्ति में लीन रहने का पावन अवसर](https://biharlokgeet.com/2025/07/sawan-somvar-2025-shiv-bhakti-ka-pawan-avsar/) - सावन सोमवार 2025 में करें शिव आराधना, जानें व्रत तिथि, पूजन विधि, कथा और कांवड़ यात्रा से जुड़ी आस्था। शिवभक्ति में लीन होने का शुभ समय। श्रावण मास यानी शिव भक्ति, सात्विकता और साधना का महीना। यह मास न केवल वातावरण को हरियाली से भर देता है, बल्कि भक्तों के हृदय को भी भक्ति से - [श्री पार्वती माता जी की आरती | Shree Parvati Mata Ji Ki Aarti](https://biharlokgeet.com/2019/08/shree-parvati-mata-ji-ki-aarti/) - जय पार्वती माता पार्वती माता की सबसे प्रसिद्ध आरती में से एक है। पार्वती माता की यह प्रसिद्ध आरती देवी पार्वती से संबंधित अधिकांश अवसरों पर पढ़ी जाती है। श्री पार्वती माता जी की आरती जय पार्वती माता जय पार्वती माता। ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता॥ जय पार्वती माता अरिकुल पद्म विनाशिनि जय - [आरती श्री शिव जी की | Arti Shree Shiv Ji Ki](https://biharlokgeet.com/2020/07/arti-shree-shiv-ji-ki/) - ॐ जय शिव ओंकारा भगवान शिव की सबसे प्रसिद्ध आरती में से एक है। यह प्रसिद्ध आरती भगवान शिव से संबंधित अधिकांश त्योहार और पर्व के अवसरों पर की जाती है। आरती के समय पूरी मण्डली द्वारा यह आरती गाई जाती है। आरती श्री शिव जी की ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। - [सावनपुरिया — ममता की वो सौगात, जो बेटी के मन को भिगो देती है...](https://biharlokgeet.com/2025/07/sawanpuriya-mamta-aur-beti-ka-bandhan/) - सावनपुरिया एक भावनात्मक परंपरा है, जो मां की ममता और बेटी के मन के रिश्ते को सावन की फुहारों में भीगा देती है। जानिए इस अनमोल रिवाज़ की सांस्कृतिक और भावनात्मक गहराई। "सावन में भीगती हैं छतें,पर एक बेटी का मन तो बरसों से भीगा हुआ होता है —जब वो मायके की देहरी से दूर, - [Sawan 2025: सावन कब शुरू होगा? जानें व्रत, तिथियां और नियम](https://biharlokgeet.com/2025/07/sawan-2025-vrat-tithiyan-pooja-vidhi/) - सावन 2025 की शुरुआत 11 जुलाई से होगी। जानें सावन सोमवार व्रत, मंगला गौरी व्रत की तिथियां, पूजा विधि, क्या करें और क्या ना करें। श्रावण मास, जिसे सावन मास भी कहा जाता है, हिन्दू पंचांग के अनुसार अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है। यह माह भगवान शिव को समर्पित होता है और इसमें भक्तगण - [🌕 Sawan Purnima 2025: सावन पूर्णिमा कब है? जानें शुभ मुहूर्त, व्रत, पूजा विधि और धार्मिक महत्व](https://biharlokgeet.com/2025/07/sawan-purnima-2025-date-shubh-muhurat-vrat-pooja-vidhi/) - सावन पूर्णिमा 2025 कब है? जानें शुभ मुहूर्त, श्रावण पूर्णिमा का धार्मिक महत्व, व्रत और पूजा विधि। इस दिन रक्षाबंधन, नारियली पूर्णिमा और यज्ञोपवीत संस्कार का भी महत्व है। श्रावण मास की पूर्णिमा, जिसे सावन पूर्णिमा या श्रावणी पूर्णिमा भी कहा जाता है, हिंदू धर्म की अत्यंत शुभ और पवित्र तिथियों में से एक मानी जाती है। यह दिन - [🌕 गुरु पूर्णिमा 2025: जहाँ ज्ञान, कृपा और आत्मसमर्पण एक हो जाते हैं](https://biharlokgeet.com/2025/07/guru-purnima-wisdom-grace-spiritual-awakening/) - गुरु पूर्णिमा वो क्षण है जब आत्मा अपने स्रोत से जुड़ती है। आइए गुरु के प्रेम, कृपा और ज्ञान की छाया में खुद को फिर से पहचानें। 🌼 गुरु चरणों में समर्पण — एक भावमयी कविता गुरु बिन ज्ञान कहाँ से पाऊँ,पथ अंधेरों में कैसे जाऊँ?दीप जलाए जो अंतर्मन में,ऐसे प्रभु को कैसे भुलाऊँ? गुरु हैं सागर, मैं - [कांवड़ यात्रा 2025: तिथि, महत्व और परंपरा की जानकारी](https://biharlokgeet.com/2025/07/kawad-yatra-2025-tithi-mahatva-parampara/) - कांवड़ यात्रा 2025 कब है? जानिए तिथि, नियम, कथा और इसके आध्यात्मिक लाभ – शिवभक्ति से भरपूर इस यात्रा की पूरी जानकारी। 🌼 कांवड़ यात्रा 2025: शिवभक्ति की एक पवित्र परंपरा "हर हर महादेव!"—सावन का महीना आते ही यह पावन जयघोष दिशाओं में गूंजने लगता है। नारंगी वस्त्रों में लिपटे, कंधों पर कांवड़ उठाए भक्त जब - [जुलाई 2025 व्रत और त्योहार: तिथि, महत्व, पूजन विधि](https://biharlokgeet.com/2025/06/july-2025-vrat-tyohar-tithi-pujan-vidhi/) - जुलाई 2025 का महीना हिंदू धर्म में खास धार्मिक महत्व रखता है। इस महीने में श्रावण मास की शुरुआत होती है, जिसे भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है। साथ ही देवशयनी एकादशी, गुरु पूर्णिमा, हरियाली तीज, नाग पंचमी, कांवड़ यात्रा और श्रावण सोमवार व्रत जैसे महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार भी इसी महीने आते हैं। नीचे हम आपको जुलाई 2025 के सभी प्रमुख व्रत और त्योहारों की तिथि, महत्व और पूजन - [दरभंगा: सांस्कृतिक शहर और पर्यटन का केंद्र](https://biharlokgeet.com/2025/04/darbhanga-sanskritik-shahar-paryatan-kendra/) - मिथिला की संस्कृति में एक कहावत प्रसिद्ध है- पग-पग पोखर, माछ मखान सरस बोल, मुस्की मुस्कान / मुख पान विद्या-वैभव शांति प्रतीक इ थीक मिथिलाक पहचान। दरभंगा, जो मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है, अपनी अनूठी संस्कृति और समृद्ध विरासत के लिए जाना जाता है। दरभंगा विद्या, वैभव, खान-पान, मधुर मुस्कान और - [Bihar Diwas 2025: क्यों 22 मार्च को ही मनाया जाता है बिहार दिवस, क्या है इसका इतिहास और इस साल की थीम?](https://biharlokgeet.com/2025/03/bihar-diwas-2025-proud-to-be-a-bihari-know-the-reason/) - बिहार दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन बिहार के लिए ऐतिहासिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 22 मार्च 1912 को बिहार और उड़ीसा को बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग कर एक नया राज्य बनाया गया था। इस साल, बिहार अपना 113वां स्थापना दिवस मना रहा है।बिहार न केवल भारतीय राजनीति - [क्या आप जानते हैं अपने बिहार के प्रसिद्ध लोक गीत के बारे में ? Do you know about the major folksong of Bihar?](https://biharlokgeet.com/2020/04/major-folksong-of-bihar-lokgeet-hindi/) - भारत में संगीत की परंपरा दो तरह की विकसित हुई है - प्रथम को शास्त्रीय संगीत एवं दूसरे को लोक संगीत कहा जाता है। बिहार में उक्त दोनों प्रकार के संगीत प्रचलीत है।शास्त्रीय संगीत में ताल, लय, मात्रा, राग रागिनी आदि से संबंधित जटिल नियमों का पालन करना होता है। शास्त्रीय संगीत दो प्रकार - [बिहार का प्राचीन इतिहास | Ancient History of Bihar](https://biharlokgeet.com/2019/08/ancient-history-of-bihar/) - प्राचीन बिहार के ऐतिहासिक स्रोतों से प्राप्त महत्वपूर्ण तथ्यों से स्पष्ट होता है कि यह राज्य पवित्र गंगा घाटी में स्थित भारत का उत्तरोत्तर क्षेत्र था जिसका प्राचीन इतिहास अत्यन्त गौरवमयी और वैभवशाली था। यहाँ ज्ञान, धर्म, अध्यात्म व सभ्यता-संस्कृति की ऐसी किरण प्रस्फुटित हुई जिससे न केवल भारत बल्कि समस्त संसार आलोकित हुआ। काल - [बिहार का मध्यकालीन इतिहास | Medieval history of Bihar](https://biharlokgeet.com/2019/09/medieval-history-of-bihar/) - बिहार का मध्यकालीन इतिहास का प्रारम्भ उत्तर-पश्‍चिम सीमा पर तुर्कों के आक्रमण से होता है। मध्यकालीन काल में भारत में किसी की भी मजबूत केन्द्रीय सत्ता नहीं थी। पूरे देश में सामन्तवादी व्यवस्था चल रही थी। सभी शासक छोटे-छोटे क्षेत्रीय शासन में विभक्‍त थे। बिहार का मध्यकालीन युग १२वीं शताब्दी से प्रारम्भ माना जा सकता है। - [बिहार एक नजर में: बिहार राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Quick Facts of Bihar in Hindi](https://biharlokgeet.com/2019/08/about-bihar-quick-bihar-facts-in-hindi/) - बिहार एक नजर में -बिहार राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Quick Facts of Bihar in Hindi बिहार एक नजर में: बिहार राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य | Quick Facts of Bihar in Hindi भारत के पूर्वी भाग में स्थित बिहार (Bihar) देश का सबसे आबादी वाला तीसरा राज्य और - [बिहार का आधुनिक इतिहास | Modern History of Bihar](https://biharlokgeet.com/2019/09/modern-history-of-bihar/) - आधुनिक बिहार का संक्रमण काल १७०७(1707) ई. से प्रारम्भ होता है। १७०७(1707) ई. में औरंगजेब की मृत्यु के बाद राजकुमार अजीम-ए-शान बिहार का बादशाह बना। जब फर्रुखशियर १७१२-१९(1712-19) ई. तक दिल्ली का बादशाह बना तब इस अवधि में बिहार में चार गवर्नर बने। १७३२(1732) ई. में बिहार का नवाब नाजिम को बनाया गया। अनुक्रम - [आठवां दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-speak-bhojpuri-language-useful-exclamation-in-bhojpuri-day-eight/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language. कउनो - [नउवां दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-speak-bhojpuri-language-useful-exclamation-in-bhojpuri-day-nine/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language. कउनो - [दसवां दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-speak-bhojpuri-language-useful-phrases-in-bhojpuri-day-ten/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language. - [छठवां दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-language-useful-polite-phrases-in-bhojpuri-day-six/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language. - [पांचवा दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-language-useful-phrases-in-bhojpuri-day-fifth/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language. कउनो - [चउथा दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-language-useful-phrases-in-bhojpuri-day-fourth/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language. कउनो - [तीसरका दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-language-useful-phrases-in-bhojpuri-day-third/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language.कउनो काम - [दुसरका दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-language-useful-phrases-in-bhojpuri-day-second/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language. कउनो - [पहिलका दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-language-useful-phrases-in-bhojpuri-day-first/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language.कउनो - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : पांचवा भाग](https://biharlokgeet.com/2025/03/bhojpuri-idioms-with-meaning-part-five/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : चउथा भाग](https://biharlokgeet.com/2025/03/bhojpuri-idioms-with-meaning-part-four/) - 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[कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : नउवां भाग](https://biharlokgeet.com/2025/03/bhojpuri-idioms-with-meaning-part-nine/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह से - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : दुसरका भाग](https://biharlokgeet.com/2025/03/bhojpuri-idiom-and-meaning-bhojpuri-idioms-with-meaning-part-two/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : आठवाँ भाग](https://biharlokgeet.com/2020/03/learn-bhojpuri-language-useful-exclamation-in-bhojpuri-day-eight/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह से - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : सातवाँ भाग](https://biharlokgeet.com/2020/03/bhojpuri-idioms-with-meaning-part-seven/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह से - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : पहिला भाग](https://biharlokgeet.com/2020/03/idioms-in-bhojpuri-with-meaning/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के ई सतत प्रयास बा की आपन भोजपुरी भाषा आगे बढ़े आ भोजपुरी के ऑनलाइन के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगन तक पहुचावल जाव, एह कड़ी के आगे बढ़ावत बिहारलोकगीत लेके आइल बा भोजपुरी मुहावरा, जहा प रउवा भोजपुरी मुहावरा के बारे में - [सातवां दिन : कइसे भोजपुरी सिखल जाव ।भोजपुरी भाषा सीखें । Learn Bhojpuri Language](https://biharlokgeet.com/2019/12/learn-bhojpuri-language-useful-polite-phrases-in-bhojpuri-day-seven/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language. कउनो - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : छठवाँ भाग](https://biharlokgeet.com/2025/03/bhojpuri-idioms-with-meaning-part-six/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह से - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : दसवां भाग](https://biharlokgeet.com/2025/03/bhojpuri-idioms-with-meaning-part-ten/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह से - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : ग्यारहवां भाग](https://biharlokgeet.com/2025/03/bhojpuri-idioms-with-meaning-part-eleventh/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह से - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : बारहवां भाग](https://biharlokgeet.com/2025/03/bhojpuri-idioms-with-meaning-part-twelfth/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह से - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी में दिनों के नाम | Name of Days in Bhojpuri Language : ग्यारहवां दिन](https://biharlokgeet.com/2025/03/name-of-days-in-bhojpuri-day-eleven/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 हमार विश्वास करीं भोजपुरी भाषा सीखल आ बोलल कउनो मुश्किल काम नइखे। अगर राउर सोच लीं की हमरा भोजपुरी सीखे के बा त सीखल कउनो पहाड़ काम नइखे आ एह काम में राउर मदद करीं बिहार लोक गीत के इ पेज भोजपुरी भाषा सीखे : Learn Bhojpuri language. भोजपुरी - [कइसे भोजपुरी सिखल जाव : भोजपुरी मुहावरा और अर्थ | Bhojpuri idiom and meaning : तेरहवां भाग](https://biharlokgeet.com/2025/03/bhojpuri-idioms-with-meaning-part-thirteenth/) - एह कोर्स में राउर हार्दिक स्वागत बा ।😊 बिहारलोकगीत डॉट कॉम के लगातार सार्थक कोशिश रही कि आपन गौरवशाली अतीत के फेर से परिभाषित कऽ के भोजपुरी के छवि के आपन देस के साथे-साथ दुनिया के बाकी हिस्सा में भी पुनर्जीवित कईल जाव। ई काम में रउरा सब के सहयोग के साथ जरुरी बा, एह से - [घुमौर होली: बिहार की एक अनूठी होली परंपरा](https://biharlokgeet.com/2025/03/ghumaur-holi-bihar/) - भारत में होली का त्यौहार उत्साह, रंग और मेल-मिलाप का प्रतीक है, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में इसे मनाने की अपनी-अपनी अनूठी परंपराएँ हैं। बिहार में कई पारंपरिक रूपों में होली मनाई जाती है, जिनमें "घुमौर होली" विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यह होली मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में मनाई जाती है और इसे सामाजिक - [होली गीत | त्योहार गीत | रंग संग में राम खेलत होली रंग संग में | Rang sang me Ram khelat holi rang sang me](https://biharlokgeet.com/2018/02/होली-गीत-त्योहार-गीत-रंग-स-2/) - Thanks for watching! ▷ CONNECT with us!! ♥♥Click here to Subscribe :- https://www.youtube.com/c/BiharLokGeet ♥♥Link To Our website - https://www.biharlokgeet.com ♥♥Like us on Facebook @ https://www.facebook.com/Bihar-Lok-Geet-482763292123001/ ♥♥Follow us on Twitter @ https://twitter.com/GeetBihar ♥♥Follow us on Instagram @ https://www.instagram.com/biharlokgeetstudio/ ♥♥Email us at :- biharlokgeet@gmail.com NEW UPLOAD on every Wednesday at 5:00 PM!! ⭐लिरिक्स⭐ रंग संग में - [होली गीत | त्योहार गीत | कन्हैया घर चलू गुइयाँ आज खेलें होरी | kanhaiya ghar chalu guiya aaj khele hori | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/03/होली-गीत-त्योहार-गीत-कन्ह-2/) - 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[बिहार: इसी जगह पर भगवान नरसिंह ने अवतार लेकर किया था हिरण्यकश्यप का वध, जानें क्या है धार्मिक मान्यता](https://biharlokgeet.com/2020/05/बिहार-इसी-जगह-पर-भगवान-नरस/) - बनमनखी बिहार बिहार प्राचीन काल से ही देव भूमि रही है, यहां कई ऐसे प्राचीन मंदिर है जहां जरूर जाना चाहिए।बिहार राज्य के पूर्णिया जिला के बनमनखी में सिकलीगढ़ धरहरा गांव हैं जहाँ भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार के आज भी साक्ष्य मौजूद है।बताया जाता है कि इसी गांव में भगवान नरसिंह अवतरित हुए थे - [पौराणिक और ऐतिहासिक बक्सर : जिसने राम को दी सिद्धि और बुद्ध को दी बुद्धि](https://biharlokgeet.com/2020/06/पौराणिक-और-ऐतिहासिक-बक्स/) - बक्सर जिला एक ऐतिहासिक और पौराणिक शहर के रूप में मशहूर रहा है।बक्सर का नाम पहले बक्सर नहीं था, इसे अब बक्सर के नाम से जानते हैं। बक्सर पटना से लगभग 130 किमी पश्चिम और मुगलसराय से 60 मील पूरब में पूर्वी रेलवे लाइन के किनारे स्थित है।यह महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र भी है। बता दें कि - [पटना साहिब : यहां हुआ था गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म, जानिए गुरु गोबिंद सिंह जयंती पर उनके जीवन से जुड़ी खास बातें](https://biharlokgeet.com/2021/01/पटना-साहिब-यहां-हुआ-था-गुर/) - गुरु गोबिंद सिंह जी को एक महान स्वतंत्रता सेनानी और कवि भी माना जाता है। इनके त्याग और वीरता की आज तक मिसाल दी जाती है। उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनकी बहादुरी थी। गुरु गोबिंद सिंह अपने पिता गुरु तेग बहादुर और माता गुजरी के एक मात्र पुत्र थे। सिखों के १० वें गुरु, गुरु - [मुजफ्फरपुर बिहार में हैं आस्था का केंद्र : 'बाबा गरीबनाथ स्थान मंदिर', यहां पूरी होती है हर मुराद](https://biharlokgeet.com/2021/03/मुजफ्फरपुर-बिहार-में-हैं/) - भारत के बिहार राज्य में मुजफ्फरपुर के पुरानी बाजार क्षेत्र में "बाबा गरीब स्थान मंदिर" स्थित है। इस मंदिर से जुड़ी आस्था एवं विश्वास लोगों में दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पूर्व में यह मंदिर एक छोटे से भवन में अवस्थित था। अब इसका परिसर चार कट्ठे में विस्तार पा चुका है। यह मंदिर - [Paush Purnima 2025 : पौष पूर्णिमा पर इस शुभ मुहूर्त में स्नान दान से मिलेगा महापुण्य, जानें शुभ मुहूर्त का समय](https://biharlokgeet.com/2025/01/paush-purnima-2025-पौष-पूर्णिमा-पर-इस-शुभ-म/) - भारतीय जनजीवन में पूर्णिमा व अमावस्या का अत्यधिक महत्व है। अमावस्या को कृष्ण पक्ष तो पूर्णिमा को शुक्ल पक्ष का अंतिम दिन होता है। लोग अपने-अपने तरीके से इन दिनों को मनाते भी हैं। पूर्णिमा यानि पूर्णो मा:। मास का अर्थ होता है चंद्र। अर्थात जिस दिन चंद्रमा का आकार पूर्ण होता है उस दिन - [Saphala Ekadashi 2024: कब है साल की पहली एकादशी? जानिए तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त](https://biharlokgeet.com/2024/01/saphala-ekadashi-2024-कब-है-साल-की-पहली-एकादशी/) - पौष माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता हैं। इस दिन श्री हरी विष्णु और भगवान अच्युत की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत का विधान हैं। मान्यता हैं की इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को हर कष्टों से मुक्ति मिलने के साथ हर काम में सफलता - [Makar Sankranti 2024 Date: मकर संक्रांति के दिन स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पौराणिक कथाएं, मंत्र व फल और अन्य जानकारियां](https://biharlokgeet.com/2024/01/makar-sankranti-2024-date-मकर-संक्रांति-के-दिन-स/) - क्या है मकर संक्रांति?मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का प्रमुख पर्व है।मकर संक्रांति में 'मकर' शब्द मकर राशि के बारे में बताता है जबकि 'संक्रांति' का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है। ज्योतिष के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर दूसरे में प्रवेश करने की इस विस्थापन क्रिया को संक्रांति कहते हैं।मकर संक्रांति को भगवान - [हिंदू नव वर्ष 2081: जानें कब शुरू हो रहा है नव संवत्सर, व ऐतहासिक महत्व](https://biharlokgeet.com/2024/04/हिंदू-नव-वर्ष-2081-जानें-कब-शुर/) - वैसे तो दुनिया भर में नया साल 1 जनवरी को ही मनाया जाता है लेकिन भारतीय कैलेंडर के अनुसार नया साल 1 जनवरी से नहीं बल्कि चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से होता है। इसे "नव संवत्सर" भी कहते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह अक्सर मार्च-अप्रैल के महीने से आरंभ होता है। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि भारतीय कैलेंडर की गणना - [Shani Jayanti पर अवश्य पढ़ें शनि चालीसा : जयति जयति शनिदेव दयाला - Shri Shani Chalisa in Hindi](https://biharlokgeet.com/2024/05/shani-jayanti-पर-अवश्य-पढ़ें-शनि-चालीस/) - Shani Chalisa : सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से जीवन की समस्त कठिनाइयां दूर होती है। शनि साढ़ेसाती, ढैया अथवा शनि महादशा के दौरान शनि चालीसा, दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। शिव पुराण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ ने भी शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए 'शनि चालीसा' का पाठ - [शनि जयंती 2024: वर्ष 2024 में कब मनाई जाएगी शनि जयंती? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, कथा और उपाय | Shani Jayanti 2024: When Will Shani Jayanti Be Celebrated? Know the Date, Auspicious Time, Significance, Story, and Remedies](https://biharlokgeet.com/2024/05/शनि-जयंती-2024-वर्ष-2024-में-कब-मना/) - शनि जयंती 2024: वर्ष 2024 में कब मनाई जाएगी शनि जयंती? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और कथा | Shani Jayanti 2024: When Will Shani Jayanti Be Celebrated? Know the Date, Auspicious Time, Significance, Story, and Remediesशनि जयंती या शनिश्चरी अमावस्या सनातन धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जो भगवान शनि के सम्मान में मनाया - [Shani Dev Aarti Lyrics: शनिवार को पूजा के दौरान जरूर करें शनि देव की आरती, हर मनोकामना होगी पूरी](https://biharlokgeet.com/2024/05/shani-dev-aarti-lyrics-शनिवार-को-पूजा-के-दौरान/) - Shani Dev Aarti With Lyrics !! शनिदेव आरती !! Jay Jay Shani Dev !! शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान से शनि महाराज की पूजा की जाती है। शनि देव की पूजा-अर्चना करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कहा जाता है कि शनि देव के अशुभ प्रभावों - [जितिया व्रत(Jitiya Vrat): एक व्रत जिसकी शुरुआत मछली खाकर की जाती है, जानिए क्या है इससे जुड़ी अनूठी परंपरा](https://biharlokgeet.com/2024/09/जितिया-व्रतjitiya-vrat-एक-व्रत-जिसक/) - Jivitputrika Vrat 2024: संतान की खुशहाली और लंबी उम्र के लिए किया जाता है 'जितिया व्रत'।जितिया व्रत के उपवास से पहले और इसके बाद खान-पान को लेकर अलग-अलग परंपरा है। संतान की खुशहाली और उसकी लंबी उम्र की कामना के लिए किया जाने वाला 'जितिया व्रत' बिहार के मिथिलांचल सहित पूर्वांचल और कुछ हद तक नेपाल में - [Dhanteras 2024: धनतेरस पर क्यों जलाए जाते हैं 13 दीये, क्या है इसका महत्व](https://biharlokgeet.com/2024/10/dhanteras-2024-धनतेरस-पर-क्यों-जलाए-जात/) - हिंदू धर्म में दिवाली एक विशेष त्योहार है, धनतेरस पहला दिन है जो भारत में पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का प्रतीक है। इस साल धनतेरस 29 अक्टूबर (Dhanteras 2024 Date) दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। चूँकि यह हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की त्रयोदशी/13वीं तिथि को मनाया जाता है, इसलिए इसे धन त्रयोदशी के नाम से - [Dhanteras Yam Deep Daan : जानें क्‍यों धनतेरस के दिन यमराज को करते हैं दीपदान, पुराणों में म‍िलता है वर्णन](https://biharlokgeet.com/2024/10/dhanteras-yam-deep-daan-जानें-क्यों-धनतेरस-के/) - यमराज को दीपदान करने की यह है वजहइस बार धनतेरस पर्व 29 अक्तूबर को है। इस दिन कुछ न कुछ खरीदने की परंपरा है। लेक‍िन क्‍या आप जानते हैं क‍ि इस द‍िन इस परंपरा के अलावा एक और परंपरा यानी कि यमराज को दीपदान करने का भी न‍िर्वहन क‍िया जाता है। सनातन धर्म में यमराज को - [कब है दीपावली 2024: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में सुख-समृद्धि लाने तक की पूजा |](https://biharlokgeet.com/2024/10/कब-है-दीपावली-2024-ऐसे-समझें-इस/) - दीपावली या दिवाली हिन्दू धर्मं का सबसे महान पर्व माना जाता हैं, जिसे हर भारतवासी प्रति वर्ष हर्षोल्लास से मानते हैं।दिपावली शब्द दीप एवं आवली की संधि से बना है। दीप का अर्थ दीपक और आवली का अर्थ पंक्ति से है। इस प्रकार दिपावली का मतलब हुआ दीपों की पंक्ति। दीपों का यह त्योहार अमावस्या के दिन मनाया जाता है। जिस दिन आसमान में अंधेरा छाया रहता है और दीपों की इस रोशनी - [Makar Sankranti 2025 Date: मकर संक्रांति के दिन स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पौराणिक कथाएं, मंत्र व फल और अन्य जानकारियां](https://biharlokgeet.com/2025/01/makar-sankranti-2025-date-मकर-संक्रांति-के-दिन-स/) - क्या है मकर संक्रांति?मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का प्रमुख पर्व है।मकर संक्रांति में 'मकर' शब्द मकर राशि के बारे में बताता है जबकि 'संक्रांति' का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है। ज्योतिष के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर दूसरे में प्रवेश करने की इस विस्थापन क्रिया को संक्रांति कहते हैं।मकर संक्रांति को भगवान - [वट सावित्री व्रत 2024: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कथा | Vat Savitri vrat 2024: Vat Savitri Vrat, auspicious time, worship method, importance and story](https://biharlokgeet.com/2024/05/वट-सावित्री-व्रत-2024-शुभ-मुहू/) - वट सावित्री व्रत 2024: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कथा | Vat Savitri vrat 2024: Vat Savitri Vrat, auspicious time, worship method, importance and storyहिन्दू संस्कृति में वट सावित्री व्रत का महत्व बताया गया है। विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए इस व्रत को रखती हैं। चलिए इस बार वट सावित्री व्रत कब है, इसके - [Jivitputrika Vrat 2024 Puja Vidhi: संतान के दीर्घायु के लिए रखते हैं जीवित्पुत्रिका व्रत, जानें तिथि, पूजा विधि ,पूजा कथा, आरती और महत्व](https://biharlokgeet.com/2024/09/jivitputrika-vrat-2024-puja-vidhi-संतान-के-दीर्घायु-के/) - भारत एक ऐसा देश है, जहां बहुत सारी संस्कृतियां और रीति रिवाज हैं।हमारे देश में भक्ति एवं उपासना का एक रूप उपवास हैं जो मनुष्य में संयम, त्याग, प्रेम एवं श्रध्दा की भावना को बढ़ाते हैं। उन्हीं में से एक हैं जीवित्पुत्रिका व्रत। यह व्रत संतान की मंगल कामना के लिए किया जाता हैं। यह व्रत - [Dhanteras 2024 Date and Muhurat: इस तारीख को है धनतेरस, जानें धनतेरस कथा, पूजा मुहूर्त,पूजा विधि,महत्व और किस मुहूर्त में करें खरीदारी ? | Know Dhanteras story, Puja Muhurta, Puja Vidhi, Importance and in which Muhurat to shop?](https://biharlokgeet.com/2024/10/dhanteras-2024-date-and-muhurat-इस-तारीख-को-है-धनतेरस/) - धनतेरस के दिन सौभाग्य और सुख की वृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी एवं धन्वंतरी देवता की पूजा की जाती हैं। यह पर्व दीपावली के दो दिन पहले मनाया जाता हैं। इस दिन देवताओं के वैद्य धनवन्तरि की पूजा का विधान है। इनकी पूजा से व्यक्ति को आरोग्य और निरोगी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धनवन्तरि को भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है।इस - [कब है नरक चतुर्दशी 2024: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, शास्त्रोक्त नियम, पूजन विधि,महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में खुशहाली लाने तक की पूजा ।](https://biharlokgeet.com/2024/10/कब-है-नरक-चतुर्दशी-2024-ऐसे-समझ/) - नरक चतुर्दशी दीपावली के पांच दिनों में से दुसरे दिन मनाया जाता है, यह त्यौहार महापर्व दिवाली के एक दिन पहले मनाया जाता हैं। इसे नरक से मुक्ति पाने वाला त्यौहार कहते हैं। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था, इसी कारण इसे नरक चतुर्दशी कहा जाता हैं। इसे रूप चौदस एवं छोटी दिवाली भी कहते हैं।नरक चतुर्दशी 2024 - [Dhanteras 2023 Date and Muhurat: इस तारीख को है धनतेरस, जानें धनतेरस कथा, पूजा मुहूर्त,पूजा विधि,महत्व और किस मुहूर्त में करें खरीदारी ? | Know Dhanteras story, Puja Muhurta, Puja Vidhi, Importance and in which Muhurat to shop?](https://biharlokgeet.com/2023/11/dhanteras-2023-date-and-muhurat-इस-तारीख-को-है-धनतेरस/) - धनतेरस के दिन सौभाग्य और सुख की वृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी एवं धन्वंतरी देवता की पूजा की जाती हैं। यह पर्व दीपावली के दो दिन पहले मनाया जाता हैं। इस दिन देवताओं के वैद्य धनवन्तरि की पूजा का विधान है। इनकी पूजा से व्यक्ति को आरोग्य और निरोगी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धनवन्तरि को भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है।इस - [कृष्ण जन्माष्टमी 2023 : कृष्ण जन्माष्टमी पर अवश्य पढ़ें भगवान श्री कृष्ण की पवित्र जन्माष्टमी व्रत कथा](https://biharlokgeet.com/2023/09/कृष्ण-जन्माष्टमी-2023-कृष्ण-ज/) - श्री कृष्ण की पवित्र जन्माष्टमी व्रत कथाकृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद् गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्र माह - [Krishna Janmashtami 2023: 6 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, भोग, व्रत एवं महत्व](https://biharlokgeet.com/2023/09/krishna-janmashtami-2023-6-सितंबर-को-कृष्ण-जन्मा/) - Krishna Janmashtami 2023: हिन्‍दू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी भद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी कि आठवें दिन मनाई जाती है। “नन्द के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! हाथी घोड़ा पालकी, बोलो जय कन्हैया लाल की!” देवताओं में भगवान श्री कृष्ण विष्णु के अकेले ऐसे अवतार हैं जिनके जीवन के हर पड़ाव के अलग रंग दिखाई - [रक्षा बंधन 2023: रक्षा बंधन कब है ? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, राखी बांधने की विधि और नियम](https://biharlokgeet.com/2023/08/रक्षा-बंधन-2023-रक्षा-बंधन-कब-ह/) - रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम एवं बंधन को दर्शाता है। रक्षाबंधन या राखी का त्यौहार सदियों से मनाया जा रहा है जो भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना गया है। इस त्यौहार का मुख्य संदेश भाई और बहन के पवित्र बंधन को सम्मान देना होता है। ‘रक्षाबंधन’(Raksha Bandhan) का वास्तविक अर्थ होता है - [Sawan 2023 : 19 साल बाद दो महीने का होगा सावन मास!](https://biharlokgeet.com/2023/07/sawan-2023-19-साल-बाद-दो-महीने-का-होगा/) - सावन माह का नाम आते ही हमारे मन में भी बादल घुमड़ने लगते हैं, ठंडी हवाओं के झौंके सुकून देने लगते हैं, तपती ज्येष्ठ और आषाढ़ में गरमी से बेहाल जी सावन में झूमने लगता है। लेकिन सावन का माह का महत्व हमारे जीवन में इतना भर नहीं है। यह भक्तों के लिए अपने आध्यात्मिक पक्ष - [Ram Navami 2023 Puja Vidhi, Muhurat: राम नवमी के पावन अवसर पर ऐसे करें भगवान राम की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि](https://biharlokgeet.com/2023/03/ram-navami-2023-puja-vidhi-muhurat-राम-नवमी-के-पावन-अवसर/) - रामनवमी पूरे भारत में मनाई जाती है। यह बहुत पवित्र दिन है।भारतीय भूमि हमेशा से ही एक पवित्र भूमि रही है, इतिहास के अनुसार यहाँ कई देवी देवताओं ने अवतार लिए है।संसार के पालनहार भगवान श्री विष्णु जी ने धर्म की स्थापना और अधर्म के समूल नाश के लिए त्रेतायुग में धरती पर मनुष्य रूप में अवतार - [Chaiti Chhath 2023 : 25 मार्च शुरू होने जा रहे सूर्योपासना के महापर्व चैती छठ के विधान बारे में जानें](https://biharlokgeet.com/2023/03/chaiti-chhath-2023-25-मार्च-शुरू-होने-जा-रहे-स/) - चैत्र नवरात्रि की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बीच बिहार समेत देश के पूर्वांचल इलाकों में चैती छठ पूजा की भी तैयारी जारी है। छठ व्रत साल में दो बार मनाया जाता है। कार्तिक की छठ पूजा की ही तरह चैत्र माह में पड़ने वाले छठ का बहुत महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार - [Amla Navami 2022: कब है आंवला नवमी पर्व? इस दिन आंवले की पेड़ की पूजा का है विशेष महत्व, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और कथा](https://biharlokgeet.com/2022/10/amla-navami-2022-कब-है-आंवला-नवमी-पर्व-इस/) - अक्षय नवमी को हिंदू संस्कृति में सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक माना जाता है। इस उत्सव को हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष के नौवें दिन (नवमी तिथि) मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, यह या तो अक्टूबर या नवंबर के महीने में आता है।इस वर्ष 02 नवंबर 2022 को मनाई - [Govardhan Puja 2022 Date : 2022 में कब है, जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और कथा](https://biharlokgeet.com/2022/10/govardhan-puja-2022-date-2022-में-कब-है-जानिए-शुभ-मुह/) - प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानी दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। यह दिन गिरिराज गोवर्धन पर्वत और भगवान कृष्ण को समर्पित होता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। चूँकि इस वर्ष दिवाली का कैलेंडर हर वर्ष की तुलना में कुछ अलग है, इसीलिए 24 अक्टूबर - [Bhai Dooj 2022 : भाई-दूज की अनोखी परंपरा, जानिए क्यों बहनें भाई को खिलाती हैं बजरी](https://biharlokgeet.com/2022/10/bhai-dooj-2022-भाई-दूज-की-अनोखी-परंपरा/) - भाईदूज का पर्व भाई-बहन के स्नेह, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन भाई-बहन अपने प्यार भरे रिश्ते को और प्रगाढ़ करते हैं। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और उनकी समृद्धि की कामना करती है। भाई दूज, जिसे 'भबीज', 'भाई टीका' और 'भाई फोंटा' के नाम से भी जाना जाता है, - [कब है नरक चतुर्दशी 2022: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, शास्त्रोक्त नियम, पूजन विधि,महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में खुशहाली लाने तक की पूजा |](https://biharlokgeet.com/2022/10/कब-है-नरक-चतुर्दशी-2022-ऐसे-समझ/) - नरक चतुर्दशी दीपावली के पांच दिनों में से दुसरे दिन मनाया जाता है, यह त्यौहार महापर्व दिवाली के एक दिन पहले मनाया जाता हैं। इसे नरक से मुक्ति पाने वाला त्यौहार कहते हैं। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था, इसी कारण इसे नरक चतुर्दशी कहा जाता हैं। इसे रूप चौदस एवं छोटी दिवाली भी कहते हैं।नरक चतुर्दशी 2022 - [कब है दीपावली 2022: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में सुख-समृद्धि लाने तक की पूजा |](https://biharlokgeet.com/2022/10/कब-है-दीपावली-2022-ऐसे-समझें-इस/) - दीपावली या दिवाली हिन्दू धर्मं का सबसे महान पर्व माना जाता हैं, जिसे हर भारतवासी प्रति वर्ष हर्षोल्लास से मानते हैं।दिपावली शब्द दीप एवं आवली की संधि से बना है। दीप का अर्थ दीपक और आवली का अर्थ पंक्ति से है। इस प्रकार दिपावली का मतलब हुआ दीपों की पंक्ति। दीपों का यह त्योहार अमावस्या के दिन मनाया जाता है। जिस दिन आसमान में अंधेरा छाया रहता है और दीपों की इस रोशनी से - [Rama Ekadashi 2022 Date: कब है रमा एकादशी, जानें व्रत का मुहूर्त, पारण का समय, महत्व और इससे होने वाले लाभ](https://biharlokgeet.com/2022/10/rama-ekadashi-2022-date-कब-है-रमा-एकादशी-जानें/) - हिन्दी पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी ति​थि को रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह एकादशी माता लक्ष्मी के एक नाम रमा के नाम पर है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु को माता लक्ष्मी का रमा नाम बहुत ​​प्रिय है। इस बार रमा एकादशी 21 अक्टूबर, दिन शुक्रवार को है। रमा - [Diwali 2022: घर लाएं मां लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर, कभी नहीं होगी धन की कमी](https://biharlokgeet.com/2022/10/diwali-2022-घर-लाएं-मां-लक्ष्मी-की-ऐस/) - Diwali 2022: शास्त्रों के मुताबिक अगर आप महालक्ष्मी की तस्वीर की पूजा-अर्चना कर रहे हैं तो इसे सफल बनाने के लिए महालक्ष्मी की तस्वीर काफी मायने रखती है। भारत में दीपावली का त्योहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस खास मौके में हर एक घर चांदनी में नहा जाता है। दिवाली उत्सव का - [धनतेरस और दिवाली के ये 10 उपाय, आपको भी बना देंगे मालामाल !](https://biharlokgeet.com/2022/10/धनतेरस-और-दिवाली-के-ये-10-उपा/) - कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस व अमावस्या को दीपावली का पर्व मनाया जाता है। धनतेरस ( Dhanteras ) के संबंध में मान्यता है कि इस दिन जो कुछ भी खरीदा जाता है उसमें लाभ होता है। धन संपदा में वृद्धि होती है। इसलिये इस दिन लक्ष्मी की पूजा की जाती - [Chitragupta Puja 2022 : चित्रगुप्त पूजा कब है 2022 में, शुभ मुहूर्त, महत्व, चित्रगुप्त पूजा विधि, चित्रगुप्त कथा, मंत्र और आरती](https://biharlokgeet.com/2022/10/chitragupta-puja-2022-चित्रगुप्त-पूजा-कब-है-2022/) - हिन्दी पंचांग के अनुसार, दिवाली के तीसरे दिन यानी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को जहां देशभर में भाई दूज या भैया दूज का पर्व मनाया जाता है वहीं कायस्थ परिवार के देवता चित्रगुप्त महाराज का भी पूजा का विधान है। यम द्वितीया को मनाया जाने वाला ये पर्व कलम दवात की पूजा - [Dhanteras 2022 Date and Muhurat: इस तारीख को है धनतेरस, जानें धनतेरस कथा, पूजा मुहूर्त,पूजा विधि,महत्व और किस मुहूर्त में करें खरीदारी ? | Know Dhanteras story, Puja Muhurta, Puja Vidhi, Importance and in which Muhurat to shop?](https://biharlokgeet.com/2022/10/dhanteras-2022-date-and-muhurat-इस-तारीख-को-है-धनतेरस/) - धनतेरस के दिन सौभाग्य और सुख की वृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी एवं धन्वंतरी देवता की पूजा की जाती हैं। यह पर्व दीपावली के दो दिन पहले मनाया जाता हैं। इस दिन देवताओं के वैद्य धनवन्तरि की पूजा का विधान है। इनकी पूजा से व्यक्ति को आरोग्य और निरोगी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धनवन्तरि को भगवान विष्णु का ही अवतार माना - [Chitragupta Puja 2022 : श्री चित्रगुप्त महाराज चालीसा](https://biharlokgeet.com/2022/10/chitragupta-puja-2022-श्री-चित्रगुप्त-महारा/) - भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज का चालीसा इस प्रकार है: श्री चित्रगुप्त महाराज चालीसा।। दोहा ।।कुल गुरू को नमन कर, स्मरण करूँ गणेश ।फिर चरण रज सिर धरहँ, बह्मा, विष्णु, महेश ।।वंश वृद्धि के दाता, श्री चित्रगुप्त महाराज ।दो आशीष दयालु मोहि, सिद्ध करो सब काज ।।।। चैपाई ।।जय चित्र विधान विशारद ।जय कायस्थ वंशधर पारद ।।बह्मा पुत्र पुलकित मन काया ।जग - [श्री सूर्य देव चालीसा | Shree Surya Dev Chalisa](https://biharlokgeet.com/2022/10/श्री-सूर्य-देव-चालीसा-shree-surya-dev-chalisa/) - हिन्दू पंचांग के अनुसार रविवार सप्ताह का प्रथम दिन माना जाता है। इस दिन भगवान सूर्य की पूजा होती है। यदि आप भी अपने जीवन में खूब तरक्‍की पाना चाहते हैं तो सूर्य देव की चालीसा पाठ करना ना भूलें।श्री सूर्य देव चालीसा | Shree Surya Dev Chalisa॥दोहा॥कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग।पद्मासन स्थित ध्याइए, - [Ahoi Ashtami 2022: जानें अहोई अष्टमी व्रत के नियम, संतान प्राप्ति के लिए कर सकते हैं ये उपाय](https://biharlokgeet.com/2022/10/ahoi-ashtami-2022-जानें-अहोई-अष्टमी-व्रत/) - संतान के सुखी और आरोग्य जीवन के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस वर्ष अहोई अष्टमी का व्रत 17 अक्टूबर, सोमवार को है। इस दिन माताएं निर्जला व्रत रखती हैं और अहोई माता की पूजा करती हैं। जिन लोगों की कोई संतान नहीं है, वे अहोई अष्टमी के दिन कुछ ज्योतिष उपाय करके अपनी मनोकामना - [Chhath Puja 2022 Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Timings: कब दिया जायेगा सूर्य को ऊषा अर्घ्य, क्या है शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र, महत्व और कथा](https://biharlokgeet.com/2022/10/chhath-puja-2022-puja-vidhi-shubh-muhurat-timings-कब-दिया-जायेगा-सूर्/) - भारत देश त्योहारों का देश हैं जहाँ धर्म का अपना ही महत्व हैं ।छठ पूजा में सूर्य देव एवं माता छठी की उपासना कर उनका अभिवादन किया जाता हैं। ऊर्जा के सबसे बड़े स्त्रोत भगवान सूर्य हैं जिनका हमारे जीवन में विशेष महत्व हैं।हमारे देश में कृतज्ञ होना सिखाया जाता हैं जिनमें हम हर उस - [अहोई अष्टमी और राधाकुण्ड से जुड़ी कथा | Ahoi Ashtami And Radhakund Katha](https://biharlokgeet.com/2022/10/अहोई-अष्टमी-और-राधाकुण्ड/) - ॥ श्री गणेशाय नमः ॥बहुत समय पहले झाँसी के निकट एक नगर में चन्द्रभान नामक साहूकार रहता था। उसकी पत्नी चन्द्रिका बहुत सुंदर, सर्वगुण सम्पन्न, सती साध्वी, शिलवन्त चरित्रवान तथा बुद्धिमान थी। उसके कई पुत्र-पुत्रियां थी परंतु वे सभी बाल अवस्था में ही परलोक सिधार चुके थे। दोनो पति-पत्नी संतान न रह जाने से व्यथित - [Ahoi Ashtami 2022 Puja Vidhi, Muhurat Timings, Samagri: सोमवार को है अहोई अष्टमी का व्रत, जानिये शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा, सामग्री और तारों के निकलने का समय](https://biharlokgeet.com/2022/10/ahoi-ashtami-2022-puja-vidhi-muhurat-timings-samagri-सोमवार-को-है-अहोई-अ/) - अहोई माता की पूजा और व्रत का संतान की रक्षा, सुख और समृद्धि के लिए विशेष महत्व है। कार्तिक महीने की अष्टमी बेहद विशेष होती है। इस अष्टमी को अहोई अष्टमी भी कहते हैं। इस साल अहोई अष्टमी का ये पवित्र व्रत 17 अक्टूबर, सोमवार को है।संतान की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले इस व्रत - [Karwa Chauth 2022 Date: कब है अखंड सौभाग्य का व्रत करवा चौथ? जानें तिथि, पूजा मुहूर्त एवं चन्द्र अर्घ्य का समय](https://biharlokgeet.com/2022/10/karwa-chauth-2022-date-कब-है-अखंड-सौभाग्य-का-व्/) - कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि के दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। इस साल 13 अक्टूबर, गुरुवार को करवा चौथ मनाया जाएगा। इस दिन महिलाऐं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है। साथ ही साज श्रंगार करती है। मेहंदी लगाती है। वहीं सास अपनी बहू को सरगी देती है। - [Kojagara/Lakshmi puja 2022: कब है कोजागरा लक्ष्मी व्रत, मिथिला में क्यों है इस पर्व का खास महत्त्व](https://biharlokgeet.com/2022/10/kojagara-lakshmi-puja-2022-कब-है-कोजागरा-लक्ष्मी/) - अश्विन पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है। मिथिलांचल में इस दिन कोजागरा का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व में पान, मखाना और मिठाई का विशेष महत्व होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार आश्विन माह की पूर्णिमा को कोजागरा व्रत मनाई जाती है।इसे लक्ष्मी पूजा, रास पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा, कौमुदी व्रत जैसे - [Dussehra 2022: साक्षात शिव का स्वरूप है ये पक्षी, दशहरे पर करें दर्शन बनेंगे आपके सारे काम(Good Luck)](https://biharlokgeet.com/2022/10/dussehra-2022-साक्षात-शिव-का-स्वरूप-है/) - Dussehra 2022: विजयादशमी पर नीलकंठ पक्षी का दर्शन शुभ माना जाता है। इस पक्षी में भगवान शिव के उस रूप का प्रतीकात्मक दर्शन होते हैं, जिसमें शिव ने समुद्र मंथन से हलाहल का पान किया था। जगत कल्याण के लिए शिव ने विषपान किया, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और वे नीलकंठ कहलाए।भारतीय पंचांग - [Papankusha Ekadashi 2022 : कब है पापांकुशा एकादशी? जानें इसका महत्व, शुभ मुहूर्त व कथा, समस्त पापों का प्रायश्चित करने व सद्गति पाने के लिये पापांकुशा एकादशी का व्रत करें](https://biharlokgeet.com/2022/10/papankusha-ekadashi-2022-कब-है-पापांकुशा-एकादश/) - एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। पौराणिक ग्रंथों में इसके महत्व के बारे में काफी कुछ लिखा मिलता है। प्रत्येक मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशियों को मिलाकर एक वर्ष में 24 एकादशी व्रत आते हैं। प्रत्येक एकादशी अपने आप में विशेष महत्त्व रखती है क्योंकि हर एकादशी में अलग - [Dussehra 2022 : दशहरे वाले दिन पान और जलेबी क्यों खाते हैं, जानें महत्व और कारण](https://biharlokgeet.com/2022/10/dussehra-2022-दशहरे-वाले-दिन-पान-और-जल/) - समृद्धि का प्रतीक, आयुर्वेद का एक जादुई घटक और धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, ताज़ी और सदाबहार पत्तियां, जिसे आमतौर पर पान पत्ते के रूप में जाना जाता है, हिंदू परंपरा में एक विशेष स्थान रखता है। हिन्दू मान्यता के अनुसार कुछ ऐसे पौधे और उनके पत्ते हैं जिनकी पूजा का विशेष - [Dussehra 2022: क्या है दशहरे का महत्व और मान्यता? ऐसे करें प्रभु राम की आराधना और धन प्राप्ति के लिए करे ये काम ,पूरे साल खूब होगी कमाई...](https://biharlokgeet.com/2022/10/dussehra-2022-क्या-है-दशहरे-का-महत्व-और/) - भारत में दशहरा या विजयदशमी का त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाया जाता हैं। आश्विन या क्वार मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को इसका आयोजन होता है। इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। दशहरा भारतीय संस्कृति के वीरता का पूजक, शौर्य का उपासक है। इसलिए इसे 'विजयादशमी' के नाम से - [माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "निर्वाण चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/10/माँ-सिद्धिदात्री-माँ-दु/) - माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती - [Dussehra 2022: दशहरा से जुड़ा एक ऐसा रहस्य जो कोई नहीं जानता | A secret Related to Dussehra that no one knows](https://biharlokgeet.com/2022/10/dussehra-2022-दशहरा-से-जुड़ा-एक-ऐसा-रहस/) - नवरात्र का त्यौहार शक्ति के पूजन का त्यौहार है। नवरात्र में नौ दिन आदि शक्ति माँ भगवती की उपासना की जाती है। यह तो आपको भली-भांति पता होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं की भगवान राम और नवरात्र का क्या सम्बन्ध है? आप यह तो जानते होंगे की दशहरा के दिन भगवान राम ने रावण - [माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सोमचक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/10/माँ-महागौरी-माँ-दुर्गा-क/) - माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, - [October 2022 Festival Calendar: अक्टूबर में कब, कौन-सा त्योहार मनाया जाएगा? जानें पूरी सूची](https://biharlokgeet.com/2022/10/october-2022-festival-calendar-अक्टूबर-में-कब-कौन-सा-त/) - हिंदू कैलेंडर के अनुसार अक्टूबर 2022 (October 2022 Festival calendar) में आश्विन और कार्तिक मास रहेंगे। इस महीने के शुरूआती 4 दिनों में शारदीय नवरात्रि की धूम रहेगी। वहीं 5 अक्टूबर को अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व विजयादशमी (Vijayadashami 2022) का मनाया जाएगा। साथ ही इस महीने में शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2022), - [माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सहस्रार चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/09/माँ-कालरात्रि-माँ-दुर्ग/) - माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं।दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन 'सहस्रार' चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि - [Shardiya Navratri 2022: शारदीय नवरात्र में इस दिन करें कन्या पूजन, जानिए शुभ तिथि, मुहूर्त और महत्व, नोट कर लें संपूर्ण पूजन विधि](https://biharlokgeet.com/2022/09/shardiya-navratri-2022-शारदीय-नवरात्र-में-इस-द/) - देशभर में शारदीय नवरात्र की गूंज हर्षोल्लास के साथ सुनाई दे रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के नौ सिद्ध स्वरूपों की उपासना की जाती है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में पूजा-पाठ, उपवास, कन्या पूजन करने से भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है और उनके - [शारदीय नवरात्रि / दुर्गा पूजा 2022 : शेरोवाली माँ का जगराता या जागरण](https://biharlokgeet.com/2022/09/शारदीय-नवरात्रि-दुर्गा-प/) - शेरोवाली माँ का जगराता - चित्र का श्रेय : वीणा सिन्हा 26 सितंबर, दिन सोमवार 2022 से शारदीय नवरात्रि की शुरूआत हो रही हैं जिसके बाद अगले नौ दिनों तक मां के अलौकिक रूपों की भांति प्रकार से पूजा अर्चना की जायेगी। हर भक्त अपनी शक्ति के अनुसार मां के मोहक रूप की पूजा करेगा इसलिए इस - [माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतार की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "आज्ञा चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/09/माँ-कात्यायनी-माँ-दुर्ग/) - माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतार कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं। 'कात्यायनी' अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमे भद्रकाली और - [भोलेनाथ से जुड़ी रोचक कथा - जो शेर मां पार्वती को अपना आहार बनाने आया था, वह मां की सवारी कैसे बना?](https://biharlokgeet.com/2022/09/भोलेनाथ-से-जुड़ी-रोचक-कथा/) - हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्‍वीरों में अक्‍सर उन्हें उनकी सवारी के साथ दर्शाया जाता है। भगवान के हर स्‍वरूप और उनकी सवारी का अपना महत्‍व और जुड़ाव है जिसके पीछे शास्‍त्रों में कई कथाओं का भी वर्णन किया गया हैं। कुछ ही दिनों में शारदीय नवरात्रि का आरंभ होने वाला है और इन दिनों - [माँ स्कंदमाता– माँ दुर्गा की पांचवी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति " विशुद्ध चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/09/माँ-स्कंदमाता-माँ-दुर्ग/) - माँ स्कंदमाता – माँ दुर्गा का पांचवा रूप नवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। भगवान स्कंद कुमार [कार्तिकेय] की माता होने के कारण दुर्गा जी के इस पांचवें स्वरूप को स्कंद माता नाम प्राप्त हुआ है। भगवान स्कंद जी बालरूप में माता की गोद में बैठे होते हैं इस दिन - [माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा की चौथी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "अनाहत चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/09/माँ-कूष्माण्डा-माँ-दुर्/) - माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा का चौथा रूप नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना - [शारदीय नवरात्रि / दुर्गा पूजा 2022:- सब प्रकार के विघ्नों को दूर करने के लिए मां दुर्गा के मंत्र](https://biharlokgeet.com/2022/09/शारदीय-नवरात्रि-दुर्गा-प-2/) - हिंदू मान्यतानुसार देवी दुर्गा को शक्ति का अवतार माना जाता है। माता दुर्गा जी के पूजा में मंत्रों का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है। नवरात्रि ही एक ऐसा पर्व है जिसमें माता दुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी और सरस्वती की साधना कर जीवन को सार्थक किया जा सकता है। अगर आप - [माँ चंद्रघंटा : माँ दुर्गा की तीसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "'मणिपूर चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/09/माँ-चंद्रघंटा-माँ-दुर्गा/) - माँ दुर्गा का तृतीय स्वरूप – माँ चंद्रघंटा । नवरात्री में दुर्गा पूजा के मौके पर बहुत ही विधि-विधान के साथ माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है।नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है । माता का यह रूप अत्यंत सुन्दर, मोहक और आलौकिक है ।नवरात्रि उपासना में - [माँ ब्रह्मचारिणी :माँ दुर्गा की दूसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "स्वाधिष्ठान चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/09/माँ-ब्रह्मचारिणी-माँ-दुर/) - Navratri 2022, maa brahmacharini: मां ब्रह्मचारिणी मां पार्वती का दूसरा स्वरूप है। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक बेहद - [शैलपुत्री : मां दुर्गा की पहली शक्ति की पावन कथा, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र, मूलाधार चक्र मजबूत करने के उपाय](https://biharlokgeet.com/2022/09/शैलपुत्री-मां-दुर्गा-की-प/) - शैलपुत्रीअनंत शक्तियों से संपन्न हैं नवरात्रि की पहली देवी मां शैलपुत्री का स्वरूप नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर दुर्गा देवी के नौ रूपों की पूजा-उपासना बहुत ही विधि विधान से की जाती है। इन रूपों के पीछे तात्विक अवधारणाओं का परिज्ञान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है। आइए जानते हैं मां - [शारदीय नवरात्रि 2022 : यूं विधि-विधान से करें दुर्गा सप्तशती का पाठ, प्रसन्न होंगी मां दुर्गा](https://biharlokgeet.com/2022/09/शारदीय-नवरात्रि-2022-यूं-विधि/) - हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। हर वर्ष शारदीय नवरात्रि के आते ही देवी दुर्गा के भक्तों में उत्साह की लहर सी दौड़ जाती हैं । कई लोग अपने घरों में कलश स्थापना करते हैं तो कई भक्त देवी जी के 9 दिन के व्रत रखते हैं। देवी जी के यह नौ - [Shardiya Navratri 2022: नवरात्रि में मां के नौ रूप को लगते हैं अलग-अलग भोग, आइए जानें](https://biharlokgeet.com/2022/09/shardiya-navratri-2022-नवरात्रि-में-मां-के-नौ-र/) - 26 सितंबर, दिन सोमवार 2022 से शारदीय नवरात्रि शुरु हो रही है। सनातन धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व है,जिसका उल्लेख शास्त्रों में भी मिलता है।इस बार पूरे नौ दिन तक देवी की आराधना (Goddess Worship) की जाएगी। 4 अक्टूबर, दिन मंगलवार को महानवमी पूजन के बाद 05 अक्टूबर, दिन बुधवार को विजयादशमी का त्योहार मनाया जाएगा। नवरात्रि में मां दुर्गा - [Navratri 2022 Ghatasthapana: शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना की सामग्री, सही विधि एवं नवरात्रि पर क्यों स्थापित किया जाता है कलश जानिए महत्व](https://biharlokgeet.com/2022/09/navratri-2022-ghatasthapana-शारदीय-नवरात्रि-में-क/) - पितृ पक्ष का समापन 25 सितंबर 2022, दिन रविवार सर्व पितृ अमावस्या से हो रहा है। इसके बाद 26 सितंबर 2022, दिन सोमवार से शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ होगा। शारदीय नवरात्रि पर्व हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है।हिन्दू पंचांग के अनुसार, देवी शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ अश्विन शुक्‍ल पक्ष की प्रतिपदा से होता है जो नवमी - [शारदीय नवरात्रि / दुर्गा पूजा 2022 - महत्व ,व्रत नियम ,पूजा विधि, मंत्र एवं कथा | Shardiya Navratri / Durga Pooja 2022- Importance, Fasting Rules, Rituals of Worship, Mantras and Stories](https://biharlokgeet.com/2022/09/शारदीय-नवरात्रि-दुर्गा-प-3/) - नवरात्रि / दुर्गा पूजा एक महत्वपूर्ण प्रमुख त्योहार है जिसे पूरे भारत में महान उत्साह के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है 'नौ रातें'। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति / देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। दसवाँ दिन दशहरा के नाम से प्रसिद्ध है। - [Shardiya Navratra 2022: नवरात्र में मां दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर आती है और किस पर जाती है ?](https://biharlokgeet.com/2022/09/shardiya-navratra-2022-नवरात्र-में-मां-दुर्गा/) - हम सभी जानते हैं माँ की सवारी शेर पर होती है, लेकिन नवरात्र के समय में माँ का वाहन दिन के अनुसार बदलता रहता है घट स्थापना के दिन माँ किस वाहन में आ रही है और दशमी या विसर्जन के दिन किस वाहन पर जा रही हैं। इसको जानना इसलिए भी जरुरी है क्योंकि - [Vishwakarma Puja 2022: कब है विश्वकर्मा पूजा, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, महत्व, मंत्र, कथा, आरती, और क्या है मान्यताएं सभी जानकारी](https://biharlokgeet.com/2022/09/vishwakarma-puja-2022-कब-है-विश्वकर्मा-पूजा-ज/) - हिंदू धर्म में अधिकतर तीज-त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार ही मनाए जाते हैं लेकिन विश्वकर्मा पूजा एक ऐसा पर्व है जिसे भारतवर्ष में हर साल 17 सितंबर को ही मनाया जाता है। विश्वकर्मा पूजा आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन होती है। इस दिवस को भगवान विश्वकर्मा के समर्पण और उनके - [Pitri Paksha 2022: पितृ पक्ष तिथि, नियम, विधि, भोजन, महत्व और कथा श्राद्ध में इन बातों का रखें विशेष ध्यान](https://biharlokgeet.com/2022/09/pitri-paksha-2022-पितृ-पक्ष-तिथि-नियम-विध/) - हिंदू धर्म में वैदिक परंपरा के अनुसार अनेक रीति-रिवाज़, व्रत-त्यौहार व परंपराएं मौजूद हैं। हिंदूओं में जातक के गर्भधारण से लेकर मृत्योपरांत तक अनेक प्रकार के संस्कार किये जाते हैं।अंत्येष्टि को अंतिम संस्कार माना जाता है। लेकिन अंत्येष्टि के पश्चात भी कुछ ऐसे कर्म होते हैं जिन्हें मृतक के संबंधी विशेषकर संतान को करना होता है। श्राद्ध कर्म उन्हीं - [Ganesh Visarjan 2022: घर पर विराजमान हैं गणपति बप्पा तो ऐसे करें उनकी विदाई, जानें क्या है उनके विसर्जन की सही विधि, मुहूर्त, महत्व, कथा और सब कुछ](https://biharlokgeet.com/2022/09/ganesh-visarjan-2022-घर-पर-विराजमान-हैं-गणपत/) - गणपति जी का विसर्जन कल होने वाला है, गणेश विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है।ऐसे में भगवान गणेश के विसर्जन की तैयारियां भी शुरु हो चुकी है, लोगों ने 10 दिनों तक भगवान गणेश को अपने घरों में रखा और उनके पंसदीदा चीजों का भोग लगाकर उनकी पूजा की और उन्हें प्यार किया।अब उनके - [Anant Chaturdashi 2022 : ऐसे रखें अनंत चतुर्दशी का व्रत, जानिए पूजा विधि, महत्त्व और कथा](https://biharlokgeet.com/2022/09/anant-chaturdashi-2022-ऐसे-रखें-अनंत-चतुर्दशी/) - अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु के अनंत रूप की आराधना के लिए मनाई जाती है। प्रभु अनंत हैं, वह कण कण में व्याप्त हैं, और अनंत चतुर्दशी इन्हीं प्रभु की अनंतता का बोध कराती है। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है और वर्ष में केवल एक ही बार आता है।इस वर्ष - [श्री राधा रानी की पवित्र आरती : आरती वृषभानु लली की कीजै](https://biharlokgeet.com/2022/09/श्री-राधा-रानी-की-पवित्र-आ/) - भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी का व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि जन्माष्टमी से ठीक 15 दिन बाद राधा रानी का जन्म हुआ था। इस बार राधा अष्टमी का व्रत 4 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन राधा रानी की आरती कर आप उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। - [September 2022 Vrat Tyohar: कब है राधाष्टमी, पितृपक्ष, शारदीय नवरात्रि? देखें सितंबर के व्रत-त्योहार](https://biharlokgeet.com/2022/09/september-2022-vrat-tyohar-कब-है-राधाष्टमी-पितृप/) - सितंबर के महीने में कई बड़े त्योहार पड़ रहे हैं। इस महीने की शुरुआत ऋषि पंचमी व्रत के साथ हो रही है। ऋषि पंचमी व्रत 1 सितंबर दिन गुरूवार को पड़ रही है। वहीं 10 सितंबर से पितृ पक्ष यानी कि महालया श्राद्धारम्भ की शुरुआत हो रही है। इसके अलावा 26 सितंबर को शारदीय नवरात्रारम्भ - [Radha Ashtami 2022: कब है राधाष्टमी, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त , व्रत कथा और पूजा विधि](https://biharlokgeet.com/2022/09/radha-ashtami-2022-कब-है-राधाष्टमी-जानिए-त/) - राधा रानी के जन्मदिन की तिथि को राधा अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। पूरे विश्व भर में इस दिन को खास त्योहार के रूप में मनाया जाता है। खासकर भारत के ब्रज क्षेत्र में यह सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। मान्यता है कि भाद्रपक्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को अनुराधा नक्षत्र - [Ganesh Chaturthi 2022 : गौरी पुत्र गणेश कब विराजेंगे ? जानें गणेश चतुर्थी की डेट, शुभ मुहूर्त और क्यों 10 दिन तक मनाते हैं गणेश उत्सव](https://biharlokgeet.com/2022/08/ganesh-chaturthi-2022-गौरी-पुत्र-गणेश-कब-विरा/) - गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का लोकप्रिय त्यौहार है जो भगवान गणेश के महत्व को दर्शाता है। विघ्नहर्ता गणेश गणों के अधिपति एवं प्रथम पूज्य हैं, अर्थात सर्वप्रथम इनकी पूजा की जाती है, उनके बाद ही अन्य देवी-देवताओं का पूजन किया जाता है। किसी भी धार्मिक एवं मांगलिक कर्मकांड में श्रीगणेश का पूजन सबसे पहले करने का - [गणेश चतुर्थी की पौराणिक एवं प्रचलित कथाएं : व्रत में सुनने से दूर होंगे सारे संकट, मिलेगा अपार सुख](https://biharlokgeet.com/2022/08/गणेश-चतुर्थी-की-पौराणिक-ए/) - 'श्री गणेशाय नम:'गणेश चतुर्थी व्रत करने से घर-परिवार में आ रही विपदा दूर होती है, कई दिनों से रुके मांगलिक कार्य संपन्न होते है तथा भगवान श्री गणेश असीम सुखों की प्राप्ति कराते हैं। माह की किसी भी चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश की पूजा के दौरान संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत की कथा पढ़ना - [Chaurchan 2022: प्रकृति की पूजा है मिथिला का चौरचन, जानिये क्यों बनी कलंकित चांद पूजने की लोक परंपरा](https://biharlokgeet.com/2022/08/chaurchan-2022-प्रकृति-की-पूजा-है-मिथिल/) - भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी गणेश चतुर्थी के रुप में मनाई जाती है इसे को भगवान श्रीगणेश चतुर्थी व्रत किए जाने का विधान रहा है। मान्यता है कि इसी तिथि का संबंध भगवान गणेश जी के जन्म से है तथा यह तिथि भगवान गणेश जी को अत्यंत प्रिय है। ज्योतिषानुसार भी श्रीगणेश को - [हरतालिका तीज 2022 :कब है अखंड सौभाग्य का व्रत हरतालिका तीज? जानें तिथि, महत्व ,व्रत नियम, पूजन- सामग्री ,पूजा विधि,मंत्र एवं सम्पूर्ण-कथा | Hartalika Teej 2022: Importance, Fasting Rules, Worship - Material, Method of Worship,Mantra and Whole Story](https://biharlokgeet.com/2022/08/हरतालिका-तीज-2022-कब-है-अखंड-सौ/) - हरतालिका तीज व्रत हिंदू धर्म में मनाये जाने वाला एक प्रमुख व्रत है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज मनाई जाती है। दरअसल भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को हस्त नक्षत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है। हरतालिका तीज व्रत कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियां करती हैं। विधवा - [हरतालिका तीज सम्पूर्ण व्रत-कथा | Hartalikla Teej Vrat Katha in Hindi](https://biharlokgeet.com/2022/08/हरतालिका-तीज-सम्पूर्ण-व्/) - हरतालिका तीज व्रत-कथा (पूजन करने के बाद कथा सुनें) सूतजी कहते हैं - मन्दार की माला से जिन (पार्वतीजी) का केशपाश अलंकृत हैं और मुण्डों की माला से जिन (शिवजी) की जटा अलंकृत हैं, जो (पार्वतीजी) दिव्य वस्त्र धारण की हैं और जो (शिवजी) दिगम्बर (नंगे) हैं, ऐसी श्री पार्वतीजी तथा श्री शिवजी को प्रणाम करता हूँ - [Krishna Janmashtami 2022:18 या 19 अगस्त? जानिए किस दिन मनाई जा रही है जन्माष्टमी, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, भोग, व्रत एवं महत्व](https://biharlokgeet.com/2022/08/krishna-janmashtami-202218-या-19-अगस्त-जानिए-किस-दिन/) - Krishna Janmashtami 2022: हिन्‍दू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी भद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी कि आठवें दिन मनाई जाती है। “नन्द के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! हाथी घोड़ा पालकी, बोलो जय कन्हैया लाल की!” देवताओं में भगवान श्री कृष्ण विष्णु के अकेले ऐसे अवतार हैं जिनके जीवन के हर पड़ाव के अलग रंग दिखाई देते - [Krishna Janmashtami 2023 :- Arti Kunj Bihari Ki, Shri Girdhar Krishna Murari Ki English](https://biharlokgeet.com/2022/08/krishna-janmashtami-2023-arti-kunj-bihari-ki-shri-girdhar-krishna-murari-ki-english/) - Arti Kunj Bihari Ki, Shri Girdhar Krishna Murari Ki Aarti Kunj Bihari Ki, Shri Girdhar Krishna Murari Ki ॥Aarti Kunj Bihari Ki, Shri Girdhar Krishna Murari Ki ॥Gale Mein Baijanti Mala, Bajave Murali Madhur Bala ।Shravan Mein Kundal Jhalakala, Nand Ke Anand Nandlala ।Gagan Sam Ang Kanti Kali, Radhika Chamak Rahi Aali ।Latan Mein Thadhe BanamaliBhramar Si Alak, Kasturi Tilak,Chandra Si - [कृष्ण जन्माष्टमी 2023 : आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की हिंदी](https://biharlokgeet.com/2022/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-2023-आरती-कु/) - आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला ।श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला ।गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली ।लतन में ठाढ़े बनमालीभ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक,चंद्र सी झलक, ललित छवि - [कृष्ण जन्माष्टमी 2022 : कृष्ण जन्माष्टमी पर अवश्य पढ़ें भगवान श्री कृष्ण की पवित्र जन्माष्टमी व्रत कथा](https://biharlokgeet.com/2022/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-2022-कृष्ण-ज/) - श्री कृष्ण की पवित्र जन्माष्टमी व्रत कथाकृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद् गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना - [कृष्ण जन्माष्टमी 2023 : भोग आरती: आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन](https://biharlokgeet.com/2022/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-2023-भोग-आरत/) - भोग आरती: आओ भोग लगाओ प्यारे मोहनआओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…दुर्योधन को मेवा त्यागो,साग विदुर घर खायो प्यारे मोहन,आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…भिलनी के बैर सुदामा के तंडुलरूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन…आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…वृदावन की कुञ्ज गली मे,आओं रास रचाओ मेरे मोहन,आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…राधा और मीरा भी बोले,मन मंदिर में - [रहस्यमयी निधिवन: आज भी रोजाना आधी रात होता है श्री राधा-कृष्ण "रास"](https://biharlokgeet.com/2022/08/रहस्यमयी-निधिवन-आज-भी-रोज/) - भगवान श्रीकृष्ण ( Shri Krishna ) की जन्मभूमि है मथुरा उत्तरप्रदेश के इस जिले में कई मंदिर और स्थल ऐसे हैं, जो आज भी वहां पर भगवान श्रीकृष्ण के होने का प्रमाण देते हैं। धार्मिक नगरी वृन्दावन में निधिवन एक अत्यन्त पवित्र, रहस्यमयी धार्मिक स्थान है। मान्यता है कि निधिवन में भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीराधा - [Janmashtami Puja - श्रीकृष्ण को लगाएं राशि अनुसार भोग और करें श्रृंगार, मिलेगा मनचाहा वरदान !](https://biharlokgeet.com/2022/08/janmashtami-puja-श्रीकृष्ण-को-लगाएं-राश/) - पूरे देश में मनाए जाने वाले भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानि जन्माष्टमी के पर्व को लेकर इस बार भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वैसे तो हर साल जन्माष्टमी भाद्रपद महीने की अष्टमी तिथि को मनाई जाती हैं इस बार जन्माष्टमी इस बार 2 दिन मनाई जाएगी। पहली 6 सितंबर को होगी। अष्टमी तिथि की रात्रि - [कृष्ण जन्माष्टमी 2023 : आरती : श्री बाल कृष्ण जी हिंदी](https://biharlokgeet.com/2022/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-2023-आरती-श/) - श्री कृष्ण जन्माष्टमी में इस आरती का बड़ा ही महत्व है...आरती : श्री बाल कृष्ण जी आरती बाल कृष्ण की कीजै,अपना जन्म सफल कर लीजै ॥श्री यशोदा का परम दुलारा,बाबा के अँखियन का तारा ।गोपियन के प्राणन से प्यारा,इन पर प्राण न्योछावर कीजै ॥॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥बलदाऊ के छोटे भैया,कनुआ कहि कहि बोले मैया ।परम - [Krishna Janmashtami 2023 : Aarti : Shri Bal Krishna Ji English](https://biharlokgeet.com/2022/08/krishna-janmashtami-2023-aarti-shri-bal-krishna-ji-english/) - Aarti : Shri Bal Krishna JiAarti Bal Krishna Ki Keeje,Apna Janam Safal Kar Leejen ॥Shri Yashoda Ka Param Dulara,Baba Ke Ankhiyan Ka Tara।Gopiyan Ke Pranan Se Pyara,In Pe Pran Nyochavar Keeje॥॥ Aarti Bal Krishna Ki Keeje...॥Baldau Ke Chote Bhaiya,Kanua Kahi Kahi Bole Maiya।Param Mudit Man Let Balaiya,Ye Chavi Nainan Mein Bhar Leeje॥॥ Aarti Bal Krishna - [कृष्ण जन्माष्टमी 2023: श्रीकृष्ण के 108 नाम, हर नाम में है अत्यंत शक्ति, इनका जाप दिलाएगा हर संकट से मुक्ति](https://biharlokgeet.com/2022/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-2023-श्रीकृ/) - कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्‍ण की पूजा होती है। इस दिन श्री कृष्‍ण के 108 नाम जपने का काफी महत्‍व है।उनके भक्‍त उनके इन इन नामों का जप करते हैं।प्रेम से उन्‍हें कन्हैया, गोविंद, गोपाल, नंदलाल बोलते हैं। कहा जाता है कि जो भी उनके इन नामों का जप करता है, भगवान उसके सभी कष्‍टों - [श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर घर लाएं ये सामान, धन और सुख-समृद्धि बढ़ाये](https://biharlokgeet.com/2022/08/श्री-कृष्ण-जन्माष्टमी-पर/) - महाभारत काल में युधिष्ठिर ने श्रीकृष्ण से प्रश्न किया था कि घर में सुख-समृद्धि का वास बना रहे इसके लिए क्या करना चाहिए ? तब श्रीकृष्ण ने बताया था की कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें हमेशा अपने घर में रखना चाहिए। जिस घर में ये चीजें हमेशा विद्यमान रहती हैं उस घर में धन और - [Ganga Dussehra 2022: 9 जून है गंगा दशहरा - जानिए गंगा माता की पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा-विधि और पौराणिक कथा](https://biharlokgeet.com/2022/06/ganga-dussehra-2022-9-जून-है-गंगा-दशहरा-जानिए/) - भारत एक ऐसा देश है जहां प्रकृति की किसी न किसी रुप में पूजा होती है। प्राकृतिक स्त्रोतों को यहां देवी देवता की संज्ञा ही नहीं दी जाती बल्कि पौराणिक कथाओं के जरिये उनकी पूजा करने को न्यायसंगत भी बनाया गया है। हर देवी-देवता का अपना पौराणिक इतिहास है। ऐसा ही इतिहास मोक्षदायिनी, पापमोचिनी मां गंगा का भी है। गंगा - [निर्जला एकादशी 2022 - एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ है यह उपवास](https://biharlokgeet.com/2022/06/निर्जला-एकादशी-2022-एकादशियो/) - हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष में चौबीस एकादशियां आती हैं और प्रत्येक एकादशी का अपना महत्व होता है। सभी एकादशियों पर हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले भगवान विष्णु की पूजा करते हैं व उपवास रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने, पूजा और दान करने से व्रती जीवन में सुख-समृद्धि का भोग - [Ganga Dussehra 2022: इस श्री गंगा स्तोत्र से मिलेगा पवित्र नदी में स्नान का पुण्य, गंगा दशहरा पर अवश्‍य पढ़ें।](https://biharlokgeet.com/2022/06/ganga-dussehra-2022-इस-श्री-गंगा-स्तोत्र-से/) - गंगा से अलग होकर भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की कल्पना नहीं की जा सकती। गंगा सहस्त्रों वर्षों से अविरल प्रवाहित, भारतीय संस्कृति को युगों से गढ़ती, सभ्यताओं एवं संस्कृतियों को रूप देती, दुःखों एवं सुखों की साक्षी रही है। हमारी श्रद्धा, विश्वास तथा आस्था ने अपने तट पर वासित अध्यात्म एवं योग के अन्वेषियों को - [Ganga Dussehra 2022 : घर पर ही करें दशविध स्नान, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के समान फल](https://biharlokgeet.com/2022/06/ganga-dussehra-2022-घर-पर-ही-करें-दशविध-स्ना/) - 9 जून 2022, गुरुवार को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि हैं जो कि गंगा दशहरा के रूप में मनाई जाएगी। शास्त्रानुसार इस दिन मां गंगा का स्वर्ग से धरती पर आगमन हुआ था। गंगा-दशहरे के दिन जो व्यक्ति मां गंगा की आराधना करता है, उनकी धूप; दीप; नैवेद्य आदि से षोडशोपचार पूजन - [Vat Savitri vrat 2022: वट सावित्री व्रत शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कथा](https://biharlokgeet.com/2022/05/vat-savitri-vrat-2022-वट-सावित्री-व्रत-शुभ-मु/) - हिन्दू संस्कृति में वट सावित्री व्रत का महत्व बताया गया है। विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए इस व्रत को रखती हैं। चलिए इस बार वट सावित्री व्रत कब है, इसके मुहूर्त, व्रत विधि और व्रत कथा के बारे में बताते हैं। वट सावित्री व्रत कब है?हिन्दू पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर वट सावित्री व्रत होता है। इस बार 30 मई को ज्येष्ठ - [Kamada Ekadashi 2022: हिन्दू नववर्ष की पहली एकादशी आज, जानें कामदा एकादशी व्रत एवं पूजा विधि, मुहूर्त, पारण समय और महत्व](https://biharlokgeet.com/2022/04/kamada-ekadashi-2022-हिन्दू-नववर्ष-की-पहली-ए/) - हिन्दू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होता है। ऐसे में हिन्दू नव संवत्सर की पहली एकादशी चैत्र शुक्ल एकादशी को है, जो आज है। चैत्र शुक्ल एकादशी को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। कामदा एकादशी के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है और कामदा एकादशी की ​कथा सुनते हैं।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कामदा एकादशी - [Mesha Sankranti 2022 :सतुआन पर्व: 14 अप्रैल को सूर्य का मेष राशि में प्रवेश, खरमास समाप्त व शुभ कार्य प्रारम्भ](https://biharlokgeet.com/2022/04/mesha-sankranti-2022-सतुआन-पर्व-14-अप्रैल-को-स/) - भारतीय संस्कृति अनेकता में एकता का मूल भाव ही पूरी दुनिया को भारत के करीब लाता है। इसी मूल भावना को मजबूत करने वाले अलग-अलग धर्मों के अनेक त्योहार यहां साल भर मनाए जाते हैं। मेष संक्रान्ति एक ऐसा ही राष्ट्रीय त्योहार है। जिसे देश के विभिन्न भागों में रहने वाले सभी धर्मपंथ के लोग अलग-अलग तरीके से मनाते हैं।मेष संक्रान्ति पुण्य - [Juir / Jude Sheetal 2022 | जूड़ शीतल :- मिथिला की संस्कृति और नव वर्ष का पर्व](https://biharlokgeet.com/2022/04/juir-jude-sheetal-2022-जूड़-शीतल-मिथिला-की-सं/) - जूड़ शीतल, जीवन में शीतलता का मिलेगा आशीषआधुनिकता के इस दौर में भी मिथिलांचल के लोग अपनी परंपरा का बखूबी निर्वाह करते हैं। खास बात यह है कि उन परंपराओं के पीछे भी कई खूबसूरत उद्देश्य छिपे रहते हैं जिससे आम जन मानस का जीवन जुड़ा हुआ है। उनकी भलाई निहित रहती है। मिथिलांचल सहित पूरे बिहार में मनाया जाने वाला प्रकृति - [चैत्र नवरात्रि विशेष 2022: इन चार देवियों ने महाभारत युद्ध में साथ दिया था](https://biharlokgeet.com/2022/04/चैत्र-नवरात्रि-विशेष-2022-इन-च/) - देवियों ने भगवान श्रीकृष्ण का साथ हर वक्त दिया हैं । महाभारत के युद्ध के पूर्व भी श्रीकृष्ण ने देवी माँ की पूजा की थी। आइये जानते हैं कि वे कौन सी देवी थी:-काली, हरसिद्धि और बगलामुखी :-महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्ण की प्रेरणा पर अर्जुन ने कई जगह जाकर शक्ति की साधना की थी। उनकी साधना के वरदान स्वरूप शक्ति के विभिन्न रूपों ने - [Chaitra Navratri 2022 Hawan Vidhi: दुर्गाष्टमी या महानवमी : घर पर हवन कैसे करें?](https://biharlokgeet.com/2022/04/chaitra-navratri-2022-hawan-vidhi-दुर्गाष्टमी-या-महानव/) - पुराणों के अनुसार हवन अथवा यज्ञ भारतीय परंपरा अथवा हिन्दू धर्म में शुद्धिकरण का एक कर्मकांड है। कुंड में अग्नि के माध्यम से देवता के निकट हवि पहुंचाने की प्रक्रिया को 'यज्ञ' कहते हैं। हवि, हव्य अथवा हविष्य वे पदार्थ हैं जिनकी अग्नि में आहुति दी जाती है (जो अग्नि में डाले जाते हैं।) हवन कुंड का अर्थ है हवन की अग्नि का निवास स्थान। हवन - [माँ ब्रह्मचारिणी :माँ दुर्गा की दूसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "स्वाधिष्ठान चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/04/माँ-ब्रह्मचारिणी-माँ-दुर-2/) - Chaitra Navratri 2022, maa brahmacharini: मां ब्रह्मचारिणी मां पार्वती का दूसरा स्वरूप है। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है।नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक बेहद - [माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतार की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "आज्ञा चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/04/माँ-कात्यायनी-माँ-दुर्ग-2/) - माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतारकात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं।'कात्यायनी' अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमे भद्रकाली और चंडिका भी शामिल है, में भी प्रचलित हैं। यजुर्वेद के तैत्तिरीय आरण्यक में उनका उल्लेख प्रथम किया है। स्कन्द पुराण में उल्लेख है कि वे परमेश्वर - [माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा की चौथी शक्ति की पावन कथा, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र, आरती और फल प्राप्ति "अनाहत चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/04/माँ-कूष्माण्डा-माँ-दुर्-2/) - माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा का चौथा रूपनवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए।जब सृष्टि का अस्तित्व - [Ram Navami 2022 Puja Vidhi, Muhurat: राम नवमी के पावन अवसर पर ऐसे करें भगवान राम की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि](https://biharlokgeet.com/2022/04/ram-navami-2022-puja-vidhi-muhurat-राम-नवमी-के-पावन-अवसर/) - रामनवमी पूरे भारत में मनाई जाती है। यह बहुत पवित्र दिन है।भारतीय भूमि हमेशा से ही एक पवित्र भूमि रही है, इतिहास के अनुसार यहाँ कई देवी देवताओं ने अवतार लिए है।संसार के पालनहार भगवान श्री विष्णु जी ने धर्म की स्थापना और अधर्म के समूल नाश के लिए त्रेतायुग में धरती पर मनुष्य रूप में अवतार लिया - [माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति की पावन कथा, शुभ मुहूर्त, महत्व , पूजा विधि, मंत्र, आरती और फल प्राप्ति "निर्वाण चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/04/माँ-सिद्धिदात्री-माँ-दु-2/) - माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके - [माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सोमचक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/04/माँ-महागौरी-माँ-दुर्गा-क-2/) - माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं जाते। वह सभी - [माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी की पावन कथा, शुभ मुहूर्त, महत्व , पूजा विधि, मंत्र, आरती और फल प्राप्ति "सहस्रार चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/04/माँ-कालरात्रि-माँ-दुर्ग-2/) - माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं।दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन 'सहस्रार' चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता देवी - [माँ चंद्रघंटा : माँ दुर्गा की तीसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "'मणिपूर चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/04/माँ-चंद्रघंटा-माँ-दुर्गा-2/) - माँ दुर्गा का तृतीय स्वरूप – माँ चंद्रघंटा ।नवरात्री में दुर्गा पूजा के मौके पर बहुत ही विधि-विधान के साथ माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है।नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है । माता का यह रूप अत्यंत सुन्दर, मोहक और आलौकिक है ।नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का - [माँ स्कंदमाता– माँ दुर्गा की पांचवी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति " विशुद्ध चक्र"](https://biharlokgeet.com/2022/04/माँ-स्कंदमाता-माँ-दुर्ग-2/) - माँ स्कंदमाता – माँ दुर्गा का पांचवा रूपनवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। भगवान स्कंद कुमार [कार्तिकेय] की माता होने के कारण दुर्गा जी के इस पांचवें स्वरूप को स्कंद माता नाम प्राप्त हुआ है। भगवान स्कंद जी बालरूप में माता की गोद में बैठे होते हैं इस दिन साधक - [Chaiti Chhath 2022 : 5 अप्रैल से शुरू होने जा रहे सूर्योपासना के महापर्व चैती छठ के विधान बारे में जानें](https://biharlokgeet.com/2022/03/chaiti-chhath-2022-5-अप्रैल-से-शुरू-होने-जा-र/) - चैत्र नवरात्रि की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बीच बिहार समेत देश के पूर्वांचल इलाकों में चैती छठ पूजा की भी तैयारी जारी है। छठ व्रत साल में दो बार मनाया जाता है। कार्तिक की छठ पूजा की ही तरह चैत्र माह में पड़ने वाले छठ का बहुत महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार छठ - [हिंदू नव वर्ष 2079: जानें कब शुरू हो रहा है नव संवत्सर, व ऐतहासिक महत्व](https://biharlokgeet.com/2022/03/हिंदू-नव-वर्ष-2079-जानें-कब-शुर/) - वैसे तो दुनिया भर में नया साल 1 जनवरी को ही मनाया जाता है लेकिन भारतीय कैलेंडर के अनुसार नया साल 1 जनवरी से नहीं बल्कि चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से होता है। इसे "नव संवत्सर" भी कहते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह अक्सर मार्च-अप्रैल के महीने से आरंभ होता है। ज्योतिषाचार्य का - [Chaitra Navratri 2022 Ghatasthapana: चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना की सामग्री, सही विधि एवं नवरात्रि पर क्यों स्थापित किया जाता है कलश जानिए महत्व](https://biharlokgeet.com/2022/03/chaitra-navratri-2022-ghatasthapana-चैत्र-नवरात्रि-में-क/) - प्रत्येक वर्ष में दो बार नवरात्रे आते है। चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरु होकर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि तक चलने वाले नवरात्र चैत्र नवरात्र व वासंती नवरात्र कहे जाते हैं। यह - [माँ शैलपुत्री - नवरात्र का पहला दिन, माँ दुर्गा के स्वरूप शैलपुत्री की पूजा विधि](https://biharlokgeet.com/2022/03/माँ-शैलपुत्री-नवरात्र-का/) - शैलपुत्रीअनंत शक्तियों से संपन्न हैं नवरात्रि की पहली देवी मां शैलपुत्री का स्वरूप नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर दुर्गा देवी के नौ रूपों की पूजा-उपासना बहुत ही विधि विधान से की जाती है। इन रूपों के पीछे तात्विक अवधारणाओं का परिज्ञान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है। आइए जानते हैं मां - [चैत्र नवरात्रि 2022: तिथि, मुहूर्त एवं महत्व, जानें](https://biharlokgeet.com/2022/03/चैत्र-नवरात्रि-2022-तिथि-मुहू/) - सनातन धर्म में नवरात्रि का त्यौहार अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है जो हिन्दुओं द्वारा बेहद ही श्रद्धाभाव एवं हर्षोल्लास से मनाया जाता है। नवरात्रि का त्यौहार देवी दुर्गा को समर्पित एक पवित्र पर्व है और यह साल में कुल चार बार आता है। इन चार नवरात्रि के नाम इस प्रकार हैं: माघ, आषाढ़, चैत्र और - [Chaitra Navratri Vrat Katha 2022: चैत्र नवरात्रि व्रत वाले दिन इस कथा को जरूर पढ़ें या सुनें ,मां की बनती है कृपा](https://biharlokgeet.com/2022/03/chaitra-navratri-vrat-katha-2022-चैत्र-नवरात्रि-व्रत-व/) - कोई भी व्रत बिना व्रत कथा को पढ़े अधूरा माना जाता है। अगर आपने चैत्र नवरात्रि व्रत (Durga Puja Vrat ) रखा है तो इस व्रत कथा को जरूर पढ़ें।इससे मां की विशेष कृपा बनेगी।चैत्र नवरात्रि व्रत कथा | Chaitra Navratri fast story:- एक समय बृहस्पति जी ब्रह्माजी से बोले- हे ब्रह्मन श्रेष्ठ! चैत्र व आश्विन मास के शुक्लपक्ष - [April 2022 Vrat And Festivals: चैत्र नवरात्रि से लेकर रामनवमी तक, पढ़ें अप्रैल के व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट](https://biharlokgeet.com/2022/03/april-2022-vrat-and-festivals-चैत्र-नवरात्रि-से-लेक/) - सनातन धर्म में चैत्र और वैशाख के माह व्रत एवं पर्वों की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। त्योहारों की सटीक तारीखें जानना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। इससे छुटकारा पाने के लिए, हम आपके लिए भारतीय कैलेंडर 2022 लाए हैं ताकि सटीक तारीखों को खोजने में आपकी कोशिश आसान हो सके। अप्रैल के - [बिहार स्थापना दिवस २२ मार्च / BIHAR DAY 22 March : इतिहास के पन्नों से भविष्य की राह](https://biharlokgeet.com/2022/03/बिहार-स्थापना-दिवस-२२-मार/) - समस्त बिहारवासियों को ‘बिहार दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं । मंगलवार को बिहार अपनी स्थापना का 110वां जन्मोत्सव मनाएगा। बिहार दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है।इस वर्ष बिहार दिवस 2022 "जल जीवन हरियाली और नल जल योजना" थीम पर आयोजित किया जा रहा है। बिहार के ऐतिहासिक गौरव का ध्यान में रखते हुए तीन दिवसीय - [होली 2022: किस रंग से खेलें होली, जानिए वास्तु के अनुसार कौनसा रंग जमेगा आप पर](https://biharlokgeet.com/2022/03/होली-2022-किस-रंग-से-खेलें-होली/) - जीवन से जुड़े हैं रंगहोली है भई होली है, मस्तानों की टोली है, कोई रंगों में सराबोर है, किसी की भीगी चोली है। अपनी खुशी, अपनी मस्ती और अपने उत्साह, उमंग को पिचकारी से छोड़ता हुआ सबको अपने रंग में रंगने को आतुर होली का त्यौहार सर पर आन खड़ा है। 19 मार्च 2022 को - [होली 2022 | त्‍यौहार स्‍पेशल | कैसे छुड़ाएं चेहरे से होली के रंग ? होली के रंग से बचाव कैसे करे ?](https://biharlokgeet.com/2022/03/होली-2022-त्यौहार-स्पेशल-क/) - कैसे छुड़ाएं चेहरे से होली के रंग | होली के रंग से बचावभारत के हर राज्य में अनेकों प्रकार से होली मनाई जाती है। कई जगहों पर लोग होली रंगों से खेलते हैं, तो कई जगहों पर फूलों से। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में तो लठ मार होली भी खेली जाती है। मगर ज्यादातर लोग - [होली 2022 | त्‍यौहार स्‍पेशल | इको फ्रैंडली होली प्लीज](https://biharlokgeet.com/2022/03/होली-2022-त्यौहार-स्पेशल-इ/) - होली का नाम सुनते ही रंगों और मस्ती का माहौल याद आ जाता है। होली में रंग खेले बगैर रहें तो होली एकदम अधूरी सी लगती है। होली में कई प्रकार के रंगों का प्रयोग होता है, जिनका असर कई दिनों तक कम नहीं होता है। बेशक रंग खेलने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन - [होली 2022 : होली की तिथि को लेकर न रहें भ्रम में, जानें होली की पौराणिक-प्रामाणिक कथा व होली क्यों और कैसे मनाई जाती है ?](https://biharlokgeet.com/2022/03/होली-2022-होली-की-तिथि-को-लेकर/) - होली भारत के सबसे पुराने पर्वों में से है। यह कितना पुराना है इसके विषय में ठीक जानकारी नहीं है | लेकिन इसके विषय में इतिहास पुराण व साहित्य में अनेक कथाएँ मिलती है। इस कथाओं पर आधारित साहित्य और फ़िल्मों में अनेक दृष्टिकोणों से बहुत कुछ कहने के प्रयत्न किए गए हैं लेकिन हर कथा - [चालीसा: माँ सरस्वती जी | Maa Saraswati Ji](https://biharlokgeet.com/2022/02/चालीसा-माँ-सरस्वती-जी-maa-saraswati-ji/) - चालीसा: माँ सरस्वती जी | Maa Saraswati Ji॥दोहा॥जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥॥चालीसा॥जय श्री सकल बुद्धि बलरासी। जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥जय जय जय वीणाकर धारी। करती सदा सुहंस सवारी॥१॥रूप चतुर्भुज धारी माता। सकल विश्व अन्दर विख्याता॥जग - [Chalisa : Maa Saraswati Ji | माँ सरस्वती जी](https://biharlokgeet.com/2022/02/chalisa-maa-saraswati-ji-माँ-सरस्वती-जी/) - Chalisa : Maa Saraswati Ji in English॥ Doha ॥Janak Janani Padmaraj, Nij Mastak Par Dhari ।Bandaun Matu Saraswati, Buddhi Bal De Datari ॥Poorn Jagat Mein Vyapt Tav, Mahima Amit Anantu ।Dushjanon Ke Pap Ko, Matu Tu Hi Ab Hantu ॥॥ Chalisa ॥Jai Shri Sakal Buddhi Balarasi ।Jai Sarvagy Amar Avinashi ॥Jai Jai Jai Vinakar Dhari - [आरती सरस्वती जी: ॐ जय वीणे वाली। Saraswati Om Jai Veene Wali](https://biharlokgeet.com/2022/02/आरती-सरस्वती-जी-ॐ-जय-वीणे-व/) - ॐ जय वीणे वाली। Saraswati Om Jai Veene Waliॐ जय वीणे वाली, मैया जय वीणे वालीऋद्धि-सिद्धि की रहती, हाथ तेरे तालीऋषि मुनियों की बुद्धि को, शुद्ध तू ही करतीस्वर्ण की भाँति शुद्ध, तू ही माँ करती॥ 1 ॥ज्ञान पिता को देती, गगन शब्द से तूविश्व को उत्पन्न करती, आदि शक्ति से तू॥ 2 ॥हंस-वाहिनी दीज, भिक्षा दर्शन - [आरती: माँ सरस्वती जी | Maa Saraswati Ji](https://biharlokgeet.com/2022/02/आरती-माँ-सरस्वती-जी-maa-saraswati-ji/) - आरती: माँ सरस्वती जी | Maa Saraswati Jiजय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥॥ जय सरस्वती माता...॥चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी।सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥॥ जय सरस्वती माता...॥बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला।शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला॥॥ जय सरस्वती माता...॥देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।पैठी मंथरा दासी, - [Gupt Navratri 2022: कब से है माघ गुप्त नवरात्रि, जानें-पूजा की तिथि, मुहूर्त और विधि](https://biharlokgeet.com/2022/02/gupt-navratri-2022-कब-से-है-माघ-गुप्त-नवरात/) - हिंदी पंचांग के अनुसार, साल में चार नवरात्रि मनाई जाती है। पहली नवरात्रि माघ महीने में, दूसरी नवरात्रि चैत्र महीने में, तीसरी नवरात्रि आषाढ़ महीने में मनाई जाती है। जबकि चौथी और अंतिम नवरात्रि अश्विन माह में मनाई जाती है, जिसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है।माघ और आषाढ़ में मनाई जाने वाली नवरात्रि को गुप्त - [Vasant Panchami 2022 बसंत पंचमी : जानें किस तरह हुआ मां सरस्वती का प्राकट्य, पूजा विधि, महत्व, नियम, कथा और अन्य सभी जानकारी](https://biharlokgeet.com/2022/01/vasant-panchami-2022-बसंत-पंचमी-जानें-किस-तर/) - जब खेतों में सरसों फूली हो, आम की डाली बौर से झूली हों, जब पतंगें आसमां में लहराती हैं, मौसम में मादकता छा जाती है, तो रुत प्यार की आ जाती है, जो बसंत ऋतु कहलाती है। सिर्फ खुशगवार मौसम, खेतों में लहराती फसलें व पेड़-पौधों में फूटती नई कोपलें ही बसंत ऋतु की विशेषता - [Mauni Amavasya 2022 Date : कब है मौनी अमावस्या, जानें तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि ,मौन व्रत महत्व, कथा एवं मौनी अमावस्या के उपाय](https://biharlokgeet.com/2022/01/mauni-amavasya-2022-date-कब-है-मौनी-अमावस्या-जा/) - माघ के महीने को हिंदू धर्म ग्रंथों में बहुत पवित्र माना जाता है। इस मास के हर दिन को स्नान-दान आदि के लिये बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन माघ मास के ठीक मध्य में अमावस्या के दिन का तो बहुत विशेष महत्व माना जाता है। दरअसल मान्यता यह है कि इस दिन पवित्र नदी - [February 2022 Vrat & Festivals List: फरवरी में मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी सहित पड़ेंगे ये व्रत-त्योहार, देखें सूची](https://biharlokgeet.com/2022/01/february-2022-vrat-festivals-list-फरवरी-में-मौनी-अमावस/) - 2022 में कई महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार पड़ रहे हैं।भारत में विभिन्न धर्मों के पर्व-त्योहारों को लोग बेहद खुशी-खुशी मनाते हैं। हिंदू धर्म में व्रत-त्योहार पूरे विधि-विधान से मनाए जाते हैं।अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार फरवरी साल का दूसरा माह है। लेकिन हिंदू कैलेंडर का के अनुसार फरवरी साल का ग्याहरवां माह है। 16 फरवरी को - [November 2021 Vrat & Festival Calendar: नवंबर महीने में आएंगे ये व्रत एवं त्यौहार, जानें यहां](https://biharlokgeet.com/2021/10/november-2021-vrat-festival-calendar-नवंबर-महीने-में-आएंग/) - नवंबर का महीना शुरू होने वाला है और यह महीना बेहद ही खास है। क्योंकि इस महीने की शुरुआत से ही त्योहारों का सिलसिला शुरू होता है महीने के अंत तक चलता रहता है। (November 2021 Vrat And Festivals) हर दिन एक त्योहार होता है और हिंदू पंचांग के अनुसार इसे कार्तिक (Diwali 2021 Date) - [करवा माता की आरती | Karwa Chauth Vrat Aarti](https://biharlokgeet.com/2021/10/करवा-माता-की-आरती-karwa-chauth-vrat-aarti/) - करवा माता की आरती | Karwa Chauth Vrat Aartiऊँ जय करवा मइया, माता जय करवा मइया ।जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया ।। ऊँ जय करवा मइया।सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी ।। ऊँ जय करवा मइया।कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।दीर्घायु पति होवे , - [Valmiki Jayanti 2021: वाल्मीकि जयंती आज, जानिए इस दिन का धार्मिक महत्व और महर्षि का नाम कैसे पड़ा वाल्मीकि](https://biharlokgeet.com/2021/10/valmiki-jayanti-2021-वाल्मीकि-जयंती-आज-जानि/) - महर्षि वाल्मीकि का संपूर्ण जीवन परिचय आज हम यहां लिखने जा रहे हैं। वाल्मीकि जयंती भारत में महत्त्वपूर्ण दिनों में से एक है और इसी की पूरी जानकारी हम यहाँ उपलब्ध करा रहे हैं। तो आप पढ़ें और अपने विचार नीचे प्रकट करें कमेंट बॉक्स में। भारत ऋषि-मुनियों और संतों तथा महान पुरुषों का देश है। - [शारदीय नवरात्रि 2021: 7 अक्टूबर से आरंभ, क्या आप जानते हैं किस कन्या के पूजन का क्या मिलेगा फल?](https://biharlokgeet.com/2021/10/शारदीय-नवरात्रि-2021-7-अक्टूबर/) - इस बार शारदीय नवरात्रि का शुभ पर्व 7 अक्टूबर (गुरुवार) से आरंभ हो रहा है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व माना गया है। खास तौर पर अ‍ष्टमी तथा नवमी तिथि को 3 से 9 वर्ष तक की कन्याओं का पूजन करने की परंपरा है। यह कन्याएं साक्षात मां दुर्गा का - [आरती देवी शैलपुत्री जी की | Aarti devi Shailputri ji ki - शैलपुत्री मां बैल असवार....](https://biharlokgeet.com/2021/09/आरती-देवी-शैलपुत्री-जी-की-aart/) - कहते हैं माँ शैलपुत्री के रूप की तरह ही मां की आरती भी अत्यंत फलदायी है। जिस घर में माँ शैलपुत्री की आरती गायी और सुनी जाती है..उस घर में हमेशा देवी का वास हो जाता है। लिहाज़ा हम आपके लिए शैलपुत्री देवी की आरती लेकर आए हैं। आप भी गाये सुने ये शुभ फल देने - [Vishwakarma Puja 2021: कब है विश्वकर्मा पूजा, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, महत्व, मंत्र, कथा, आरती, और क्या है मान्यताएं सभी जानकारी](https://biharlokgeet.com/2021/09/vishwakarma-puja-2021-कब-है-विश्वकर्मा-पूजा-ज/) - हिंदू धर्म में अधिकतर तीज-त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार ही मनाए जाते हैं लेकिन विश्वकर्मा पूजा एक ऐसा पर्व है जिसे भारतवर्ष में हर साल 17 सितंबर को ही मनाया जाता है।विश्वकर्मा पूजा आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन होती है। इस दिवस को भगवान विश्वकर्मा के समर्पण और उनके जन्मदिन के - [September Festival List 2021: सितंबर माह में पड़ेंगे ये प्रमुख व्रत त्योहार, देखें पूरी लिस्ट](https://biharlokgeet.com/2021/08/september-festival-list-2021-सितंबर-माह-में-पड़ेंग/) - भारत उत्सवों का देश है। यहां हर माह कोई न कोई उत्सव मनाया जाता है। सितंबर माह में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आएंगे।हालांकि हिंदू कैलेंडर के अनुसार ये भादों मास चल रहा है। इस महीने में मुख्य रूप से भगवान कृष्ण और गणेश जी की पूजा अर्चना की जाती है। इस माह की शुरूआत - [कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि, भोग, व्रत एवं महत्व । Krishna Janmashtami, Dahi Handi (Gokulashtami) Pooja Vidhi, vrat, mahtva in Hindi](https://biharlokgeet.com/2021/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-पूजा-वि/) - Krishna Janmashtami 2021: हिन्‍दू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी भद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी कि आठवें दिन मनाई जाती है। “नन्द के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! हाथी घोड़ा पालकी, बोलो जय कन्हैया लाल की!” देवताओं में भगवान श्री कृष्ण विष्णु के अकेले ऐसे अवतार हैं जिनके जीवन के हर पड़ाव के अलग रंग दिखाई देते - [Sawan 2021: जानिए कब से शुरू हो रहा है सावन, कब तक चलेगा और क्यों इतना पावन माना जाता है ये माह !](https://biharlokgeet.com/2021/07/sawan-2021-जानिए-कब-से-शुरू-हो-रहा-है/) - सावन माह का नाम आते ही हमारे मन में भी बादल घुमड़ने लगते हैं, ठंडी हवाओं के झौंके सुकून देने लगते हैं, तपती ज्येष्ठ और आषाढ़ में गरमी से बेहाल जी सावन में झूमने लगता है। लेकिन सावन का माह का महत्व हमारे जीवन में इतना भर नहीं है सावन माह भगवान शिव की उपासना का माह - [गुरु एवम व्यास पूर्णिमा महत्व एवम पूजा विधि । Guru Vyasa Purnima Importance and Puja Vidhi In Hindi](https://biharlokgeet.com/2021/07/गुरु-एवम-व्यास-पूर्णिमा-म/) - गुरु एवम व्यास पूर्णिमा महत्व एवम पूजा विधि । Guru Vyasa Purnima Importance and Puja Vidhi In Hindiआषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरु पूजा का विधान है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरम्भ में आती है। इस दिन से चार महीने तक परिव्राजक साधु-सन्त एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा - [अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : जानें योग की संपूर्ण जानकारी ; Everything About Yoga in hindi](https://biharlokgeet.com/2021/06/अंतर्राष्ट्रीय-योग-दिवस/) - आप शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ हैं, तो यकीन मानिए आप बेहतरीन जीवन जी रहे हैं। हालांकि, जिसे से भी पूछो, तो वो कोई न कोई परेशानी गिना ही देता है। कोई शारीरिक रूप से बीमार है, तो कोई तनाव भरी जिंदगी जी रहा है। इस स्थिति से बचने का एकमात्र उपाय योग है। - [International Yoga Day 2021 Date, History and Theme: जानें- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास, उद्देश्य और मनाने की वजह](https://biharlokgeet.com/2021/06/international-yoga-day-2021-date-history-and-theme-जानें-अंतरराष्ट्र/) - योग के अनेक लाभ हैं। इसमें सबसे प्रमुख है- अच्छा स्वास्थ्य। योग हमें तनावमुक्त जीवन जीने की तकनीक प्रदान करता है। योग सिर्फ व्यायाम नहीं है, वह हरेक परिस्थिति में आपको कुशलता से कर्म करना सिखाता है। तनावपूर्ण परिस्थितियों के रहते हुए भी आपकी मुस्कान बनाए रखना योग का उद्देश्य है। योगाभ्यास आपको सर्वोच्च सत्य के ज्ञान - [विश्व योग दिवस २१ जून २०२१ पर विशेष!! सूर्य नमस्कार : विभिन्न आसन, महत्व और विधियाँ !!](https://biharlokgeet.com/2021/06/विश्व-योग-दिवस-२१-जून-२०२१/) - सूर्य नमस्कार या सूर्य अभिवादन योगासनों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, इसे सर्वांग व्यायाम भी कहा जाता है। केवल इसका ही नियमित रूप से अभ्यास व्यक्ति को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। इसके अभ्यास से व्यक्ति का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। 'सूर्य नमस्कार' स्त्री, पुरुष, बाल, - [Vat Savitri vrat 2021: वट सावित्री व्रत शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कथा](https://biharlokgeet.com/2021/06/vat-savitri-vrat-2021-वट-सावित्री-व्रत-शुभ-मु/) - हिन्दू संस्कृति में वट सावित्री व्रत का महत्व बताया गया है। विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए इस व्रत को रखती हैं। हिन्दू धर्म के अनुसार सच्चे मन से वट सावित्री का व्रत जो महिलाएं रखती हैं उनके पति की आयु बढ़ती है। सनातन संस्कृति के अनुसार व्रत-उपवास का पालन अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए महिलाएं - [माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "निर्वाण चक्र"](https://biharlokgeet.com/2021/04/माँ-सिद्धिदात्री-माँ-दु-3/) - माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके - [Ram Navami 2021 Puja Vidhi, Muhurat: राम नवमी के पावन अवसर पर ऐसे करें भगवान राम की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि](https://biharlokgeet.com/2021/04/ram-navami-2021-puja-vidhi-muhurat-राम-नवमी-के-पावन-अवसर/) - रामनवमी पूरे भारत में मनाई जाती है। यह बहुत पवित्र दिन है।भारतीय भूमि हमेशा से ही एक पवित्र भूमि रही है, इतिहास के अनुसार यहाँ कई देवी देवताओं ने अवतार लिए है।संसार के पालनहार भगवान श्री विष्णु जी ने धर्म की स्थापना और अधर्म के समूल नाश के लिए त्रेतायुग में धरती पर मनुष्य रूप में अवतार लिया - [Chaitra Navratri 2021 Hawan Vidhi: दुर्गाष्टमी या महानवमी : कोरोना वायरस महामारी में घर पर हवन कैसे करें?](https://biharlokgeet.com/2021/04/chaitra-navratri-2021-hawan-vidhi-दुर्गाष्टमी-या-महानव/) - पुराणों के अनुसार हवन अथवा यज्ञ भारतीय परंपरा अथवा हिन्दू धर्म में शुद्धिकरण का एक कर्मकांड है। कुंड में अग्नि के माध्यम से देवता के निकट हवि पहुंचाने की प्रक्रिया को 'यज्ञ' कहते हैं। हवि, हव्य अथवा हविष्य वे पदार्थ हैं जिनकी अग्नि में आहुति दी जाती है (जो अग्नि में डाले जाते हैं।) हवन कुंड का अर्थ है हवन की अग्नि का निवास - [माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सोमचक्र"](https://biharlokgeet.com/2021/04/माँ-महागौरी-माँ-दुर्गा-क-3/) - माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं जाते। वह सभी - [Chaitra Navratri 2021: कोरोना वायरस महामारी के दौरान कन्या पूजन के लिए अपनाये ये तरीके।](https://biharlokgeet.com/2021/04/chaitra-navratri-2021-कोरोना-वायरस-महामारी-क/) - कन्या पूजा : अष्‍टमी या नवमी के दिन कन्‍या पूजन करना मंगलकारी माना जाता है।कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इन दिनों पूरा भारत घर की लक्ष्मण रेखा के अंदर ही रह रहा है।शक्ति की देवी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का यह उत्‍सव अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। नवरात्र के - [माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सहस्रार चक्र"](https://biharlokgeet.com/2021/04/माँ-कालरात्रि-माँ-दुर्ग-3/) - माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं।दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन 'सहस्रार' चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता देवी - [माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतार की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "आज्ञा चक्र"](https://biharlokgeet.com/2021/04/माँ-कात्यायनी-माँ-दुर्ग-3/) - माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतारकात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं।'कात्यायनी' अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमे भद्रकाली और चंडिका भी शामिल है, में भी प्रचलित हैं। यजुर्वेद के तैत्तिरीय आरण्यक में उनका उल्लेख प्रथम किया है। स्कन्द पुराण में उल्लेख है कि वे परमेश्वर - [माँ स्कंदमाता– माँ दुर्गा की पांचवी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति " विशुद्ध चक्र"](https://biharlokgeet.com/2021/04/माँ-स्कंदमाता-माँ-दुर्ग-3/) - माँ स्कंदमाता – माँ दुर्गा का पांचवा रूपनवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। भगवान स्कंद कुमार [कार्तिकेय] की माता होने के कारण दुर्गा जी के इस पांचवें स्वरूप को स्कंद माता नाम प्राप्त हुआ है। भगवान स्कंद जी बालरूप में माता की गोद में बैठे होते हैं इस दिन साधक - [माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा की चौथी शक्ति की पावन कथा,महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "अनाहत चक्र"](https://biharlokgeet.com/2021/04/माँ-कूष्माण्डा-माँ-दुर्-3/) - माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा का चौथा रूपनवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए।जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं - [Chaiti Chhath 2021 : 16 अप्रैल से शुरू होने जा रहे सूर्योपासना के महापर्व चैती छठ के विधान बारे में जानें](https://biharlokgeet.com/2021/04/chaiti-chhath-2021-16-अप्रैल-से-शुरू-होने-जा-र/) - चैत्र नवरात्रि की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बीच बिहार समेत देश के पूर्वांचल इलाकों में चैती छठ पूजा की भी तैयारी जारी है। छठ व्रत साल में दो बार मनाया जाता है। कार्तिक की छठ पूजा की ही तरह चैत्र माह में पड़ने वाले छठ का बहुत महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार छठ - [माँ चंद्रघंटा : माँ दुर्गा की तीसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "'मणिपूर चक्र"](https://biharlokgeet.com/2021/04/माँ-चंद्रघंटा-माँ-दुर्गा-3/) - माँ दुर्गा का तृतीय स्वरूप – माँ चंद्रघंटा ।नवरात्री में दुर्गा पूजा के मौके पर बहुत ही विधि-विधान के साथ माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है।नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है । माता का यह रूप अत्यंत सुन्दर, मोहक और आलौकिक है ।नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का - [माँ ब्रह्मचारिणी :माँ दुर्गा की दूसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "स्वाधिष्ठान चक्र"](https://biharlokgeet.com/2021/04/माँ-ब्रह्मचारिणी-माँ-दुर-3/) - Chaitra Navratri 2021, maa brahmacharini: मां ब्रह्मचारिणी मां पार्वती का दूसरा स्वरूप है। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है।नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक बेहद - [Juir / Jude Sheetal 2021 | जूड़ शीतल :- मिथिला की संस्कृति और नव वर्ष का पर्व](https://biharlokgeet.com/2021/04/juir-jude-sheetal-2021-जूड़-शीतल-मिथिला-की-सं/) - जूड़ शीतल, जीवन में शीतलता का मिलेगा आशीषआधुनिकता के इस दौर में भी मिथिलांचल के लोग अपनी परंपरा का बखूबी निर्वाह करते हैं। खास बात यह है कि उन परंपराओं के पीछे भी कई खूबसूरत उद्देश्य छिपे रहते हैं जिससे आम जन मानस का जीवन जुड़ा हुआ है। उनकी भलाई निहित रहती है। मिथिलांचल सहित पूरे बिहार में मनाया जाने वाला प्रकृति - [Mesha Sankranti 2021 :सतुआन पर्व: 14 अप्रैल को सूर्य का मेष राशि में प्रवेश, खरमास समाप्त व शुभ कार्य प्रारम्भ](https://biharlokgeet.com/2021/04/mesha-sankranti-2021-सतुआन-पर्व-14-अप्रैल-को-स/) - भारतीय संस्कृति अनेकता में एकता का मूल भाव ही पूरी दुनिया को भारत के करीब लाता है। इसी मूल भावना को मजबूत करने वाले अलग-अलग धर्मों के अनेक त्योहार यहां साल भर मनाए जाते हैं। मेष संक्रान्ति एक ऐसा ही राष्ट्रीय त्योहार है। जिसे देश के विभिन्न भागों में रहने वाले सभी धर्मपंथ के लोग अलग-अलग तरीके से मनाते हैं।मेष संक्रान्ति पुण्य - [Chaitra Navratri 2021 Ghatasthapana: चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना की सामग्री, सही विधि एवं नवरात्रि पर क्यों स्थापित किया जाता है कलश जानिए महत्व](https://biharlokgeet.com/2021/04/chaitra-navratri-2021-ghatasthapana-चैत्र-नवरात्रि-में-क/) - प्रत्येक वर्ष में दो बार नवरात्रे आते है। चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरु होकर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि तक चलने वाले नवरात्र चैत्र नवरात्र व वासंती नवरात्र कहे जाते हैं। यह वर्ष के पहले नवरात्रे भी होते हैं। इसके पश्चात शरद ऋतु के आरंभ में आश्विन माह में - [Hindu Nav Varsh / New Year 2021 :13 अप्रैल से हिंदू विक्रम संवत् 2078 आरंभ, जानें हिंदू नववर्ष की प्रमुख बातें](https://biharlokgeet.com/2021/04/hindu-nav-varsh-new-year-2021-13-अप्रैल-से-हिंदू-विक्/) - हिन्दू कैलेंडर का आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष का प्रारंभ होगा। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी पहली ति​थि से हिन्दू नववर्ष 2078 का प्रारंभ हो जाएगा। चैत्र अमावस्या आज (12 अप्रैल) यानी सोमवार को चैत्र मास की अमावस्या है। अमावस्या के सा​थ ही - [माँ शैलपुत्री - नवरात्र का पहला दिन, माँ दुर्गा के स्वरूप शैलपुत्री की पूजा विधि](https://biharlokgeet.com/2021/04/माँ-शैलपुत्री-नवरात्र-का-2/) - शैलपुत्रीअनंत शक्तियों से संपन्न हैं नवरात्रि की पहली देवी मां शैलपुत्री का स्वरूप नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर दुर्गा देवी के नौ रूपों की पूजा-उपासना बहुत ही विधि विधान से की जाती है। इन रूपों के पीछे तात्विक अवधारणाओं का परिज्ञान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है। आइए जानते हैं मां - [Chaitra Navratri 2021: कल से शुरु हो रही है चैत्र नवरा​त्रि, जानें कब है राम नवमी और महाष्टमी](https://biharlokgeet.com/2021/04/chaitra-navratri-2021-कल-से-शुरु-हो-रही-है-चैत्/) - धर्म ग्रंथों एवं पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्रों का समय बहुत ही भाग्यशाली बताया गया है। नवरात्र वह समय है, जब दोनों ऋतुओं का मिलन होता है। इस संधि काल मे ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के रूप में हम तक पहुँचती हैं, प्रकृति में हर ओर नये जीवन का, एक नई उम्मीद का बीज अंकुरित होने - [महाशिवरात्रि 2021 – जानें राशि के अनुसार शिव मंत्र एवं पूजा विधि, मिलेंगे शुभ फल](https://biharlokgeet.com/2021/03/महाशिवरात्रि-2021-जानें-राश/) - हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक महाशिवरात्रि इस वर्ष दिन बृहस्पतिवार, दिनांक 11 मार्च 2021 को मनाया जाएगा। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने पर जातक को विशेष फल प्राप्त होता है। इस लेख में हम आपको आपकी राशि के अनुसार देवों के देव महादेव के कुछ ऐसे - [देवों के देव महादेव की आराधना पर्व महाशिवरात्रि 11 मार्च को, जानिए सही तिथि, पूजा मुहूर्त,पूजन विधि,पारण समय, महत्व और कथा के बारे में।](https://biharlokgeet.com/2021/03/देवों-के-देव-महादेव-की-आरा/) - जिनकी कृपा है सबसे भारी, तो होंगें फिर भोले भंडारी।रहतें हैं लगाकर भस्म, अनोखी इनकी हर एक रस्म।कितने सर्प हैं करते सेवा, रहते शांत अक्सर महादेवा।पर इनका तांडव जब होता, काल भी इनके आगे रोता।इनकी शक्ति है आपार, कर सकतें हैं जग संहार।देवों के देव महादेव की पूजा का सबसे उत्तम दिन महाशिवरात्रि आने वाली - [Vasant Panchami 2021 बसंत पंचमी : जानें किस तरह हुआ मां सरस्वती का प्राकट्य, पूजा विधि, महत्व, नियम, कथा और अन्य सभी जानकारी](https://biharlokgeet.com/2021/02/vasant-panchami-2021-बसंत-पंचमी-जानें-किस-तर/) - जब खेतों में सरसों फूली हो, आम की डाली बौर से झूली हों, जब पतंगें आसमां में लहराती हैं, मौसम में मादकता छा जाती है, तो रुत प्यार की आ जाती है, जो बसंत ऋतु कहलाती है। सिर्फ खुशगवार मौसम, खेतों में लहराती फसलें व पेड़-पौधों में फूटती नई कोपलें ही बसंत ऋतु की विशेषता - [Mauni Amavasya 2021: आज है मौनी अमावस्या, जानें तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि ,मौन व्रत महत्व,कथा एवं मौनी अमावस्या के उपाय](https://biharlokgeet.com/2021/02/mauni-amavasya-2021-आज-है-मौनी-अमावस्या-जान/) - माघ के महीने को हिंदू धर्म ग्रंथों में बहुत पवित्र माना जाता है। इस मास के हर दिन को स्नान-दान आदि के लिये बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन माघ मास के ठीक मध्य में अमावस्या के दिन का तो बहुत विशेष महत्व माना जाता है। दरअसल मान्यता यह है कि इस दिन पवित्र - [Masik Shivratri February 2021: आज है मासिक शिवरात्रि, जानें मुहूर्त, तिथि,महत्व, कथा एवं यह पर्व बारहों माह में किन तिथियों पर पड़ने वाला है इसकी जानकारी](https://biharlokgeet.com/2021/02/masik-shivratri-february-2021-आज-है-मासिक-शिवरात्रि/) - शिवरात्रि शिव और शक्ति के आराधना का महान पर्व है। इस पर्व का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। माना जाता है कि शिवरात्रि के मध्य रात्रि में भगवान शिव एक लिंग के रुप में प्रकट हुए थे। यह रात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की मध्य रात्रि थी। तब से इस - [Ekadashi 2021 List In Hindi: यहां जानें साल 2021 के सभी एकादशी व्रत, देखें तारीखें](https://biharlokgeet.com/2021/02/ekadashi-2021-list-in-hindi-यहां-जानें-साल-2021-के-सभी/) - नया साल 2021 का प्रारंभ हो गया है। हिन्दू धर्म के व्रत एवं त्योहारों का प्रारंभ भी नए साल से हो जाएगा। इसके लिए अक्सर लोग कैलेंडर देखते हैं कि कब कौन सा व्रत व त्योहार है। वहीं हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का बड़ा महत्व है और हर महीने दो एकादशी के व्रत - [Shattila Ekadashi 2021: जानिए कब है षट्तिला एकादशी, साथ ही जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी ये प्रचलित व्रत कथा](https://biharlokgeet.com/2021/02/shattila-ekadashi-2021-जानिए-कब-है-षट्तिला-एका/) - सनातन धर्म में पूरे वर्ष में 24 एकादशी के व्रत पड़ते हैं यानि हर माह में 2 एकादशी। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का अत्यधिक महत्व होने के साथ ही एकादशी के व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है।इन्हीं एकादशियों में से एक षट्तिला एकादशी का भी अपना एक अलग महत्व है। षट्तिला - [February 2021 Vrat & Festivals List: फरवरी में मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी सहित पड़ेंगे ये व्रत-त्योहार, देखें सूची](https://biharlokgeet.com/2021/02/february-2021-vrat-festivals-list-फरवरी-में-मौनी-अमावस/) - फरवरी 2021 में कई महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार पड़ रहे हैं।भारत में विभिन्न धर्मों के पर्व-त्योहारों को लोग बेहद खुशी-खुशी मनाते हैं। हिंदू धर्म में व्रत-त्योहार पूरे विधि-विधान से मनाए जाते हैं। हिंदू पंचांग के मुताबिक फरवरी माह की शुरुआत माघ महीने के साथ हो रही है जिसे सनातन धर्म में विशेष माना गया है। - [वर्ष 2021 में "पंचक" कब-कब - क्यों नहीं किये जाते इसमें शुभ कार्य ?](https://biharlokgeet.com/2021/01/वर्ष-2021-में-पंचक-कब-कब-क्यों/) - प्राचीन ज्योतिष शास्त्र में मुहूर्त अर्थात काल और समय का विशेष महत्व माना गया है। मुहूर्त में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति की गणना के आधार पर किसी भी कार्य के लिए शुभ-अशुभ होने पर विचार किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र की मान्यता अनुसार, कुछ नक्षत्रों या ग्रह संयोग में शुभ कार्य करना बहुत ही अच्छा माना - [Paush Amavasya 2021: पौष अमावस्या कब है? इस दिन पितृ दोष से मुक्ति मिलने की है मान्यता, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व](https://biharlokgeet.com/2021/01/paush-amavasya-2021-पौष-अमावस्या-कब-है-इस-दि/) - सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत महत्व है। अमावस्या को पूर्वजों का दिन कहते हैं, इस दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देता है। हिंदू पंचांग के हिसाब से कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि को अमावस्या होती है। यह चंद्रमा की गति के हिसाब से हर महीने आती है। जो अमावस्या पौष मास के कृष्ण पक्ष - [हिंदू पंचांग क्या हैं? – हिंदू मास के नाम व तिथियां 2021](https://biharlokgeet.com/2021/01/हिंदू-पंचांग-क्या-हैं-हि/) - अंग्रेजी महीनों के नाम तो आप सभी को पता ही होंगे। जब भी कोई पूछता है कि एक वर्ष में कौन-कौन से महीने होते हैं तो हम सभी जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई आदि 12 महीनों के नाम लेने लगते हैं। हालांकि, यह अंग्रेजी कैलेंडर के नाम हैं। लेकिन हिन्दू पंचांग क्या हैं और हिन्दू - [Makar Sankranti 2021 Date: मकर संक्रांति के दिन स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पौराणिक कथाएं, मंत्र व फल और अन्य जानकारियां :-](https://biharlokgeet.com/2021/01/makar-sankranti-2021-date-मकर-संक्रांति-के-दिन-स/) - क्या है मकर संक्रांति?मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का प्रमुख पर्व है।मकर संक्रांति में 'मकर' शब्द मकर राशि के बारे में बताता है जबकि 'संक्रांति' का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है। ज्योतिष के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर दूसरे में प्रवेश करने की इस विस्थापन क्रिया को संक्रांति कहते हैं।मकर संक्रांति को - [Mokshada Ekadashi 2020 Date: मोक्षदा एकादशी के व्रत से दूर होंगे सभी दुख,जानें तिथि, मुहूर्त, व्रत विधि, महत्व ,व्रत को रखने के नियम, कथा, क्या करें और क्या न करें?](https://biharlokgeet.com/2020/12/mokshada-ekadashi-2020-date-मोक्षदा-एकादशी-के-व्र/) - एकादशी उपवास का हिंदुओं में बहुत अधिक महत्व माना जाता है। सभी एकादशियां पुण्यदायी मानी जाती है। मनुष्य जन्म में जाने-अंजाने कुछ पापकर्म हो जाते हैं। यदि आप इन पापकर्मों का प्रायश्चित्त करना चाहते हैं तो एकादशी उपवास आपको जरुर करना चाहिए। एक वर्ष में अधिकमास को मिलाकर 26 एकादशियां आती हैं। हर एकादशी तिथि - [सोमवती / मार्गशीर्ष अमावस्या 2020 : जानिये सोमवती अमावस्‍या की तिथि, पर्व स्‍नान, व्रत कथा, पूजा विधि, महत्‍व और धार्मिक मान्‍यता](https://biharlokgeet.com/2020/12/सोमवती-मार्गशीर्ष-अमावस/) - मार्गशीर्ष अमावस्या : व्रत रखकर इस काम से प्रसन्न हो जाते हैं पूर्वज पितृहिन्दू कैलेंडर में अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस दिन कई प्रकार के धार्मिक कार्य किए जाते हैं।मार्गशीर्ष माह के संदर्भ में कहा गया है कि इस माह का संबंध मृगशिरा नक्षत्र से होता है। ज्योतिष के अनुसार इस माह की - [Utpanna Ekadashi 2020 Date: कब है उत्पन्ना एकादशी, जानें तिथि, मुहूर्त, व्रत विधि, महत्व ,व्रत को रखने के नियम, कथा, क्या करें और क्या न करें?](https://biharlokgeet.com/2020/12/utpanna-ekadashi-2020-date-कब-है-उत्पन्ना-एकादशी/) - हिन्दू धर्म में उत्पन्ना एकादशी व्रत का बड़ा महत्व है। हिंदू पंचांग के मुताबिक अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन उत्पन्ना एकादशी व्रत मनाया जाएगा।ग्रेगोरियन कैलेंडर की मानें तो इस साल उत्पन्ना एकादशी व्रत 10 और 11 दिसंबर को रखा जा रहा है। 10 दिसंबर को स्मार्त जबकि 11 दिसंबर, - [December Festival List 2020: दिसंबर में भी पड़ने वाले है कई व्रत-त्योहार, सूर्य ग्रहण समेत दो खगोलिय घटनाओं के भी बनेंगे साक्षी, देखें त्योहारों की पूरी सूची](https://biharlokgeet.com/2020/12/december-festival-list-2020-दिसंबर-में-भी-पड़ने-वा/) - नवंबर माह में बड़े-बड़े त्योहार पड़ते हैं, जैसे दिवाली, छठ पूजा, भाई दूज आदि, लेकिन अब नवंबर का महीना खत्म हो चुका है और दिसंबर की शुरूआत हो गई है, साल 2020 के आखिरी महीने में पड़ने वाले त्योहारों के बारे में हम आपको बताएंगे, 14 दिसंबर 2020 को अमावस्या के दौरान पूर्ण सूर्य ग्रहण - [Kartik Purnima 2020 : 30 नवंबर को है कार्तिक पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और व्रत कथा](https://biharlokgeet.com/2020/11/kartik-purnima-2020-30-नवंबर-को-है-कार्तिक-पूर/) - कार्तिक पूर्णिमा सभी पूर्णिमाओं में श्रेष्‍ठ मानी जाती है।कार्तिक महीने की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा, त्रिपुरी पूर्णिमा और गंगा स्नान के नाम से भी जाना जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन भगवान शिव ने देवलोक पर हाहाकार मचाने वाले त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का संहार किया था। उसके वध की खुशी में देवताओं ने इसी दिन दीपावली मनाई थी। हर - [देव उठनी ग्यारसः तुलसी माता की आरती](https://biharlokgeet.com/2020/11/देव-उठनी-ग्यारसः-तुलसी-मा/) - हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान विष्णु ने तुलसी (वृंदा) से विवाह किया था और उन्हें वरदान दिया था की कोई भी मनुष्य मेरे शालिग्राम रूप के साथ तुलसी का विवाह करेगा उसे इस लोक और परलोक में विपुल यश प्राप्त होगा। आज हम आपके साथ तुलसी जी की आरती हिन्दी तथा इंग्लिश मे साझा कर - [Dev Uthani Ekadashi 2020: इस तरह करें तुलसी विवाह, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कथा](https://biharlokgeet.com/2020/11/dev-uthani-ekadashi-2020-इस-तरह-करें-तुलसी-विवा/) - हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार देवउठनी एकादशी के दिन सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्‍णु चार महीने की योग निद्रा के बाद जाग्रत होते हैं। मान्‍यता है कि इस दिन तुलसी विवाह के माध्‍यम से उनका आह्वाहन कर उन्‍हें जगाया जाता है।इस दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी के पौधे का विवाह हिन्‍दू रीति-रिवाज से संपन्‍न किया - [देव उठनी एकादशी 2020 : देव जगाने का गीत](https://biharlokgeet.com/2020/11/देव-उठनी-एकादशी-2020-देव-जगाने/) - 25 नवंबर 2020 को देवऊठनी एकादशी अथवा हरिप्रबोधिनी एकादशी मनाई जाएगी। कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव उठनी एकादशी कहते हैं। इस दिन विष्णु भगवान चार माह बाद अपनी निद्रा से जागते हैं। इस एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जानते हैं। इस दिन जमीन पर गेरू व खड़िया मिट्टी से देवी - [देवोत्थान एकादशी 2020 : हरि प्रबोधिनी एकादशी व्रतकथा, पढ़ें ब्रह्मा-नारद का संवाद](https://biharlokgeet.com/2020/11/देवोत्थान-एकादशी-2020-हरि-प्र/) - ॐ नमो वासुदेवाय नम: ब्रह्मा हिन्दू धर्म में एक प्रमुख देवता हैं। उन्हें सृष्टि का रचयिता कहा जाता है। पढ़ें परमपिता ब्रह्मा द्वारा किया गया देव प्रबोधिनी एकादशी का वर्णन। ब्रह्माजी बोले- हे मुनिश्रेष्ठ! अब पापों को हरने वाली पुण्य और मुक्ति देने वाली एकादशी का माहात्म्य सुनिए। पृथ्वी पर गंगा की महत्ता और समुद्रों तथा तीर्थों - [Dev Uthani Ekadashi 2020: कब है देवउठनी एकादशी, जानिए पूजन विधि व मुहूर्त, महत्व,पौराणिक व्रत कथा और क्या करें क्या न करें](https://biharlokgeet.com/2020/11/dev-uthani-ekadashi-2020-कब-है-देवउठनी-एकादशी-ज/) - हिंदू धर्म में सबसे शुभ और पुण्यदायी मानी जाने वाली एकादशी, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है। यह देवउठनी एकादशी 25 नवंबर, बुधवार को है, जिसे हरिप्रबोधिनी और देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार देवशयनी एकादशी के बाद भगवान श्री हरि यानि की विष्णु जी - [कब है दीपावली 2020: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि,महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में सुख-समृद्धि लाने तक की पूजा |](https://biharlokgeet.com/2020/11/कब-है-दीपावली-2020-ऐसे-समझें-इस/) - दीपावली या दिवाली हिन्दू धर्मं का सबसे महान पर्व माना जाता हैं, जिसे हर भारतवासी प्रति वर्ष हर्षोल्लास से मानते हैं।दिपावली शब्द दीप एवं आवली की संधि से बना है। दीप का अर्थ दीपक और आवली का अर्थ पंक्ति से है। इस प्रकार दिपावली का मतलब हुआ दीपों की पंक्ति। दीपों का यह त्योहार अमावस्या के दिन मनाया जाता है। जिस दिन आसमान में अंधेरा छाया रहता है और दीपों की इस रोशनी से - [नवंबर 2020 : जानिए इस माह के प्रमुख तीज, त्योहार, दिवस और पर्व](https://biharlokgeet.com/2020/11/नवंबर-2020-जानिए-इस-माह-के-प्र/) - अनेक विविधताओं से भरे भारत देश में ऐसा कोई माह नहीं है, जिसमें कोई बड़ा त्योहार नहीं मनाया जाता है। भारत में हर माह किसी न किसी धर्म, जाति या समुदाय से जुड़ा हुआ त्योहार, प्रथा या रिवाज जरूर मनाया जाता है। यदि नवंबर माह यानी कार्तिक मास की बात की जाए तो दीपावली के - [Kojagara/Lakshmi puja 2020: कब है कोजागरा लक्ष्मी व्रत, मिथिला में क्यों है इस पर्व का खास महत्त्व](https://biharlokgeet.com/2020/10/kojagara-lakshmi-puja-2020-कब-है-कोजागरा-लक्ष्मी/) - कार्तिक पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है। मिथिलांचल में इस दिन कोजागरा का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व में पान, मखाना और मिठाई का विशेष महत्व होता है।धार्मिक ग्रंथों के अनुसार आश्विन माह की पूर्णिमा को कोजागरा व्रत मनाई जाती है। इसे लक्ष्मी पूजा भी कहते है।ज्‍योतिषशास्त्र के अनुसार, पूरे साल में केवल - [माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "निर्वाण चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/10/माँ-सिद्धिदात्री-माँ-दु-4/) - माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके - [शारदीय नवरात्रि 2020: ऐसे करे कोरोना काल में अष्‍टमी या नवमी के दिन कन्‍या पूजन मिलेगा व्रत का पूरा फल।](https://biharlokgeet.com/2020/10/शारदीय-नवरात्रि-2020-ऐसे-करे-क/) - कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इन दिनों पूरा भारत घर की लक्ष्मण रेखा के अंदर ही रह रहा है।शक्ति की देवी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का यह उत्‍सव अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। नवरात्र के आठवें और नौवें दिन यानी कि अष्‍टमी और नवमी को कन्‍या पूजन कर व्रत - [माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सोमचक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/10/माँ-महागौरी-माँ-दुर्गा-क-4/) - माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कलेश धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं जाते। वह सभी - [माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सहस्रार चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/10/माँ-कालरात्रि-माँ-दुर्ग-4/) - माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं।दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन 'सहस्रार' चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालरात्रि को व्यापक रूप से माता देवी - काली, - [Navratri 2020: क्या आप जानते हैं औषधियों में विराजमान हैं नवदुर्गा?। Do you know Navadurga is enshrined in medicines?](https://biharlokgeet.com/2020/10/navratri-2020-क्या-आप-जानते-हैं-औषधियो/) - औषधि में बसे दुर्गा माता के 9 रूप करते है भीषण रोगों का उपचार दुर्गा माँ अपने भक्तों की रक्षा भिन्न भिन्न रूपों में भिन्न भिन्न तरीकों से करती है। क्या आप जानते है कि दुर्गा के हर रूप से एक विशेष औषधि भी जुड़ी होती है।एक मत यह कहता है कि ब्रह्माजी के दुर्गा - [माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतार की पावन कथा, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "आज्ञा चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/10/माँ-कात्यायनी-माँ-दुर्ग-4/) - माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतारकात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं।'कात्यायनी' अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमे भद्रकाली और चंडिका भी शामिल है, में भी प्रचलित हैं। यजुर्वेद के तैत्तिरीय आरण्यक में उनका उल्लेख प्रथम किया है। स्कन्द पुराण में उल्लेख है कि वे परमेश्वर - [माँ स्कंदमाता– माँ दुर्गा की पांचवी शक्ति की पावन कथा, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति " विशुद्ध चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/10/माँ-स्कंदमाता-माँ-दुर्ग-4/) - माँ स्कंदमाता – माँ दुर्गा का पांचवा रूपनवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। भगवान स्कंद कुमार [कार्तिकेय] की माता होने के कारण दुर्गा जी के इस पांचवें स्वरूप को स्कंद माता नाम प्राप्त हुआ है। भगवान स्कंद जी बालरूप में माता की गोद में बैठे होते हैं इस दिन साधक - [माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा की चौथी शक्ति की पावन कथा,महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "अनाहत चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/10/माँ-कूष्माण्डा-माँ-दुर्-4/) - माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा का चौथा रूपनवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए।जब - [माँ चंद्रघंटा : माँ दुर्गा की तीसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "'मणिपूर चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/10/माँ-चंद्रघंटा-माँ-दुर्गा-4/) - माँ दुर्गा का तृतीय स्वरूप – माँ चंद्रघंटा ।नवरात्री में दुर्गा पूजा के मौके पर बहुत ही विधि-विधान के साथ माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है।नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है । माता का यह रूप अत्यंत सुन्दर, मोहक और आलौकिक है ।नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का - [माँ ब्रह्मचारिणी :माँ दुर्गा की दूसरी शक्ति की पावन कथा, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "स्वाधिष्ठान चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/10/माँ-ब्रह्मचारिणी-माँ-दुर-4/) - Shardiya Navratri 2020, maa brahmacharini: मां ब्रह्मचारिणी मां पार्वती का दूसरा स्वरूप है। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है।नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक बेहद - [नवरात्रि की पहली देवी शैलपुत्री की आरती : शैलपुत्री मां बैल पर सवार, करें देवता जय जयकार](https://biharlokgeet.com/2020/10/नवरात्रि-की-पहली-देवी-शैल/) - नवरात्रि के पहले दिन की जाती है मां शैलपुत्री की पूजा। कहते हैं मां शैलपुत्री के रूप की तरह ही मां की आरती भी अत्यंत फलदायी है। जिस घर में मां शैलपुत्री की आरती पढ़ी और सुनी जाती है..उस घर में हमेशा देवी का वास हो जाता है। लिहाजा हम यहां आपके लिए शैलपुत्री देवी - [एकादशी के दिन करें यह पावन आरती : ॐ जय एकादशी माता](https://biharlokgeet.com/2020/10/एकादशी-के-दिन-करें-यह-पावन/) - हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार व्रत करने से शारीरिक, मानसिक पवित्रता आती है। लोग अलग-अलग प्रकार के व्रत रखते हैं। इनमें से एक व्रत एकादशी का भी है। एकादशी व्रत को बेहद फलदायक माना जाता है। एक महीने में दो एकादशी होती है। इसी तरह साल में 24 और हर तीसरे साल अधिक मास - [विष्णु मंत्र : इन मंत्रों के बिना अधूरी है श्री‍हरि विष्णु की पूजा, एकादशी के दिन जरूर जपें, मिलेगा धन-वैभव...](https://biharlokgeet.com/2020/10/विष्णु-मंत्र-इन-मंत्रों-क/) - शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन भगवान विष्णु के मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी रहता है।विशेषकर एकादशी पर भगवान विष्‍णु के नामों का जप, उनके मंत्रों के जाप का काफी महत्‍व है। कहा जाता है कि इस दिन नारायण हरि की पूजा करने से मनचाहा वरदान मिलता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन भगवान श्रीहरि का - [श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्रम :- जानें मनोकामनायें पूर्ण करने वाले विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र तथा उसकी विशेषतायें](https://biharlokgeet.com/2020/10/श्री-विष्णु-सहस्त्रनाम-स/) - विष्णु सहस्रनाम में विष्णु को शम्भु, शिव, ईशान और रुद्र के नाम से सम्बोधित किया गया है, जो इस तथ्य को प्रतिपादित करता है कि शिव और विष्णु एक ही है। आदि शंकराचार्य ने भी इस बात की पुष्टि की है। पाराशर भट्टर ने विष्णु को शिव के नाम से सम्बोधित किये जाने को विशेषण - [Parama Ekadashi 2020 Date : परम एकादशी 2020 में कब है, जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व,पूजा विधि, नियम और कथा](https://biharlokgeet.com/2020/10/parama-ekadashi-2020-date-परम-एकादशी-2020-में-कब-है-ज/) - हिन्दी पंचांग के अनुसार, इस वर्ष परम एकादशी 13 अक्टूबर दिन मंगलवार को है।परम एकादशी व्रत हमेशा अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है।परम एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के सभी सुखों की प्राप्ति - [Adhik Mass Purnima 2020: श्री सत्यनारायण कथा | Shri Satyanarayan Katha](https://biharlokgeet.com/2020/09/adhik-mass-purnima-2020-श्री-सत्यनारायण-कथा-shri-satyanarayan/) - सत्यनारायण कथा सनातन (हिंदू) धर्म के अनुयायियों में लगभग पूरे भारतवर्ष में प्रचलित है। सत्यनारायण भगवान विष्णु को ही कहा जाता है भगवान विष्णु जो कि समस्त जग के पालनहार माने जाते हैं। लोगों की मान्यता है कि भगवान सत्यनारायण का व्रत रखने उनकी कथा सुनने से मनुष्य मात्र के सभी कष्ट मिट जाते हैं। - [Adhik Mass Purnima 2020: अधिकमास पूर्णिमा कल, धन पाने के लिए करें ये 7 काम](https://biharlokgeet.com/2020/09/adhik-mass-purnima-2020-अधिकमास-पूर्णिमा-कल-धन/) - इस समय मलमास या अधिकमास चल रहा है। ये माह पूजा, हवन और यज्ञ आदि के लए श्रेष्ठ माना जाता है। मलमास तीन साल में एक बार आता है इसलिए इस मास में पड़ने वाली पूर्णिमा भी तीन साल में एक बार आती है। इस बार पूर्णिमा 1 अक्टूबर को पड़ रही है।अधिकमास में भगवान - [Adhik Maas Purnima 2020: कल मनाई जाएगी अधिक मास पूर्णिमा व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा और महत्व](https://biharlokgeet.com/2020/09/adhik-maas-purnima-2020-कल-मनाई-जाएगी-अधिक-मास/) - आश्विन अधिकमास की पूर्णिमा 1 अक्टूबर 2020 को आ रही है। अधिकमास, पुरुषोत्तम मास या मलमास की पूर्णिमा अत्यंत विशेष होती है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन लक्ष्मी नारायण की पूजा, दान-पुण्य व पवित्र नदी में स्नान का विधान है। पूर्णिमा के दिन चांद अपनी पूरी आकृति में होता है।इस दिन भगवान विष्णु के साथ - [October 2020: पूर्णिमा व्रत, नवरात्रि, दशहरा, शरद पूर्णिमा समेत ये हैं अक्टूबर के व्रत-त्‍योहार](https://biharlokgeet.com/2020/09/october-2020-पूर्णिमा-व्रत-नवरात्रि/) - अक्तूबर का महीना बड़े-बड़े पर्व तथा व्रत-त्योहारों के नाम रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार अक्टूबर के महीने में कई बड़े और महत्वपूर्ण तीज-त्योहार मनाए जाएंगे। इसी महीने दुर्गा पूजा, रामलीला, शरद पूर्णिमा जैसे बड़े पर्व आएंगे।अक्टूबर 2020 का पंचांग कहता है कि आश्विन पूर्णिमा, इंटरनेशनल कॉफी डे, 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती, लाल - [भगवान विश्वकर्मा जी की आरती | Shri Vishwakarma Ji Aarti](https://biharlokgeet.com/2020/09/भगवान-विश्वकर्मा-जी-की-आर/) - भगवान विश्वकर्मा जी की आरती ॐ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के कर्ता रक्षक श्रुति धर्मा ॥1॥ आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया। शिल्प शस्त्र का जग में, ज्ञान विकास किया ॥2॥ ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नही पाई। ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि आई॥3॥ - [श्री विश्वकर्मा भगवान की स्तुति](https://biharlokgeet.com/2020/09/श्री-विश्वकर्मा-भगवान-की/) - श्री विश्वकर्मा भगवान की प्रात: कालीन स्तुति श्री विश्वकर्मा विश्व के भगवान सर्वाधारणम् । शरणागतम् शरणागतम् शरणागतम् सुखाकारणम् ।। कर शंख चक्र गदा मद्दम त्रिशुल दुष्ट संहारणम् । धनुबाण धारे निरखि छवि सुर नाग मुनि जन वारणम् ।। डमरु कमण्डलु पुस्तकम् गज सुन्दरम् प्रभु धारणम् । संसार हित कौशल कला मुख वेद निज उच्चारणम् ।। - [भगवान श्री विश्वकर्मा का पावन चालीसा | Shri Vishwakarma Ji Chalisa](https://biharlokgeet.com/2020/09/भगवान-श्री-विश्वकर्मा-का/) - भगवान श्री विश्वकर्मा का पावन चालीसा ।।दोहा।। श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊँ, चरणकमल धरिध्य़ान । श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान ।। ।।चौपाई।। जय श्री विश्वकर्म भगवाना । जय विश्वेश्वर कृपा निधाना ।। शिल्पाचार्य परम उपकारी । भुवना-पुत्र - [भगवान विश्वकर्मा कथा: धन-धान्य, पुत्र और सुखी जीवन की इच्छा है तो पढ़ें...](https://biharlokgeet.com/2020/09/भगवान-विश्वकर्मा-कथा-धन-ध/) - श्री विश्वकर्मा कथा पहला अध्याय दूसरा अध्याय तीसरा अध्याय चौथा अध्याय पांचवां अध्याय छटवां अध्याय सातवां अध्याय पहला अध्याय एक समय अनेक ऋषिगण धर्मक्षेत्र में एकत्र हुए और वहां धर्म के तत्व जानने वाले सूत जी से ऋषि कहने लगें - हे पुराण के मर्मज्ञ, महात्मने, आप हमारे ऊपर अत्यंत कृपा - [Hindi Diwas 2020: 14 सितंबर को है हिंदी दिवस, जानिये इसका इतिहास, महत्‍व, रोचक तथ्‍य सहित इसके बारे में सब कुछ](https://biharlokgeet.com/2020/09/hindi-diwas-2020-14-सितंबर-को-है-हिंदी-दिवस/) - आपके मन में सवाल उठता होगा कि हिंदी तो एक भाषा है। इसका कोई एक दिन कैसे हो सकता है। क्‍या इस दिन के पहले हिंदी का अस्तित्‍व नहीं था। ऐसे ही सारे सवालों एवं जिज्ञासाओं का हम यहां समाधान करने जा रहे हैं। हिंदी केवल एक भाषा ही नहीं बल्कि भावनाओं का उमड़ता सैलाब - [श्री पितर जी की आरती | Shri Pitar Ji ki Aarti in Hindi](https://biharlokgeet.com/2020/09/श्री-पितर-जी-की-आरती-shri-pitar-ji-ki-aarti-in-hindi/) - श्री पितर जी की आरती | Shri Pitar Ji ki Aarti in Hindi जय जय पितर महाराज, मैं शरण पड़यों हूँ थारी। शरण पड़यो हूँ थारी बाबा, शरण पड़यो हूँ थारी।। आप ही रक्षक आप ही दाता, आप ही खेवनहारे। मैं मूरख हूँ कछु नहिं जाणूं, आप ही हो रखवारे।। जय।। आप खड़े हैं हरदम - [Jivitputrika Vrat 2020 Puja Vidhi: संतान के दीर्घायु के लिए रखते हैं जीवित्पुत्रिका व्रत, जानें तिथि, पूजा विधि ,पूजा कथा और महत्व](https://biharlokgeet.com/2020/09/jivitputrika-vrat-2020-puja-vidhi-संतान-के-दीर्घायु-के/) - भारत एक ऐसा देश है, जहां बहुत सारी संस्कृतियां और रीति रिवाज हैं।हमारे देश में भक्ति एवं उपासना का एक रूप उपवास हैं जो मनुष्य में संयम, त्याग, प्रेम एवं श्रध्दा की भावना को बढ़ाते हैं। उन्हीं में से एक हैं जीवित्पुत्रिका व्रत। यह व्रत संतान की मंगल कामना के लिए किया जाता हैं। यह व्रत - [श्री पितर चालीसा | Shree Pitar Chalisa](https://biharlokgeet.com/2020/09/श्री-पितर-चालीसा-shree-pitar-chalisa/) - श्री पितर चालीसा | Shree Pitar Chalisa ।।दोहा।। हे पितरेश्वर आपको दे दियो आशीर्वाद, चरणाशीश नवा दियो रख दो सिर पर हाथ । सबसे पहले गणपत पाछे घर का देव मनावा जी, हे पितरेश्वर दया राखियो करियो मन की चाया जी ।। ।।चौपाई।। पितरेश्वर करो मार्ग उजागर । चरण रज की मुक्ति सागर ।। परम उपकार - [Pitri Paksha 2020: पितृ पक्ष तिथि, नियम, विधि, भोजन, महत्व और कथा श्राद्ध में इन बातों का रखें विशेष ध्यान](https://biharlokgeet.com/2020/09/pitri-paksha-2020-पितृ-पक्ष-तिथि-नियम-विध/) - Pitra Paksha 2020: भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से आश्विन माह की सर्वपितृ अमावस्या तक 16 दिनों तक श्राद्ध पक्ष चलता है। हिंदू धर्म में वैदिक परंपरा के अनुसार अनेक रीति-रिवाज़, व्रत-त्यौहार व परंपराएं मौजूद हैं। हिंदूओं में जातक के गर्भधारण से लेकर मृत्योपरांत तक अनेक प्रकार के संस्कार किये जाते हैं।अंत्येष्टि को - [गणेश जी की आरती: जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा](https://biharlokgeet.com/2020/08/गणेश-जी-की-आरती-जय-गणेश-जय-ग/) - श्री गणेश आरती जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया । बांझन को - [Anant Chaturdashi 2020 : ऐसे रखें अनंत चतुर्दशी का व्रत, जानिए पूजा विधि, महत्त्व और कथा](https://biharlokgeet.com/2020/08/anant-chaturdashi-2020-ऐसे-रखें-अनंत-चतुर्दशी/) - अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु के अनंत रूप की आराधना के लिए मनाई जाती है। प्रभु अनंत हैं, वह कण कण में व्याप्त हैं, और अनंत चतुर्दशी इन्हीं प्रभु की अनंतता का बोध कराती है। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है और वर्ष में केवल एक ही बार आता है।इस - [श्री सत्यनारायण जी आरती | Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti](https://biharlokgeet.com/2020/08/श्री-सत्यनारायण-जी-आरती-shri-satyanara/) - श्री सत्यनारायणजी की आरती जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी, जन-पातक-हरणा ॥ जय लक्ष्मी... ॥ रत्न जड़ित सिंहासन, अद्भुत छवि राजे । नारद करत नीराजन, घंटा वन बाजे ॥ जय लक्ष्मी... ॥ प्रकट भए कलि कारण, द्विज को दरस दियो । बूढ़ो ब्राह्मण बनकर, कंचन महल कियो ॥ जय लक्ष्मी... ॥ - [श्री विष्णु स्तुति मन्त्र](https://biharlokgeet.com/2020/08/श्री-विष्णु-स्तुति-मन्त्/) - श्रीविष्णु स्तुति मन्त्र शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।। अर्थ : जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शैया पर शयन किए हुए हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो ‍देवताओं के भी ईश्वर और संपूर्ण जगत के आधार हैं, जो आकाश के सदृश सर्वत्र - [श्री हरी विष्णु चालीसा | Shree Vishnu Chalisa](https://biharlokgeet.com/2020/08/श्री-हरी-विष्णु-चालीसा-shree-vishnu-chalisa/) - हिन्दू मान्यतानुसार भगवान विष्णु त्रिदेवों में से एक हैं। विष्णु जी को सृष्टि का संचालक कहा जाता हैं। मान्यतानुसार जगत का पालन श्री हरि विष्णु जी ही करते हैं। भगवान विष्णु को दया-प्रेम का सागर माना जाता है। विष्णु की पत्नी लक्ष्मी है। विष्णु जी देवी लक्ष्मी के साथ क्षीरसागर में वास करते हैं। सच्चे - [आरती: ॐ जय जगदीश हरे ! Aarti: Om Jai Jagdish Hare!](https://biharlokgeet.com/2020/08/आरती-ॐ-जय-जगदीश-हरे-aarti-om-jai-jagdish-hare/) - दुनियाँ में सबसे ज्यादा लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा सन् १८७० में लिखी गई थी। यह आरती मूलतः भगवान विष्णु को समर्पित है फिर भी इस आरती को किसी भी पूजा, उत्सव पर गाया / सुनाया जाता हैं। कुछ भक्तों का मानना है कि इस आरती का मनन करने से - [Janmashtami Puja - श्रीकृष्ण को लगाएं राशि अनुसार भोग और करें श्रृंगार, मिलेगा मनचाहा वरदान !](https://biharlokgeet.com/2020/08/janmashtami-puja-श्रीकृष्ण-को-लगाएं-राश-2/) - पूरे देश में मनाए जाने वाले भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानि जन्माष्टमी के पर्व को लेकर इस बार भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वैसे तो हर साल जन्माष्टमी भाद्रपद महीने की अष्टमी तिथि को मनाई जाती हैं लेकिन इस बार भी 11-12 अगस्त 2020 को लेकर उलझन बनी हुई है। मगर ज्योतिष की - [कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि, भोग, व्रत एवं महत्व । Krishna Janmashtami, Dahi Handi (Gokulashtami) Pooja Vidhi, vrat, mahtva in Hindi](https://biharlokgeet.com/2020/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-पूजा-वि-2/) - Krishna Janmashtami 2020: हिन्‍दू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी भद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी कि आठवें दिन मनाई जाती है। “नन्द के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! हाथी घोड़ा पालकी, बोलो जय कन्हैया लाल की!” देवताओं में भगवान श्री कृष्ण विष्णु के अकेले ऐसे अवतार हैं जिनके जीवन के हर पड़ाव के अलग रंग - [बिहार मे कैसे सच हुआ भोजपुरी फिल्में बनाने का सपना, जानिए](https://biharlokgeet.com/2020/07/बिहार-मे-कैसे-सच-हुआ-भोजपु/) - जब भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद 1950 के दशक में मुंबई में नजीर हुसैन से मिले, तो उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि तमिल, मराठी, गुजराती जैसी फिल्में भी भोजपुरी में बनाई जाएं। नजीर हुसैन ने डॉ राजेंद्र प्रसाद के इस सपने को ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’ बनाकर पूरा किया। नजीर - [मधुश्रावणी 2020: मिथिला संस्कृति का पर्व मधुश्रावणी आज से प्रारंभ, 13 दिन तक चलेगी पूजा...](https://biharlokgeet.com/2020/07/मधुश्रावणी-2020-मिथिला-संस्क/) - 'पग-पग पोखर, माछ-मखान' के लिए प्रसिद्ध मिथिला की प्राचीन जीवनपद्धति पूर्ण वैज्ञानिक है। सभी पर्व-त्योहारों का खासा वैज्ञानिक सरोकार है। प्रत्येक उत्सव में कुछ संदेश। कहीं प्राकृतिक प्रकोप से बचाव का संदेश देता श्रावण महीने की पंचमी पर नाग पंचमी हो या फिर नवविवाहितों का लोकपर्व मधुश्रावणी। बिहार के मिथिलांचल के सबसे खास व्रत मधुश्रावणी की शुरुआत हो गई है।मिथिलांचल - [Sawan 2020: छह जुलाई से शुरू हो रहा है सावन का पवित्र महीना, जाने भगवान शिव के पूजा की सम्पूर्ण जानकारी...](https://biharlokgeet.com/2020/07/sawan-2020-छह-जुलाई-से-शुरू-हो-रहा-है/) - सावन माह का नाम आते ही हमारे मन में भी बादल घुमड़ने लगते हैं, ठंडी हवाओं के झौंके सुकून देने लगते हैं, तपती ज्येष्ठ और आषाढ़ में गरमी से बेहाल जी सावन में झूमने लगता है। लेकिन सावन का माह का महत्व हमारे जीवन में इतना भर नहीं है सावन माह भगवान शिव की उपासना - [श्रावण में किस अभिषेक का क्या मिलता है फल ,जरूर पढ़ें](https://biharlokgeet.com/2020/07/श्रावण-में-किस-अभिषेक-का-क/) - शिवपुराण के अनुसार शिवजी को इस अभिषेक को अर्पण करने से मनवांछित परिणाम प्राप्त होता है। श्रावण में शिवाभिषेक का विशेष महत्व है।शिवपुराण में ऋषियों के पूछने पर स्वयं भगवान शिव ने अभिषेक का महत्व बताते हुए कहा है कि सभी प्रकार की आसक्तियों से रहित होकर जो मेरा अभिषेक करता है वह सभी कामनाओं - [विशेष वरदान के लिए विशेष फूल चढ़ाएं भगवान शिव को](https://biharlokgeet.com/2020/07/विशेष-वरदान-के-लिए-विशेष-फ/) - जानिए, शिव को किस वरदान के लिए कौन सा फूल चढ़ाएं सभी भगवान को फूल विशेष प्रिय होते हैं। श्रावण मास शिव जी का माह है। इस माह में शिव जी हर पूजा को सहर्ष ग्रहण करते हैं।शिवपुराण के अनुसार शिवजी को इस पुष्पों को अर्पण करने से मनवांछित परिणाम प्राप्त होता है। आइए जानते - [शिव से जुड़ी 13 गुप्त बातें जानिए...](https://biharlokgeet.com/2020/07/शिव-से-जुड़ी-13-गुप्त-बातें-ज/) - 'शिव का द्रोही मुझे स्वप्न में भी पसंद नहीं।'- भगवान राम भगवान शिव ने कहा था कि 'कल्पना' ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण है। हम जैसी कल्पना और विचार करते हैं, वैसे ही हो जाते - [Sawan 2021: सावन में 10 गुना फल देता है शिव का यह चमत्कारी महामंत्र, जपने मात्र से हो जाएगा हर संकट का अंत](https://biharlokgeet.com/2020/07/sawan-2021-सावन-में-10-गुना-फल-देता-है/) - Sawan 2021 श्रावण मास आपके असाध्य मनोकामनाओं को पूरा करने का सबसे बेहतरीन मौका होता है। इस मास में भगवान शिव के कुछ विशेष मंत्र हैं जिनके जाप से सुख-समृद्धि और सफलता तो मिलती ही है इसके अलावा अकाल मृत्यु से भी मुक्ति मिलती है। बस आपको यह पता होना चाहिए कि भगवान शिव को कैसे पूजा जाए और किस - [जानें क्या है बाबा बैजनाथ धाम की कथा...](https://biharlokgeet.com/2020/07/जानें-क्या-है-बाबा-बैजनाथ/) - हिंदू धर्म में बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का बड़ा महत्व है. इन सभी से शिव की रोचक कथाएं जुड़ी हुई हैं. देवघर के वैद्यनाथ धाम में स्थापित 'कामना लिंग' भी रावण की भक्ति का प्रतीक है. बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र वैद्यनाथ शिवलिंग झारखंड के देवघर में स्थित है। इस जगह को लोग बाबा - [जुलाई 2020 : इस माह कौन-कौन से हैं तीज त्यौहार, जानें दिन व शुभ समय](https://biharlokgeet.com/2020/07/जुलाई-2020-इस-माह-कौन-कौन-से-है/) - जुलाई 2020 में कई प्रमुख त्योहार आने वाले हैं। इस महीने की शुरुआत आषाढ़ी एकादशी के साथ होगी और आगे गुरु पूर्णिमा, हरियाली तीज और नाग पंचमी जैसे मुख्य पर्व मनाए जाएंगे। इतना ही नहीं, भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास का शुभारंभ भी इसी महीने होगा। 20 जुलाई को श्रावण अमावस्या भी मनाई जाएगी। - [कांवड़ यात्रा कब शुरू हुई, किसने की, क्या उद्देश्य है ?, जानिए अनजाना तथ्य !! | When did the journey of Kawnad start, who did it, what is the purpose?Know the Unknown Fact !!!!!!!](https://biharlokgeet.com/2020/07/कांवड़-यात्रा-कब-शुरू-हुई/) - कांवड़ यात्रा कब शुरू हुई, किसने की, क्या उद्देश्य है, जानिए अनजाना तथ्य कांवड़ यात्रा कब शुरू हुई, किसने की, क्या उद्देश्य है ? जानिए अनजाना तथ्य !! | When did the journey of Kawnad start, who did it, what is the purpose? Know the Unknown Fact !!!!!!! भगवान भोलेनाथ का ध्यान जब हम करते - [गुरु एवम व्यास पूर्णिमा महत्व एवम पूजा विधि । Guru Vyasa Purnima Importance and Puja Vidhi In Hindi](https://biharlokgeet.com/2020/06/गुरु-एवम-व्यास-पूर्णिमा-म-2/) - गुरु एवम व्यास पूर्णिमा महत्व एवम पूजा विधि । Guru Vyasa Purnima Importance and Puja Vidhi In Hindi आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरु पूजा का विधान है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरम्भ में आती है। इस दिन से चार महीने तक परिव्राजक साधु-सन्त एक ही स्थान पर - [आषाढ़ गुप्त नवरात्र कब से हो रहे हैं शुरू? जानिए इस नवरात्रि का क्या है धार्मिक महत्व](https://biharlokgeet.com/2020/06/आषाढ़-गुप्त-नवरात्र-कब-से/) - हिंदी पंचांग के अनुसार, साल में चार नवरात्रि मनाई जाती है। पहली नवरात्रि माघ महीने में, दूसरी नवरात्रि चैत्र महीने में, तीसरी नवरात्रि आषाढ़ महीने में मनाई जाती है। जबकि चौथी और अंतिम नवरात्रि अश्विन माह में मनाई जाती है, जिसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। माघ और आषाढ़ में मनाई जाने वाली नवरात्रि को - [Surya Grahan 2020: कुछ ही देर में लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, यहां जानें इसके बारे में सबकुछ](https://biharlokgeet.com/2020/06/surya-grahan-2020-कुछ-ही-देर-में-लगेगा-साल/) - साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को रविवार के दिन लगने जा रहा है। ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। ग्रहण (Grahan)इस शब्द में ही नकारात्मकता झलकती है। एक प्रकार के संकट का आभास होता है, लगता है जैसे कुछ अनिष्ट होगा। ग्रहण एक खगोलीय घटना मात्र नहीं हैं एक ओर जहाँ इसका वैज्ञानिक महत्व - [जानिए बिहार रेजिमेंट के खासियत के बारे में, जो देश के खातिर कुर्बानियां देने में भी कभी नहीं हटा पीछे और दिया अद्भुत साहस का परिचय](https://biharlokgeet.com/2020/06/जानिए-बिहार-रेजिमेंट-के-ख/) - आजाद भारत में हुए लगभग सभी युद्धों में बिहार रेजिमेंट की टुकड़ियों ने हिस्सा लिया और अपने पराक्रम के लिए कई अवॉर्ड्स जीते। 'वीर बिहारी' के नाम से भी पुकारी जाने वाली इस रेजिमेंट ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति ऑपरेशनों (Peacekeeping Operations) के तहत सोमालिया और कोंगो में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। - [Gayatri Jayanti 2020: माता श्री गायत्री जी की आरती-2 | Mata Shri Gayatri Ji Ki Aarti -2](https://biharlokgeet.com/2020/06/gayatri-jayanti-2020-माता-श्री-गायत्री-जी-की/) - माता श्री गायत्री जी की आरती | Mata Shri Gayatri Ji Ki Aarti ज्ञानदीप और श्रद्धा की बाती। सो भक्ति ही पूर्ति करै जहं घी की॥ आरती श्री गायत्रीजी की॥ मानस की शुचि थाल के ऊपर। देवी की ज्योत जगै, जहं नीकी॥ आरती श्री गायत्रीजी की॥ शुद्ध मनोरथ ते जहां घण्टा। बाजैं करै आसुह ही - [Gayatri Jayanti 2020: गायत्री माता आरती - 1 | Gayatri Mata Aarti - 1](https://biharlokgeet.com/2020/06/gayatri-jayanti-2020-गायत्री-माता-आरती-1-gayatri-mata-aarti-1/) - गायत्री माता आरती | Gayatri Mata Aarti जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥ जयति जय गायत्री माता... आदि शक्ति तुम अलख निरञ्जन जग पालन कर्त्री। दुःख, शोक, भय, क्लेश, कलह दारिद्रय दैन्य हर्त्री॥ जयति जय गायत्री माता... ब्रहृ रुपिणी, प्रणत पालिनी, जगतधातृ अम्बे। भवभयहारी, जनहितकारी, सुखदा - [Gayatri Jayanti 2020: श्री गायत्री चालीसा | Shri Gayatri Chalisa](https://biharlokgeet.com/2020/06/gayatri-jayanti-2020-श्री-गायत्री-चालीसा-shri-gayatri-chalisa/) - श्री गायत्री चालीसा | Shri Gayatri Chalisa ॥दोहा॥ ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचण्ड। शान्ति कान्ति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखण्ड॥ जगत जननी मङ्गल करनि गायत्री सुखधाम। प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम॥ हे मां गायत्री आप शिव की तरह कल्याणकारी हैं इसलिए मेरे दुखों का हरण करें, आप ही संसार की समस्त - [गायत्री जयंती 2020: गायत्री मंत्र के जाप से मां गायत्री को करें प्रसन्न, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा की पूरी विधि,महत्व और अवतरण की कथा](https://biharlokgeet.com/2020/06/गायत्री-जयंती-2020-गायत्री-मं/) - आज यानी 2 जून 2020 को ज्येष्ठ गायत्री जंयती हैं । हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में गायत्री मंत्र का विशेष महत्व होता है। समस्त वेदों की उत्पति माता गायत्री के द्वारा मानी जाती है। इसी कारण से इन्हें वेदमाता भी कहा जाता है। वेदमाता के अतिरिक्ति गायत्री माता को भारतीय संस्कृति की जननी भी - [June Festival 2020: जानिए जून महीने में कौन-कौन से पड़ेंगे व्रत और त्योहार](https://biharlokgeet.com/2020/05/june-festival-2020-जानिए-जून-महीने-में-कौन/) - जून महीने की शुरुआत इस बार सोमवार से होने जा रही है।जून माह के पहले दिन गंगा दशहरा पर्व पड़ रहा है। गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान कर उपवास रखने पर सभी प्रकार के पापों का नष्ट हो जाता है। इसके बाद निर्जला एकादशी, मासिक शिवरात्रि, योगिनी एकादशी, गुप्त - [श्री गंगा चालीसा | Shri Ganga Chalisa](https://biharlokgeet.com/2020/05/श्री-गंगा-चालीसा-shri-ganga-chalisa/) - श्री गंगा चालीसा | Shri Ganga Chalisa ॥दोहा॥ जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग। जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥ समस्त जगत में पवित्र मानी जाने वाली, देवताओं के लिए भी पूजनीय हे गंगा मैया आपकी जय हो, जय हो। आपकी बहती और उछलती हुई तेज धाराएं अद्वीतीय नजारा बनाती हैं, भगवान शिव - [श्री गंगा मां की आरती। Shri Ganga Maa ki Aarti](https://biharlokgeet.com/2020/05/श्री-गंगा-मां-की-आरती।-shri-ganga-maa-ki-aarti/) - श्री गंगा मां की आरती। Shri Ganga Maa ki Aarti ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता । जो नर तुमको ध्याता, मन वांशित फल पाता ॥ ॐ जय गंगे माता... चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी, जल निर्मल आता । शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता ॥ ॐ जय गंगे माता... पुत्र सगर - [Ganga Dussehra 2020: 1 जून है गंगा दशहरा - जानिए गंगा माता की पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा-विधि और पौराणिक कथा](https://biharlokgeet.com/2020/05/ganga-dussehra-2020-1-जून-है-गंगा-दशहरा-जानिए/) - भारत एक ऐसा देश है जहां प्रकृति की किसी न किसी रुप में पूजा होती है। प्राकृतिक स्त्रोतों को यहां देवी देवता की संज्ञा ही नहीं दी जाती बल्कि पौराणिक कथाओं के जरिये उनकी पूजा करने को न्यायसंगत भी बनाया गया है। हर देवी-देवता का अपना पौराणिक इतिहास है। ऐसा ही इतिहास मोक्षदायिनी, पापमोचिनी मां - [समुद्र मंथन: देवताओं और असुरों में ऐसे हुआ रत्नों का बंटवारा, निकले थे ये 14 रत्न जानिए रहस्य](https://biharlokgeet.com/2020/05/समुद्र-मंथन-देवताओं-और-अस/) - समुद्र मन्थन एक प्रसिद्ध हिन्दू धर्म पौराणिक कथा है।हिन्दू धर्म से संबंधित लगभग सभी लोग समुद्र मंथन की कथा को जानते हैं। यह कथा भागवत पुराण, महाभारत तथा विष्णु पुराण में आती है। समुद्र मंथन का सृष्टि की रचना को व्यवस्थित करने में विशेष योगदान रहा हैं। इस समुद्र मंथन को लेकर कई कथाएं प्रचलित - [पित्त नाशक सबसे असरकारक आयुर्वेदिक घरेलू उपचार | Home remedies for Pitta dosha](https://biharlokgeet.com/2020/05/पित्त-नाशक-सबसे-असरकारक-आ/) - पिछले लेख में हमनें पित्त नाशक आहार यानि पित्त संतुलित करने वाले खाने पीने के पदार्थो के बारे में बताया था इस लेख में हम पित्त की वृद्धि को शांत करने वाली जड़ी बूटियों के विषय में में बतायेंगे | आयुर्वेद में “त्रिदोष” का महत्त्व, इसके दोषों का शरीर पर प्रभाव, इन्हें संतुलित करने के - [बरसाइत/वट सावित्री( मैथिली ) पर्व गीत। चलू सखी हिलिमिली करै बारितिया । Payal Sinha | Bihar Lok Geet](https://biharlokgeet.com/2020/05/बरसाइत-वट-सावित्री-मैथिल/) - हिन्दू संस्कृति में वट सावित्री व्रत का महत्व बताया गया है। विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए इस व्रत को रखती हैं। हिन्दू धर्म के अनुसार सच्चे मन से वट सावित्री का व्रत जो महिलाएं रखती हैं उनके पति की आयु बढ़ती है। सनातन संस्कृति के अनुसार व्रत-उपवास का पालन अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए महिलाएं - [Vat Savitri vrat 2020: वट सावित्री व्रत शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कथा](https://biharlokgeet.com/2020/05/vat-savitri-vrat-2020-वट-सावित्री-व्रत-शुभ-मु/) - हिन्दू संस्कृति में वट सावित्री व्रत का महत्व बताया गया है। विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए इस व्रत को रखती हैं। हिन्दू धर्म के अनुसार सच्चे मन से वट सावित्री का व्रत जो महिलाएं रखती हैं उनके पति की आयु बढ़ती है। सनातन संस्कृति के अनुसार व्रत-उपवास का पालन अपने पति - [क्या है पित्त विकार के कारण, लक्षण और इलाज ? What are the causes, symptoms and treatment of pitta?](https://biharlokgeet.com/2020/05/क्या-है-पित्त-विकार-के-कार/) - शारीरिक गठन में पित्त दोष की प्रबलता को पित्त प्रकृति (पित्तज प्रकृति) या पित्त शारीरिक प्रकार कहा जाता है। इसे पित्त गठन के रूप में भी जाना जाता है।पित्त हमारे शरीर में पीले रंग का द्रव है जो पाचन में सहायक होता है तथा इसका संबंध शरीर की गर्मी से है। पित्त एक प्रकार का - [क्या है वात रोग के कारण, लक्षण और इलाज ? What are the causes, symptoms and treatment of vaat ?](https://biharlokgeet.com/2020/05/क्या-है-वात-रोग-के-कारण-लक्/) - हमने पिछले पोस्ट में बताया था की आयुर्वेद के अनुसार किसी व्यक्ति में होने वाले सभी रोगों का प्रमुख कारण वात, पित्त और कफ होता है तथा इनमें से सबसे मुख्य और बड़ा कारण “वात” को माना गया है अर्थात वायु | इस लेख में हम वात असंतुलित होने पर क्या लक्षण उभरते है , - [आयुर्वेद के तीन दोष वात पित्त और कफ क्या हैं? What are the three doshas of Ayurveda Vata Pitta and Kapha?](https://biharlokgeet.com/2020/05/आयुर्वेद-के-तीन-दोष-वात-पि/) - आयुर्वेद को जीवन का विज्ञान भी कहा गया है।आयुर्वेद प्राचीन भारत में इस्तेमाल की जाने वाली चिकित्सा पद्धति है जिसमें रोग का निवारण जड़ से किया जाता है। इस पद्धति का प्रयोग भारत में 2000 से 5000 वर्ष से भी पहले से हो रहा है। आयुर्वेद इलाज से अधिक उसकी रोकथाम पर ध्यान देता है। - [Naarad Jayanti 2020 : दु:ख और गरीबी दूर करने के लिए नारद पुराण में बताई गई हैं ये नौ बड़ी बातें](https://biharlokgeet.com/2020/05/naarad-jayanti-2020-दुख-और-गरीबी-दूर-करने-के/) - पुराणों के अनुसार हर साल ज्येष्ठ के महीने की कृष्णपक्ष द्वितीया को नारद जयंती मनाई जाती है। आठ मई को यह पर्व इस वर्ष मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार नारद ब्रह्मा के सात मानस पुत्रों में से एक माने गये हैं। ये भगवान विष्णु के अनन्य भक्तों में से एक माने जाते है। नारद को - [नारद मुनि : संचार के देवता जिसका उल्लेख विभिन्न धर्मग्रंथों में आता है, आइये जाने](https://biharlokgeet.com/2020/05/नारद-मुनि-संचार-के-देवता-ज/) - भारतवर्ष का हिमालय क्षेत्र सदैव से ऋषि-मुनियों तथा संतों को आकर्षित करने वाला रहा है। ऋषि अष्टावक्र, देवऋषि नारद, महर्षि व्यास, परशुराम , गुरु गोरखनाथ, मछिंदरनाथ इत्यादि ने हिमालय को अपनी साधना हेतु चुना। [ads id="ads1"] अत: हिन्दू संस्कृति में देवऋषि नारद का शास्त्रों में वर्णन मिलता है : कि वे ब्रह्मा जी के पुत्र हैं, विष्णु - [Naarad Jayanti 2020: 8 मई को है नारद जयंती, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, जन्‍म कथा और महत्‍व](https://biharlokgeet.com/2020/05/naarad-jayanti-2020-8-मई-को-है-नारद-जयंती-जानि/) - [ads id="ads1"] नारद जयंती सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जो सैकड़ों हजारों हिंदू भक्तों द्वारा मनाया जाता है। भगवान के दूत 'नारद' के जन्म दिवस के उपलक्ष में नारद जयंती मनाई जाती है। नारद शब्द का अर्थ है - नार का अर्थ होता है जल और द का मतलब दान। वैदिक - [Naarad Jayanti 2020: नारद मुनि की कथा | Story of Narad Muni](https://biharlokgeet.com/2020/05/naarad-jayanti-2020-नारद-मुनि-की-कथा-story-of-narad-muni/) - नारद जी ब्रह्माजी के मानस पुत्र हैं। ये हमेशा भगवान की भक्ति, उनकी लीला और कथाओं का कीर्तन करते रहते हैं। जन-मानस के ह्रदय तक भगवान की भक्ति पहुँचाने के लिये ही इनका अवतार हुआ है। नारद मुनि का पूर्व चरित्र | Past Life Of Narad Muni:- नारद जी अपने पूर्वजन्म मे वेदवादी ब्राह्मणों के - [Vaishakh Purnima 2020: कैसे रखें वैशाख पूर्णिमा का व्रत, क्या है विधि और मुहूर्त देखें यहां](https://biharlokgeet.com/2020/05/vaishakh-purnima-2020-कैसे-रखें-वैशाख-पूर्णि/) - वैशाख मास को बहुत ही पवित्र माह माना जाता है इस माह में आने वाले त्यौहार भी इस मायने में खास हैं। वैशाख मास की एकादशियां हों या अमावस्या सभी तिथियां पावन हैं लेकिन वैशाख पूर्णिमा का अपना महत्व माना जाता है। इन दिनों ग्रीष्म ऋतु अपने चरम पर होती है और गर्म हवाएं बहने - [Vaishakha Purnima 2020: वैशाख पूर्णिमा के अचूक उपाय, जिससे मिलेगा आपको राजयोग](https://biharlokgeet.com/2020/05/vaishakha-purnima-2020-वैशाख-पूर्णिमा-के-अचूक/) - सनातन धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना फलदायी होता है। पिछले एक महीने से चले आ रहे वैशाख स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्ण आहूति वैशाख पूर्णिमा के दिन दी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार वैशाख पूर्णिमा 2020 के दिन खास - [Buddha Purnima 2020: बुद्ध पूर्णिमा कल, जानें समय, पूजन विधि और महत्व से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ](https://biharlokgeet.com/2020/05/buddha-purnima-2020-बुद्ध-पूर्णिमा-कल-जाने/) - वैशाख मास की पूर्णिमा को गौतम बुद्ध की जयंती के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इसलिए वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है। कहते है इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। जहां विश्वभर में बौध धर्म के करोड़ों अनुयायी और प्रचारक है वहीँ उत्तर भारत के हिन्दू - [नृसिंह जयंती 2020: भगवान नृसिंह की आरती स्तुति](https://biharlokgeet.com/2020/05/नृसिंह-जयंती-2020-भगवान-नृसिं/) - [ads id="ads1"] इस साल 2020 में भगवान नृसिंह की जयंती 6 मई दिन बुधवार के मनाई जाएगी।इस दिन भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की पूजा की जाती है जो बहुत ही धूम-धाम से की जाती है. ऐसे में आज के दिन भगवान के पूजन का समय शाम का होता है और इस दिन रात के - [नृसिंह जयंती 2020 : भगवान नृसिंह चालीसा स्तुति पाठ](https://biharlokgeet.com/2020/05/नृसिंह-जयंती-2020-भगवान-नृसिं-2/) - [ads id="ads1"] नरसिंह जयंती बैसाख महीने की शुक्ल पक्ष की चर्तुदशी को मनायी जाती है। इस बार बुधवार 6 मई 2020 को भगवान श्री नृसिंह की पावन जयंती है। नरसिंह जयंती हिन्दुओं का एक बहुत बड़ा त्यौहार है।श्री नरसिंह भगवान का विधि विधान से पूजन करने के बाद श्रद्धा पूर्वक इस चालीसा का पाठ करें। - [Narasimha Jayanti 2020: नरसिंह जयंती का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कथा](https://biharlokgeet.com/2020/05/narasimha-jayanti-2020-नरसिंह-जयंती-का-शुभ-मुह/) - [ads id="ads1"] नरसिंह जयंती भगवान नरसिंह जी का जन्मोत्सव है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, भगवान नरसिंह जी का अवतरण वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन हुआ था। इस वर्ष यह तिथि 6 मई को पड़ रही है। इसलिए नरसिंह जयंती 6 मई को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान नरसिंह जगत के - [भौम प्रदोष व्रत की कथा, पूजा विधि, मुहूर्त, महत्व : इस काल में शिव की पूजा करने से मिलता है फल](https://biharlokgeet.com/2020/05/भौम-प्रदोष-व्रत-की-कथा-पूज/) - [ads id="ads1"] पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार होता है, एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। त्रोयदशी तिथि के दिन यह व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव को माता पार्वती की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव प्रदोषकाल में कैलाश पर्वत पर - [शिव की आरती : ॐ जय शिव ओंकारा । Om Jai Shiv Omkara](https://biharlokgeet.com/2020/05/शिव-की-आरती-ॐ-जय-शिव-ओंकारा/) - भगवान शिव आरती जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा । ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा एकानन चतुरानन पंचानन राजे । हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे । त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा अक्षमाला - [साप्ताहिक महोत्सव कैलेंडर 2020 (4 मई से 10 मई): गौण मोहिनी एकादशी, प्रदोष व्रत, नरसिंह जयंती, बैशाख पूर्णिमा और संकष्ठी चतुर्थी का पर्व और व्रत है इसी सप्ताह](https://biharlokgeet.com/2020/05/साप्ताहिक-महोत्सव-कैलेंड/) - [ads id="ads1"] 4 मई 2020 से शुरू हो रहे नए सप्ताह में इस बार कई महत्वपूर्ण पर्व और जयंती पड़ रही हैं जिनका अपना एक विशेष धार्मिक महत्व है। धर्म-कर्म के लिहाज से आने वाले सप्ताह बहुत ही विशेष है। इस सप्ताह शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत, नरसिंह जयंती, बैशाख पूर्णिमा और नारद जयंती जैसे - [मोहिनी एकादशी 2020: व्रती इस शुभ मुहूर्त में करें ऐसी पूजा](https://biharlokgeet.com/2020/05/मोहिनी-एकादशी-2020-व्रती-इस-शु/) - [ads id="ads1"] आज सोमवार 4 मई को मोहिनी एकादशी व्रत का दिन है। यह व्रत हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस व्रत रखने से अनेक कामनाएं पूरी हो जाती है। इस दिन सीता माता का पता लगाने के लिए भगवान श्रीराम ने व्रत रखकर रखा था। कहा - [बिहार के प्रमुख लोकनाट्य : अवतरण की सामाजिक प्रतिष्ठा | Major Loknatya of Bihar : Social reputation of descent](https://biharlokgeet.com/2020/05/बिहार-के-प्रमुख-लोकनाट्य/) - [ads id="ads1"] बिहार कला एवं संस्कृति की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण राज्य है। बिहार के सांस्कृतिक तथा लोक जीवन में लोकनाट्यों का एक अपना ही एक अलग महत्त्व है। इन नाटयों में अभिनय, संवाद, कथानक, गीत तथा नृत्यों का अत्यधिक महत्व हैं। इन्हें सांस्कृतिक और मांगलिक अवसरों पर दक्ष कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। बिहार में - [बिहार के प्रसिद्ध लोकनृत्य | Bihar Major Folk Dance](https://biharlokgeet.com/2020/04/बिहार-के-प्रसिद्ध-लोकनृत/) - [ads id="ads1"] बिहार का नाम आते ही सामने आ जाता है विविधताओं से भरा राज्य।बिहार की संस्कृति बहुत रोचक है, विविधताओं से भरे हमारे बिहार का हर रंग निराला है। यहाँ की संस्कृति दुनिया की तमाम संस्कृतियों में सबसे ज्यादा उन्नत है। यहाँ की हर एक बात निराली है। यहाँ की संस्कृति, यहाँ के सभी - [आपकी जिंदगी बदल देंगे यह 13 आत्म सुधार की युक्तियाँ | These 13 self improvement tips will change your life](https://biharlokgeet.com/2020/04/आपकी-जिंदगी-बदल-देंगे-यह-13-आ/) - [ads id="ads1"] किसी ने मुझसे प्रश्न पूछा, “ हम कितना सफल हो सकते हैं?” अर्थात “हम किस हद तक सफल हो सकते हैं? अचानक पूछे गए इस प्रश्न का उत्तर मुझे कुछ कठिन लगा लेकिन कुछ सेकंड सोचने के बाद मैंने कहा, “हम उतना ही सफल हो सकते हैं जितना हम खुद को बेहतर कर - [KAIZEN : 改善 : काइज़ेन तकनीक से आसानी से अपनी आदतें बदले](https://biharlokgeet.com/2020/04/kaizen-改善-काइज़ेन-तकनीक-से-आसान/) - [ads id="ads1"] काइज़ेन क्या है ?What is Kaizen ? काइज़ेन एक जापानीज शब्द है। काईजेन का अर्थ है लगातार सुधार। आदत बदलना हर आदमी के लिए एक चुनौती होता है। कोई आदत कब लग जाती है, पता ही नहीं चलता। आदत छुड़ाने या बदलने में बड़ी दिक्कत होती है, पर आदत पीछा नहीं छोड़ती। वैसे - [इन तरीकों से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता | Boost Immune System In Hindi](https://biharlokgeet.com/2020/04/इन-तरीकों-से-बढ़ाएं-रोग-प्/) - [ads id="ads1"] Immunity को हिंदी में रोग प्रतिरोधक क्षमता या प्रतिरक्षा कहा जाता है। ये किसी भी प्रकार के सूक्ष्मजीवों ( रोग पैदा करने वाले- बैक्टीरिया, वायरस आदि ) से शरीर को लड़ने की क्षमता देती है, यही हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है ।स्वस्थ रहने के लिए यह जरूरी - [Money Management Tips : पैसे को इस तरह मैनेज करें ..](https://biharlokgeet.com/2020/04/money-management-tips-पैसे-को-इस-तरह-मैनेज-करे/) - [ads id="ads1"] जैसा कि हम सब जानते है कि पैसा हर इंसान की जरूरतों का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। बिना पैसे के इंसान की किसी भी जरूरत को पूरा करना लगभग असंभव होता है। जहाँ एक तरफ पैसा हमारे भविष्य को सुरक्षित करने का जरिया है, वही दूसरी तरफ यह हमारे वर्तमान की जरूरतों को - [टाइम मैनेजमेंट ; कैसे करें समय का सही उपयोग ?](https://biharlokgeet.com/2020/04/टाइम-मैनेजमेंट-कैसे-करें/) - समय का पहिया निरंतर घूमता रहता है। किसी के लिए रुकता नहीं है। जिस तरह मुट्ठी में बंधी हुई रेत को फिसलने से हाथ में ‍नहीं रोका जा सकता है, उसी तरह समय के ‍पहिए को भी नहीं रोका जा सकता है। [ads id="ads1"] नमस्कार मित्रों , बचपन से हमें यही सिखाया जाता है कि - [कब है अक्षय तृतीया 2020: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि,महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में सुख-समृद्धि लाने तक की पूजा।](https://biharlokgeet.com/2020/04/कब-है-अक्षय-तृतीया-2020-ऐसे-समझ/) - [ads id="ads1"] “न क्षयति इति अक्षय” अर्थात जिसका कभी क्षय न हो उसे अक्षय कहते हैं ।वैशाख शुक्लपक्ष तृतीया को "स्वयंसिद्ध" मुहूर्त या "अक्षय तृतीया" के रूप में मनाया जाता है।शुक्ल पक्ष अर्थात अमावस्या के बाद के पंद्रह दिन जिनमें चंद्रमा बढ़ता है। इसे अखाती तीज भी कहते हैं।वर्तमान श्री श्वेतवाराहकल्प में वैवस्वत मन्वन्तर के मध्य - [सतुआनी गीत ।आजु सतुआनी के दिनमा।Aaju Satuaani Ke Dinma ।स्वरचित ।Bihar Lok Geet | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2020/04/सतुआनी-गीत-।आजु-सतुआनी-के/) - [ads id="ads1"] सतुआन भोजपुरी संस्कृति के काल बोधक पर्व है। हिन्दू पतरा में सौर मास के हिसाब से सूरज जिस दिन कर्क रेखा से दक्षिण के ओर जाता है उसी दिन यह पर्व मनाया जाता है। बिहार में इस पर्व को खास तरीके से मनाया जाता है। इस दिन लोग गंगा में स्नान करते हैं - [Juir / Jude Sheetal 2020 | जूड़ शीतल :- मिथिला की संस्कृति और नव वर्ष का पर्व](https://biharlokgeet.com/2020/04/juir-jude-sheetal-2020-जूड़-शीतल-मिथिला-की-सं/) - जूड़ शीतल, जीवन में शीतलता का मिलेगा आशीष [ads id="ads1"] आधुनिकता के इस दौर में भी मिथिलांचल के लोग अपनी परंपरा का बखूबी निर्वाह करते हैं। खास बात यह है कि उन परंपराओं के पीछे भी कई खूबसूरत उद्देश्य छिपे रहते हैं जिससे आम जन मानस का जीवन जुड़ा हुआ है। उनकी भलाई निहित रहती है। मिथिलांचल सहित पूरे बिहार में मनाया - [Mesha Sankranti 2020 :सतुआन पर्व: 13 अप्रैल को सूर्य का मेष राशि में प्रवेश, खरमास समाप्त व शुभ कार्य प्रारम्भ](https://biharlokgeet.com/2020/04/mesha-sankranti-2020-सतुआन-पर्व-13-अप्रैल-को-स/) - [ads id="ads1"] भारतीय संस्कृति अनेकता में एकता का मूल भाव ही पूरी दुनिया को भारत के करीब लाता है। इसी मूल भावना को मजबूत करने वाले अलग-अलग धर्मों के अनेक त्योहार यहां साल भर मनाए जाते हैं। मेष संक्रान्ति एक ऐसा ही राष्ट्रीय त्योहार है। जिसे देश के विभिन्न भागों में रहने वाले सभी धर्मपंथ - [सफलता के लिए शॉर्टकट का रास्ता नहीं, मेहनत की राह चुनिए](https://biharlokgeet.com/2020/04/सफलता-के-लिए-शॉर्टकट-का-रा/) - [ads id="ads1"] अक्सर हम दूसरों की कामयाबी से प्रभावित होकर, ये सोचते हैं की वो कितना लकी हैं। हम ये नहीं देखते की उसकी सफलता के पीछे, कितनी संघर्ष और कितनी मेहनत छुपी हुई हैं? इसी गलती के कारण, हम वैसी सफलता प्राप्त करने का आसान और शॉर्टकट तरीका ढूंढते हैं। नतीजा ये होता हैं - [जीवन में असफलता के 8 मुख्य कारण | Main Reasons of Failure in Hindi](https://biharlokgeet.com/2020/04/जीवन-में-असफलता-के-8-मुख्य-क/) - [ads id="ads1"] हम में से बहुत सारे लोग है जिन्हें काफी मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिलती । हम हमेशा यहीं सोचते है कि इतनी मेहनत के बाद भी हम असफल क्यों हो रहे हैं ? यदि आप भी ऐसी स्थिति से गुजर रहे हैं और आपको समझ नहीं आ रहा है।आप अपने आप - [बजरंगबली की आरती : आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की](https://biharlokgeet.com/2020/04/बजरंगबली-की-आरती-आरती-कीज/) - [ads id="ads1"] आइए पढ़ें बजरंगबली की पूरी आरती... श्री हनुमान जी की आरती | Shri Hanuman Aarti आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई। सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥ दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि - [Hanuman jayanti 2020 | Shri Bajrang Baan :- श्री बजरंग बाण के पाठ से दूर होगा हर डर और संकट](https://biharlokgeet.com/2020/04/hanuman-jayanti-2020-shri-bajrang-baan-श्री-बजरंग-बाण-के-पा/) - [ads id="ads1"] हनुमान जी की कृपा पाने हेतु सभी भक्तजन भिन्न -भिन्न प्रकार से हनुमान जी की पूजा करते है जिनमें नियमित रूप से हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करना हनुमान जी को अति प्रिय है | हनुमान चालीसा और बजरंग बाण के पाठ हमेशा बोलकर करने चाहिए जबकि मंत्र द्वारा आराधना में मंत्र को - [Shri Hanuman Chalisa : हनुमान चालीसा का पाठ करने से होते हैं कई लाभ, हनुमानजी के पराक्रम का होता है गुणगान](https://biharlokgeet.com/2020/04/shri-hanuman-chalisa-हनुमान-चालीसा-का-पाठ-कर/) - [ads id="ads1"] रामभक्त, संकटमोचन, बजरंगबली, पवनपुत्र, केसरीनंदन, आंजनेय आदि नामों से प्रसिद्ध गुणों के निधान हनुमान जी का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा को हुआ था। इस कारण से हर वर्ष हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है। आज देश भर में हनुमान जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है। हनुमान जी जैसा - [Hanuman jayanti 2020 Date, Puja Vidhi, Muhuart: हनुमान जी का जन्मोत्सव, जानिए महत्व, मुहूर्त और शुभ मंत्र ,पूजा विधि](https://biharlokgeet.com/2020/04/hanuman-jayanti-2020-date-puja-vidhi-muhuart-हनुमान-जी-का-जन्मोत/) - [ads id="ads1"] हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, हनुमान जयंती हर वर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को होती है। चैत्र पूर्णिमा के दिन राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। देशभर में आज हनुमान जयंती मनाई जा रही है। पवनपुत्र के नाम से प्रसिद्ध हनुमान जी की माता अंजनी और पिता वानरराज केसरी थे।वास्तव में - [Mahavir Jayanti 2020 :- भगवान महावीर चालीसा](https://biharlokgeet.com/2020/04/mahavir-jayanti-2020-भगवान-महावीर-चालीसा/) - [ads id="ads1"] भगवान महावीर चालीसा सिद्धिप्रिया के नाथ हैं, महावीर भगवान। सिद्धारथ सुत वीर को, मेरा कोटि प्रणाम।।१।। वर्धमान अतिवीर प्रभु, सन्मति हैं सुखकार। पाँच नाम युत वीर को, वन्दन बारम्बार।।२।। चालीसा महावीर का, पढ़ो भव्य मन लाय। रोग शोक संकट टलें, सुख सम्पति मिल जाय।।३।। चौपाई जय जय श्री महावीर हितंकर। जय हो चौबिसवें - [Mahavir Jayanti 2020:- भगवान महावीर स्वामी जी की आरती - 2](https://biharlokgeet.com/2020/04/mahavir-jayanti-2020-भगवान-महावीर-स्वामी-जी/) - [ads id="ads1"] कुंडलपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभो .... ॐ जय महा....॥ सिद्धारथ घर जन्में, वैभव था भारी, स्वामी वैभव था भारी। बाल ब्रह्मचारी व्रत, पाल्यो तपधारी॥ ॐ जय महा....॥ आतम ज्ञान विरागी, समदृष्टि धारी। माया मोह विनाशक, ज्ञान ज्योति धारी॥ ॐ जय महा....॥ जग में पाठ अहिंसा, आप ही विस्तारयो। हिंसा पाप मिटा कार, सुधर्म परिचारयो॥ - [Mahavir Jayanti 2020:- भगवान महावीर स्वामी जी की आरती -1](https://biharlokgeet.com/2020/04/mahavir-jayanti-2020-भगवान-महावीर-स्वामी-जी-2/) - भगवान श्री महावीर स्वामी की आरती [ads id="ads1"] तर्ज— मन डोले, मेरा............ जय वीर प्रभो, महावीर प्रभो, की मंगल दीप प्रजाल के मैं आज उतारूं आरतिया।।टेक.।। सुदी छट्ठ आषाढ़ प्रभूजी, त्रिशला के उर आए। पन्द्रह महिने तक कुबेर ने, बहुत रत्न बरसाये।।प्रभू जी.।। कुण्डलपुर की, जनता हरषी, प्रभु गर्भागम कल्याण पे, मैं आज उतारूं आरतिया।।१।। - [Mahavir Jayanti 2020: कब है महावीर जयंती? जानिए कौन थे महावीर स्वामी और उनसे जुड़ी कुछ जरूरी बातें](https://biharlokgeet.com/2020/04/mahavir-jayanti-2020-कब-है-महावीर-जयंती-जानि/) - [ads id="ads1"] महावीर स्वामी जन्म और प्रारंभिक जीवन | Mahavir Swami Biography in Hindi:- क्र. म. बिंदु(Points) जानकारी (Information) 1. नाम(Name) महावीर 2. वास्तविक नाम (Real Name) वर्द्धमान 3. जन्म(Birth) 540 ईसा पूर्व 4. जन्म स्थान (Birth Place) कुण्डग्राम, वैशाली, बिहार 5. पिता (Father Name) राजा सिद्धार्थ (ज्ञातृक कुल के प्रधान) 6. माता - [Kamada Ekadashi 2020: हिन्दू नववर्ष की पहली एकादशी आज, जानें कामदा एकादशी व्रत एवं पूजा विधि, मुहूर्त, पारण समय और महत्व](https://biharlokgeet.com/2020/04/kamada-ekadashi-2020-हिन्दू-नववर्ष-की-पहली-ए/) - [ads id="ads1"] हिन्दू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होता है। ऐसे में हिन्दू नव संवत्सर की पहली एकादशी चैत्र शुक्ल एकादशी को है, जो आज है। चैत्र शुक्ल एकादशी को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। कामदा एकादशी के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की विधि विधान से - [Coronavirus :- मोदी ने कहा 5 अप्रैल की रात 9 बजे एक दीप जलाएं, जानें इसके पीछे का राज वेद पुराण,ज्योतिष शास्त्र और अंक विज्ञान के अनुसार](https://biharlokgeet.com/2020/04/coronavirus-मोदी-ने-कहा-5-अप्रैल-की-रा-2/) - [ads id="ads1"] कोरोना संकट के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश से एक बार फिर अपील की है कि वह इस संकट की घड़ी में एकजुटता दिखाएं। इसके लिए इस बार प्रधानमंत्री ने 5 अप्रैल रविवार को रात 9 बजे 9 मिनट सभी लोगों से घर की लाइट बुझाकर दीप, मोमबत्ती जलाने का आग्रह किया - [Coronavirus Lockdown: नींद आने में हो रही है दिक्कत, तो चैन से सोने के लिए अपनाएं ये टिप्स](https://biharlokgeet.com/2020/04/coronavirus-lockdown-नींद-आने-में-हो-रही-है-दि/) - [ads id="ads1"] कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश भर में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। लोग सख्ती से लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं और अपने घरों में बंद है। हालांकि, लॉकडाउन से आम जन जीवन पर व्यापक और बुरा असर पड़ा है। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के - [Ram Navami 2020: सच्चाई जान रह जाएंगे हैरान आप ,रामायण की वास्तविकता के ये हैं पक्के सबूत](https://biharlokgeet.com/2020/04/ram-navami-2020-सच्चाई-जान-रह-जाएंगे-है/) - [ads id="ads1"] रामायण और भगवान राम से हिन्दुओं की आस्था जुड़ी हुई है, लेकिन अकसर ये सवाल उठते रहे हैं कि क्या सच में भगवान राम का इस धरती पर जन्म हुआ था? क्या रावण और हनुमान थे? सतयुग काल में धरती पर भगवान राम के होने की बात कही जाती है। इस पूरे घटनाक्रम का - [Ram Navami 2020: सच्चाई जान रह जाएंगे हैरान आप ,रामायण की वास्तविकता के ये हैं पक्के सबूत](https://biharlokgeet.com/2020/04/ram-navami-2020-सच्चाई-जान-रह-जाएंगे-है-2/) - [ads id="ads1"] रामायण और भगवान राम से हिन्दुओं की आस्था जुड़ी हुई है, लेकिन अकसर ये सवाल उठते रहे हैं कि क्या सच में भगवान राम का इस धरती पर जन्म हुआ था? क्या रावण और हनुमान थे? सतयुग काल में धरती पर भगवान राम के होने की बात कही जाती है। इस पूरे घटनाक्रम का - [Chaitra Navratri and Shree Ram Mantra 2020 : चैत्र नवरात्रि और रामनवमी में पढ़ें श्रीराम के 10 मंत्र](https://biharlokgeet.com/2020/04/chaitra-navratri-and-shree-ram-mantra-2020-चैत्र-नवरात्रि-और-र/) - [ads id="ads1"] राम नाम की शक्ति अपरिमित है।राम का अर्थ है ‘प्रकाश’। किरण एवं आभा (कांति) जैसे शब्दों के मूल में राम है। ‘रा’ का अर्थ है आभा (कांति) और ‘म’ का अर्थ है मैं, मेरा और मैं स्वयं। राम का अर्थ है मेरे भीतर प्रकाश, मेरे ह्रदय में प्रकाश। राम नाम से लिखे पत्‍थर - [Chaitra Navratri and Shree Ram Mantra 2020 : चैत्र नवरात्रि और रामनवमी में पढ़ें श्रीराम के 10 मंत्र](https://biharlokgeet.com/2020/04/chaitra-navratri-and-shree-ram-mantra-2020-चैत्र-नवरात्रि-और-र-2/) - [ads id="ads1"] राम नाम की शक्ति अपरिमित है।राम का अर्थ है ‘प्रकाश’। किरण एवं आभा (कांति) जैसे शब्दों के मूल में राम है। ‘रा’ का अर्थ है आभा (कांति) और ‘म’ का अर्थ है मैं, मेरा और मैं स्वयं। राम का अर्थ है मेरे भीतर प्रकाश, मेरे ह्रदय में प्रकाश। राम नाम से लिखे पत्‍थर - [राम नवमी 2020 : रामायण से जुड़े रहस्य जिनसे ज्यादातर लोग हैं अनजान !](https://biharlokgeet.com/2020/04/राम-नवमी-2020-रामायण-से-जुड़े/) - [ads id="ads1"] हिंदू धर्म में भगवान राम(shri ram) को सबसे बड़े भगवान के रूप में माना जाता है।मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के प्रभावशाली चरित्र पर कई भाषाओं में ग्रंथ लिखे गए हैं। लेकिन मुख्यतः दो ग्रंथ प्रमुख हैं। जिनमें पहला ग्रंथ महर्षि वाल्मीकि द्वारा 'रामायण' (valmiki ramayana), इस पवित्र ग्रंथ में 24 हजार श्लोक, 500 - [राम नवमी 2020 : रामायण से जुड़े रहस्य जिनसे ज्यादातर लोग हैं अनजान !](https://biharlokgeet.com/2020/04/राम-नवमी-2020-रामायण-से-जुड़े-2/) - [ads id="ads1"] हिंदू धर्म में भगवान राम(shri ram) को सबसे बड़े भगवान के रूप में माना जाता है।मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के प्रभावशाली चरित्र पर कई भाषाओं में ग्रंथ लिखे गए हैं। लेकिन मुख्यतः दो ग्रंथ प्रमुख हैं। जिनमें पहला ग्रंथ महर्षि वाल्मीकि द्वारा 'रामायण' (valmiki ramayana), इस पवित्र ग्रंथ में 24 हजार श्लोक, 500 - [चैत्र नवरात्रि विशेष 2020 : इन चार देवियों ने महाभारत युद्ध में साथ दिया था](https://biharlokgeet.com/2020/04/चैत्र-नवरात्रि-विशेष-2020-इन-च/) - [ads id="ads1"] देवियों ने भगवान श्रीकृष्ण का साथ हर वक्त दिया हैं । महाभारत के युद्ध के पूर्व भी श्रीकृष्ण ने देवी माँ की पूजा की थी। आइये जानते हैं कि वे कौन सी देवी थी:- काली, हरसिद्धि और बगलामुखी :- महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्ण की प्रेरणा पर अर्जुन ने कई जगह जाकर शक्ति - [माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "निर्वाण चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/04/माँ-सिद्धिदात्री-माँ-दु-5/) - माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति [ads id="ads1"] माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में - [माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "निर्वाण चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/04/माँ-सिद्धिदात्री-माँ-दु-5/) - माँ सिद्धिदात्री – माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति [ads id="ads1"] माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में - [Chaitra Naratri 2020 :- जानिए नव दुर्गा को कविता के माध्यम से](https://biharlokgeet.com/2020/04/chaitra-naratri-2020-जानिए-नव-दुर्गा-को-कवित/) - [ads id="ads1"] माँ का प्रथमरूप 'शैलपुत्री' त्रिशूल और कमलधारिणी पूर्व जन्म में जो थी सती वही बनी माँ वृषभवाहिनी विध्वंश किया था स्वयं को सह न सकी प्रभु शिव अपमान वही सती हैं देवी हिमपुत्री माँ मैना और पिता हिमवान। दूसरे रूप में 'माँ ब्रह्मचारिणी' परम तपस्विनी माँ अपर्णा शिव पति रूप में मिल जाए - [Chaitra Naratri 2020 :- जानिए नव दुर्गा को कविता के माध्यम से](https://biharlokgeet.com/2020/04/chaitra-naratri-2020-जानिए-नव-दुर्गा-को-कवित/) - [ads id="ads1"] माँ का प्रथमरूप 'शैलपुत्री' त्रिशूल और कमलधारिणी पूर्व जन्म में जो थी सती वही बनी माँ वृषभवाहिनी विध्वंश किया था स्वयं को सह न सकी प्रभु शिव अपमान वही सती हैं देवी हिमपुत्री माँ मैना और पिता हिमवान। दूसरे रूप में 'माँ ब्रह्मचारिणी' परम तपस्विनी माँ अपर्णा शिव पति रूप में मिल जाए - [Ram Navami 2020 Puja Vidhi, Muhurat: राम नवमी के पावन अवसर पर ऐसे करें भगवान राम की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि](https://biharlokgeet.com/2020/04/ram-navami-2020-puja-vidhi-muhurat-राम-नवमी-के-पावन-अवसर/) - [ads id="ads1"] रामनवमी पूरे भारत में मनाई जाती है। यह बहुत पवित्र दिन है।भारतीय भूमि हमेशा से ही एक पवित्र भूमि रही है, इतिहास के अनुसार यहाँ कई देवी देवताओं ने अवतार लिए है।संसार के पालनहार भगवान श्री विष्णु जी ने धर्म की स्थापना और अधर्म के समूल नाश के लिए त्रेतायुग में धरती पर - [Ram Navami 2020 Puja Vidhi, Muhurat: राम नवमी के पावन अवसर पर ऐसे करें भगवान राम की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा-विधि](https://biharlokgeet.com/2020/04/ram-navami-2020-puja-vidhi-muhurat-राम-नवमी-के-पावन-अवसर/) - [ads id="ads1"] रामनवमी पूरे भारत में मनाई जाती है। यह बहुत पवित्र दिन है।भारतीय भूमि हमेशा से ही एक पवित्र भूमि रही है, इतिहास के अनुसार यहाँ कई देवी देवताओं ने अवतार लिए है।संसार के पालनहार भगवान श्री विष्णु जी ने धर्म की स्थापना और अधर्म के समूल नाश के लिए त्रेतायुग में धरती पर - [Chaitra Navratri 2020: कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान कन्या पूजन के लिए अपनाये ये तरीके।](https://biharlokgeet.com/2020/04/chaitra-navratri-2020-कोरोना-वायरस-के-कारण-हु/) - कन्या पूजा : अष्‍टमी या नवमी के दिन कन्‍या पूजन करना मंगलकारी माना जाता है। [ads id="ads1"] कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इन दिनों पूरा भारत घर की लक्ष्मण रेखा के अंदर ही रह रहा है।शक्ति की देवी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का यह उत्‍सव अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा - [Chaitra Navratri 2020: कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान कन्या पूजन के लिए अपनाये ये तरीके।](https://biharlokgeet.com/2020/04/chaitra-navratri-2020-कोरोना-वायरस-के-कारण-हु/) - कन्या पूजा : अष्‍टमी या नवमी के दिन कन्‍या पूजन करना मंगलकारी माना जाता है। [ads id="ads1"] कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इन दिनों पूरा भारत घर की लक्ष्मण रेखा के अंदर ही रह रहा है।शक्ति की देवी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का यह उत्‍सव अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा - [माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सोमचक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/04/माँ-महागौरी-माँ-दुर्गा-क-5/) - माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति [ads id="ads1"] माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं - [माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सोमचक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/04/माँ-महागौरी-माँ-दुर्गा-क-5/) - माँ महागौरी – माँ दुर्गा की आठवीं शक्ति [ads id="ads1"] माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गा पूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं - [Chaitra Navratri 2020: सप्तमी, अष्टमी और नवमी का क्या है महत्व, जानिए क्या नहीं खाना चाहिए](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-सप्तमी-अष्टमी-और-नवमी-क/) - चैत्र नवरात्रि में व्रत रखा जाता हैं या तो कई घरों में सप्तमी, अष्टमी या नवमी को व्रत का समापन करते हैं। समापन के दौरान कई तरह के व्यंजन बनाते हैं। व्यंजन बनाते वक्त निम्नलिखित भोजन का ग्रहण करने से बचना चाहिए । वैसे यह नियम सभी व्रतियों पर लागू होते हैं। तिथियों का ज्ञान - [Chaitra Navratri 2020: सप्तमी, अष्टमी और नवमी का क्या है महत्व, जानिए क्या नहीं खाना चाहिए](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-सप्तमी-अष्टमी-और-नवमी-क-2/) - चैत्र नवरात्रि में व्रत रखा जाता हैं या तो कई घरों में सप्तमी, अष्टमी या नवमी को व्रत का समापन करते हैं। समापन के दौरान कई तरह के व्यंजन बनाते हैं। व्यंजन बनाते वक्त निम्नलिखित भोजन का ग्रहण करने से बचना चाहिए । वैसे यह नियम सभी व्रतियों पर लागू होते हैं। तिथियों का ज्ञान - [Chaitra Navratri 2020 Hawan Vidhi: दुर्गाष्टमी या महानवमी : कोरोना लॉकडाउन में घर पर हवन कैसे करें?](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-hawan-vidhi-दुर्गाष्टमी-या-महानव/) - [ads id="ads1"] पुराणों के अनुसार हवन अथवा यज्ञ भारतीय परंपरा अथवा हिन्दू धर्म में शुद्धिकरण का एक कर्मकांड है। कुंड में अग्नि के माध्यम से देवता के निकट हवि पहुंचाने की प्रक्रिया को 'यज्ञ' कहते हैं। हवि, हव्य अथवा हविष्य वे पदार्थ हैं जिनकी अग्नि में आहुति दी जाती है (जो अग्नि में डाले जाते - [Chaitra Navratri 2020 Hawan Vidhi: दुर्गाष्टमी या महानवमी : कोरोना लॉकडाउन में घर पर हवन कैसे करें?](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-hawan-vidhi-दुर्गाष्टमी-या-महानव-2/) - [ads id="ads1"] पुराणों के अनुसार हवन अथवा यज्ञ भारतीय परंपरा अथवा हिन्दू धर्म में शुद्धिकरण का एक कर्मकांड है। कुंड में अग्नि के माध्यम से देवता के निकट हवि पहुंचाने की प्रक्रिया को 'यज्ञ' कहते हैं। हवि, हव्य अथवा हविष्य वे पदार्थ हैं जिनकी अग्नि में आहुति दी जाती है (जो अग्नि में डाले जाते - [Chaitra Navratri 2020: जानें आखिर क्यों सदैव शस्त्र धारण करती है मां दुर्गा, क्या है इसका महत्व](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-जानें-आखिर-क्यों-सदैव-श/) - मां दुर्गा का पावन स्वरूप। शक्ति का प्रतीक हे मां दुर्गा। भक्तों की रक्षा करती है [ads id="ads1"] मां दुर्गा का पावन पर्व चैत्र नवरात्रि चल रहा है।माँ दुर्गा हिन्दुओं की प्रमुख देवी हैं जिन्हें देवी, शक्ति और जग्दम्बा भी कहते हैं । शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं जिनकी तुलना परम ब्रह्म से - [Chaitra Navratri 2020: जानें आखिर क्यों सदैव शस्त्र धारण करती है मां दुर्गा, क्या है इसका महत्व](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-जानें-आखिर-क्यों-सदैव-श-2/) - मां दुर्गा का पावन स्वरूप। शक्ति का प्रतीक हे मां दुर्गा। भक्तों की रक्षा करती है [ads id="ads1"] मां दुर्गा का पावन पर्व चैत्र नवरात्रि चल रहा है।माँ दुर्गा हिन्दुओं की प्रमुख देवी हैं जिन्हें देवी, शक्ति और जग्दम्बा भी कहते हैं । शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं जिनकी तुलना परम ब्रह्म से - [माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सहस्रार चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-कालरात्रि-माँ-दुर्ग-5/) - माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं।दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन 'सहस्रार' चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता - [माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "सहस्रार चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-कालरात्रि-माँ-दुर्ग-6/) - माँ कालरात्रि – माँ दुर्गा की सप्तम देवी माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं।दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन 'सहस्रार' चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता - [दस महाविद्याएं और मां नवदुर्गा की शक्तियां, एक को भी किया प्रसन्न तो मिलेगा हर सुख](https://biharlokgeet.com/2020/03/दस-महाविद्याएं-और-मां-नवद/) - दिव्योर्वताम सः मनस्विता: संकलनाम । त्रयी शक्ति ते त्रिपुरे घोरा छिन्न्मस्तिके च।। देवी, अप्सरा, यक्षिणी, डाकिनी, शाकिनी और पिशाचिनी आदि में सबसे सात्विक और धर्म का मार्ग है ‘देवी’ की पूजा, साधना और प्रार्थना करना। कैलाश पर्वत के ध्यानी की अर्धांगिनी सती ने दूसरा जन्म पार्वती के रूप में लिया था। इनके दो पुत्र हैं - [दस महाविद्याएं और मां नवदुर्गा की शक्तियां, एक को भी किया प्रसन्न तो मिलेगा हर सुख](https://biharlokgeet.com/2020/03/दस-महाविद्याएं-और-मां-नवद-2/) - दिव्योर्वताम सः मनस्विता: संकलनाम । त्रयी शक्ति ते त्रिपुरे घोरा छिन्न्मस्तिके च।। देवी, अप्सरा, यक्षिणी, डाकिनी, शाकिनी और पिशाचिनी आदि में सबसे सात्विक और धर्म का मार्ग है ‘देवी’ की पूजा, साधना और प्रार्थना करना। कैलाश पर्वत के ध्यानी की अर्धांगिनी सती ने दूसरा जन्म पार्वती के रूप में लिया था। इनके दो पुत्र हैं - [एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का प्रतिबिम्ब हैं नवदुर्गा के नौ स्वरूप](https://biharlokgeet.com/2020/03/एक-स्त्री-के-पूरे-जीवनचक्/) - [ads id="ads1"] चैत्र नवरात्रि शुरु हो गई है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा के नौ रूप हैं : शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंधमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। इन नौ रातों में तीन देवी पार्वती, लक्ष्मी और सरस्वती के नौ रुपों की पूजा होती है जिन्हें - [एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का प्रतिबिम्ब हैं नवदुर्गा के नौ स्वरूप](https://biharlokgeet.com/2020/03/एक-स्त्री-के-पूरे-जीवनचक्-2/) - [ads id="ads1"] चैत्र नवरात्रि शुरु हो गई है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा के नौ रूप हैं : शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंधमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। इन नौ रातों में तीन देवी पार्वती, लक्ष्मी और सरस्वती के नौ रुपों की पूजा होती है जिन्हें - [माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतार की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "आज्ञा चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-कात्यायनी-माँ-दुर्ग-5/) - माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतार [ads id="ads1"] कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं। 'कात्यायनी' अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमे भद्रकाली और चंडिका भी शामिल है, में भी प्रचलित हैं। यजुर्वेद के तैत्तिरीय आरण्यक में उनका उल्लेख प्रथम किया है। स्कन्द पुराण में उल्लेख - [माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतार की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "आज्ञा चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-कात्यायनी-माँ-दुर्ग-6/) - माँ कात्यायनी – माँ दुर्गा की छठवां अवतार [ads id="ads1"] कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं। 'कात्यायनी' अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमे भद्रकाली और चंडिका भी शामिल है, में भी प्रचलित हैं। यजुर्वेद के तैत्तिरीय आरण्यक में उनका उल्लेख प्रथम किया है। स्कन्द पुराण में उल्लेख - [मां दुर्गा के 10 चमत्कारिक सिद्ध मंदिर, यहां से कोई भक्त खाली हाथ नहीं जाता](https://biharlokgeet.com/2020/03/मां-दुर्गा-के-10-चमत्कारिक-स/) - [ads id="ads1"] वेदी भागवत पुराण में एक सौ आठ(108), कालिकापुराण में छब्बीस(26), शिवचरित्र में इक्यावन(51), दुर्गाप्तसति और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या बावन (52) बताई गई है। साधारत:इक्यावन (51) शक्ति पीठ माने जाते हैं। यहां प्रस्तुत है मां दुर्गा के प्रसिद्ध 10 के चमत्कारिक और सिद्ध मंदिर जहां जाने से भक्तों की मनोकामना तुरंत ही - [Chaitra Navratri 2020:- सब प्रकार के विघ्नों को दूर करने के लिए मां दुर्गा के मंत्र](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-सब-प्रकार-के-विघ्नों-को/) - [ads id="ads1"] हिंदू मान्यतानुसार देवी दुर्गा को शक्ति का अवतार माना जाता है। माता दुर्गा जी के पूजा में मंत्रों का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है। नवरात्रि ही एक ऐसा पर्व है जिसमें माता दुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी और सरस्वती की साधना कर जीवन को सार्थक किया जा - [Chaitra Navratri 2020:- सब प्रकार के विघ्नों को दूर करने के लिए मां दुर्गा के मंत्र](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-सब-प्रकार-के-विघ्नों-को/) - [ads id="ads1"] हिंदू मान्यतानुसार देवी दुर्गा को शक्ति का अवतार माना जाता है। माता दुर्गा जी के पूजा में मंत्रों का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है। नवरात्रि ही एक ऐसा पर्व है जिसमें माता दुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी और सरस्वती की साधना कर जीवन को सार्थक किया जा - [माँ स्कंदमाता– माँ दुर्गा की पांचवी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति " विशुद्ध चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-स्कंदमाता-माँ-दुर्ग-5/) - माँ स्कंदमाता – माँ दुर्गा का पांचवा रूप [ads id="ads1"] नवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। भगवान स्कंद कुमार [कार्तिकेय] की माता होने के कारण दुर्गा जी के इस पांचवें स्वरूप को स्कंद माता नाम प्राप्त हुआ है। भगवान स्कंद जी बालरूप में माता की गोद में बैठे होते हैं - [माँ स्कंदमाता– माँ दुर्गा की पांचवी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति " विशुद्ध चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-स्कंदमाता-माँ-दुर्ग-6/) - माँ स्कंदमाता – माँ दुर्गा का पांचवा रूप [ads id="ads1"] नवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। भगवान स्कंद कुमार [कार्तिकेय] की माता होने के कारण दुर्गा जी के इस पांचवें स्वरूप को स्कंद माता नाम प्राप्त हुआ है। भगवान स्कंद जी बालरूप में माता की गोद में बैठे होते हैं - [Chaiti Chhath 2020 : 28 मार्च से शुरू होने जा रहे सूर्योपासना के महापर्व चैती छठ के विधान बारे में जानें](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaiti-chhath-2020-28-मार्च-से-शुरू-होने-जा-रह/) - चैत्र नवरात्रि की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बीच बिहार समेत देश के पूर्वांचल इलाकों में चैती छठ पूजा की भी तैयारी जारी है। छठ व्रत साल में दो बार मनाया जाता है। कार्तिक की छठ पूजा की ही तरह चैत्र माह में पड़ने वाले छठ का बहुत महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार - [Chaitra Navratri 2020: इस नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ मंत्रों से पूरी करें अपनी मनोकामनाएं](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-इस-नवरात्रि-देवी-दुर्ग/) - [ads id="ads1"] नवरात्रि माँ के अलग अलग रूपों को निहारने और उत्सव मानाने का त्यौहार है। जैसे कोई शिशु अपनी माँ के गर्भ में ९ महीने रहता हे, वैसे ही हम अपने आप में परा प्रकृति में रहकर - ध्यान में मग्न होने का इन ९ दिन का महत्व है। वहाँ से फिर बाहर निकलते - [Chaitra Navratri 2020: इस नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ मंत्रों से पूरी करें अपनी मनोकामनाएं](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-इस-नवरात्रि-देवी-दुर्ग-2/) - [ads id="ads1"] नवरात्रि माँ के अलग अलग रूपों को निहारने और उत्सव मानाने का त्यौहार है। जैसे कोई शिशु अपनी माँ के गर्भ में ९ महीने रहता हे, वैसे ही हम अपने आप में परा प्रकृति में रहकर - ध्यान में मग्न होने का इन ९ दिन का महत्व है। वहाँ से फिर बाहर निकलते - [माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा की चौथी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "अनाहत चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-कूष्माण्डा-माँ-दुर्-5/) - माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा का चौथा रूप [ads id="ads1"] नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य - [माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा की चौथी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "अनाहत चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-कूष्माण्डा-माँ-दुर्-6/) - माँ कूष्माण्डा – माँ दुर्गा का चौथा रूप [ads id="ads1"] नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य - [श्रीदेवी जी की आरती ...जगजननी जय ! जय ! माँ ! जगजननी जय ! जय !](https://biharlokgeet.com/2020/03/श्रीदेवी-जी-की-आरती-जगजनन/) - नवरात्रि में पूजा के समय जरूर करें मां दुर्गा की आरती, खुलेंगे उन्नति के द्वार नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना का विशेष महत्व है। नवरात्रि के समय विधि विधान से मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है, जिससे वे प्रसन्न होकर भक्तों के दुखों को हर लेती हैं। साथ ही वे सभी मनोकामनाओं - [माँ चंद्रघंटा : माँ दुर्गा की तीसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "'मणिपूर चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-चंद्रघंटा-माँ-दुर्गा-5/) - माँ दुर्गा का तृतीय स्वरूप – माँ चंद्रघंटा । नवरात्री में दुर्गा पूजा के मौके पर बहुत ही विधि-विधान के साथ माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है।नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है । माता का यह रूप अत्यंत सुन्दर, मोहक और आलौकिक है ।नवरात्रि उपासना में - [माँ चंद्रघंटा : माँ दुर्गा की तीसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "'मणिपूर चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-चंद्रघंटा-माँ-दुर्गा-6/) - माँ दुर्गा का तृतीय स्वरूप – माँ चंद्रघंटा । नवरात्री में दुर्गा पूजा के मौके पर बहुत ही विधि-विधान के साथ माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है।नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है । माता का यह रूप अत्यंत सुन्दर, मोहक और आलौकिक है ।नवरात्रि उपासना में - [माँ ब्रह्मचारिणी :माँ दुर्गा की दूसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "स्वाधिष्ठान चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-ब्रह्मचारिणी-माँ-दुर-5/) - Chaitra Navratri 2020, maa brahmacharini: मां ब्रह्मचारिणी मां पार्वती का दूसरा स्वरूप है। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक - [माँ ब्रह्मचारिणी :माँ दुर्गा की दूसरी शक्ति की पावन कथा,शुभ मुहूर्त, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र,आरती और फल प्राप्ति "स्वाधिष्ठान चक्र"](https://biharlokgeet.com/2020/03/माँ-ब्रह्मचारिणी-माँ-दुर-6/) - Chaitra Navratri 2020, maa brahmacharini: मां ब्रह्मचारिणी मां पार्वती का दूसरा स्वरूप है। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माँ ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक - [Chaitra Navratri 2020 : कठिन समय को देखते हुए व्रत न रखकर ये 5 काम करें, पुण्य मिलने के साथ बरसेगी मां की कृपा](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-कठिन-समय-को-देखते-हुए-व्/) - आज चैत्र नवरात्रि का पहला दिन है। आज मां दुर्गा के प्रथम रूप शैलपुत्री का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की बेटी हैं। नवरात्रि में शैलपुत्री पूजन का विशेष महत्व है। आज पूजन के अलावा कई भक्त नौ दिनों का व्रत भी रखते हैं लेकिन इस बार चैत्र नवरात्रों में - [Hindu Nav Varsh / New Year 2020 : 25 मार्च से हिंदू विक्रम संवत् 2077 आरंभ, जानें हिंदू नववर्ष की प्रमुख बातें](https://biharlokgeet.com/2020/03/hindu-nav-varsh-new-year-2020-25-मार्च-से-हिंदू-विक्र/) - हिन्दू कैलेंडर का आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष का प्रारंभ होगा। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी पहली ति​थि से हिन्दू नववर्ष 2077 का प्रारंभ हो जाएगा।चैत्र अमावस्या: आज (24 मार्च ) यानी मंगलवार को चैत्र मास की अमावस्या है। अमावस्या के सा​थ - [Hindu Nav Varsh / New Year 2020 : 25 मार्च से हिंदू विक्रम संवत् 2077 आरंभ, जानें हिंदू नववर्ष की प्रमुख बातें](https://biharlokgeet.com/2020/03/hindu-nav-varsh-new-year-2020-25-मार्च-से-हिंदू-विक्र-2/) - हिन्दू कैलेंडर का आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष का प्रारंभ होगा। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी पहली ति​थि से हिन्दू नववर्ष 2077 का प्रारंभ हो जाएगा।चैत्र अमावस्या: आज (24 मार्च ) यानी मंगलवार को चैत्र मास की अमावस्या है। अमावस्या के सा​थ - [Chaitra Navratri 2020 : देवी दुर्गा की पूजा में वास्तु के इन नियमों का जरूर रखें ध्यान](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-देवी-दुर्गा-की-पूजा-में/) - शक्ति आराधना का पावनपर्व नवरात्रि 25 मार्च ,बुधवार से आरंभ हो रहा है, यद्यपि नवरात्र के नौ दिनों में माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है, किन्तु माँ श्रीदुर्गा एकाकार हैं, एक ही हैं, अलग-अलग नहीं। माँ ने स्वयं अपने मुख से कहा है कि, "एकै वाहं जगत्यत्र द्वितीया का ममापरा।" अर्थात - [Chaitra Navratri 2020 : देवी दुर्गा की पूजा में वास्तु के इन नियमों का जरूर रखें ध्यान](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-देवी-दुर्गा-की-पूजा-में-2/) - शक्ति आराधना का पावनपर्व नवरात्रि 25 मार्च ,बुधवार से आरंभ हो रहा है, यद्यपि नवरात्र के नौ दिनों में माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है, किन्तु माँ श्रीदुर्गा एकाकार हैं, एक ही हैं, अलग-अलग नहीं। माँ ने स्वयं अपने मुख से कहा है कि, "एकै वाहं जगत्यत्र द्वितीया का ममापरा।" अर्थात - [Chaitra Navratri Vrat Katha 2020: चैत्र नवरात्रि व्रत वाले दिन इस कथा को जरूर पढ़ें या सुनें ,मां की बनती है कृपा](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-vrat-katha-2020-चैत्र-नवरात्रि-व्रत-व/) - कोई भी व्रत बिना व्रत कथा को पढ़े अधूरा माना जाता है। अगर आपने चैत्र नवरात्रि व्रत (Durga Puja Vrat ) रखा है तो इस व्रत कथा को जरूर पढ़ें।इससे मां की विशेष कृपा बनेगी। चैत्र नवरात्रि व्रत कथा | Chaitra Navratri fast story:- एक समय बृहस्पति जी ब्रह्माजी से बोले- हे ब्रह्मन श्रेष्ठ! चैत्र व आश्विन - [Chaitra Navratri Vrat Katha 2020: चैत्र नवरात्रि व्रत वाले दिन इस कथा को जरूर पढ़ें या सुनें ,मां की बनती है कृपा](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-vrat-katha-2020-चैत्र-नवरात्रि-व्रत-व-2/) - कोई भी व्रत बिना व्रत कथा को पढ़े अधूरा माना जाता है। अगर आपने चैत्र नवरात्रि व्रत (Durga Puja Vrat ) रखा है तो इस व्रत कथा को जरूर पढ़ें।इससे मां की विशेष कृपा बनेगी। चैत्र नवरात्रि व्रत कथा | Chaitra Navratri fast story:- एक समय बृहस्पति जी ब्रह्माजी से बोले- हे ब्रह्मन श्रेष्ठ! चैत्र व आश्विन - [Chaitra Navratri 2020: 25 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू, जानिए शुभ मुहूर्त, घट स्‍थापना, पूजा विधि और महत्‍व](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-25-मार्च-से-चैत्र-नवरात्र/) - नवरात्र वह समय है, जब दोनों रितुओं का मिलन होता है। इस संधि काल मे ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के रूप में हम तक पहुँचती हैं। मुख्य रूप से हम दो नवरात्रों के विषय में जानते हैं - चैत्र नवरात्र एवं आश्विन नवरात्र। चैत्र नवरात्रि गर्मियों के मौसम की शुरूआत करता है और प्रकृति - [Chaitra Navratri 2020: 25 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू, जानिए शुभ मुहूर्त, घट स्‍थापना, पूजा विधि और महत्‍व](https://biharlokgeet.com/2020/03/chaitra-navratri-2020-25-मार्च-से-चैत्र-नवरात्र/) - नवरात्र वह समय है, जब दोनों रितुओं का मिलन होता है। इस संधि काल मे ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के रूप में हम तक पहुँचती हैं। मुख्य रूप से हम दो नवरात्रों के विषय में जानते हैं - चैत्र नवरात्र एवं आश्विन नवरात्र। चैत्र नवरात्रि गर्मियों के मौसम की शुरूआत करता है और प्रकृति - [बन्दर और लकड़ी का खूंटा | The Monkey and The Wedge Story In Hindi](https://biharlokgeet.com/2020/03/बन्दर-और-लकड़ी-का-खूंटा-the-monkey-and-the-wed/) - [ads id="ads1"] बहुत समय पहले की बात है, एक शहर से कुछ ही दूरी पर एक मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए कई मज़दूरों को रखा गया था। वो मज़दूर फिल्हाल लकड़ी का काम कर रहे थे, इसलिए यहां-वहां लकड़ी के ढेर सारे लठ्ठे पड़े हुए थे। इन लकड़ियों को चीरने का - [प्रारंभ की कथा-मित्रभेद-पंचतंत्र | Mitrabhed Prarambh Ki Katha Panchtantra](https://biharlokgeet.com/2020/03/प्रारंभ-की-कथा-मित्रभेद-प/) - [ads id="ads1"] महिलारोप्य नाम के नगर में वर्धमान नाम का एक वणिक्‌-पुत्र रहता था । उसने धर्मयुक्त रीति से व्यापार में पर्याप्त धन पैदा किया था; किन्तु उतने से सन्तोष नहीं होता था; और भी अधिक धन कमाने की इच्छा थी । छः उपायों से ही धनोपार्जन किया जाता है---भिक्षा, राजसेवा, खेती, विद्या, सूद और - [कथामुख पंचतंत्र । Kathamukh-Panchtantra](https://biharlokgeet.com/2020/03/कथामुख-पंचतंत्र-।-kathamukh-panchtantra/) - [ads id="ads1"] दक्षिण के किसी जनपद में एक नगर था "महिलारोप्य"। वहाँ का राजा अमरशक्ति बड़ा ही पराक्रमी तथा उदार था। संपूर्ण कलाओं में पारंगत राजा अमरशक्ति के तीन पुत्र थे :- बहुशक्ति, उग्रशक्ति तथा अनंतशक्ति। राजा स्वयं जितना ही नीतिज्ञ, विद्वान्‌, गुणी और कलाओं में पारंगत था, दुर्भाग्य से उसके तीनों पुत्र उतने ही - [पंचतंत्र की सम्पूर्ण कहानियाँ! | Complete Panchatantra Stories In Hindi](https://biharlokgeet.com/2020/03/पंचतंत्र-की-सम्पूर्ण-कहा/) - [ads id="ads1"] संस्कृत नीतिकथाओं में पंचतंत्र का पहला स्थान माना जाता है। इस ग्रंथ के रचयिता पं. विष्णु शर्मा है। आज विश्व की 50 से भी अधिक भाषाओ में इनका अनुवाद प्रकाशित हो चूका है । इतनी भाषाओ में इन कहानियों का अनुवाद प्रकाशित होना ही इनकी लोकप्रियता का परिचायक है ।पंचतंत्र की कहानियों की - [Holika Dahan 2020 : राशियों के अनुसार होलिका के इस उपाय से अपनी मुश्किलें ऐसे कम सकते हैं आप](https://biharlokgeet.com/2020/03/holika-dahan-2020-राशियों-के-अनुसार-होलि-2/) - [ads id="ads1"] होलिका दहन का पर्व आज शाम से पूरे देश में मनाया जाएगा। इसके बाद 10 मार्च 2020 को रंग वाली होली मनाई जाएगी। रंगों और उत्साह का पर्व होली आज होलिका दहन के साथ ही शुरू हो जाएगा।होली के खास मौके पर इस बार ग्रह-नक्षत्रों का बेहद खास संयोग बन रहा है। ऐसा - [Holi 2020 :इस होली बन रहा है गजकेसरी योग,होलिका दहन की राख दिला सकती है तकलीफों से छुटकारा, ये 13 उपाय हैं कारगर](https://biharlokgeet.com/2020/03/holi-2020-इस-होली-बन-रहा-है-गजकेसरी-2/) - होलिका की राख के उपाय होलिका दहन न सिर्फ वातावरण को शुद्ध बनाता है, बल्कि नकारात्मक शक्तियों का भी नाश करता है। इसी के चलते होलिका की पूजा की जाती है। इसमें गोबर के उपले समेत अनाज ,पूआ ,वड़े,पूरी इत्यादि चढ़ाया जाता है। होलिका की राख को पौराणिक ग्रंथों में बहुत शक्तिशाली माना गया है।खास - [होली 2020: किस रंग से खेलें होली, जानिए वास्तु के अनुसार कौनसा रंग जमेगा आप पर](https://biharlokgeet.com/2020/03/होली-2020-किस-रंग-से-खेलें-होल-2/) - जीवन से जुड़े हैं रंग [ads id="ads1"] होली है भई होली है, मस्तानों की टोली है, कोई रंगों में सराबोर है, किसी की भीगी चोली है। अपनी खुशी, अपनी मस्ती और अपने उत्साह, उमंग को पिचकारी से छोड़ता हुआ सबको अपने रंग में रंगने को आतुर होली का त्यौहार सर पर आन खड़ा है। 10 - [होली 2020 : होली की तिथि को लेकर न रहें भ्रम में ,जानें होली की पौराणिक-प्रामाणिक कथा व होली क्यों और कैसे मनाई जाती है ?](https://biharlokgeet.com/2020/03/होली-2020-होली-की-तिथि-को-लेकर/) - होली भारत के सबसे पुराने पर्वों में से है। यह कितना पुराना है इसके विषय में ठीक जानकारी नहीं है | लेकिन इसके विषय में इतिहास पुराण व साहित्य में अनेक कथाएँ मिलती है। इस कथाओं पर आधारित साहित्य और फ़िल्मों में अनेक दृष्टिकोणों से बहुत कुछ कहने के प्रयत्न किए गए हैं लेकिन हर - [कोरोना वायरस क्या है? जाने इसके लक्षण, इलाज, कैसे रखे सावधानी, उपचार, टिप्स | What is Corona virus? Know its Symptoms, Treatment, How to take precautions, Tips](https://biharlokgeet.com/2020/03/कोरोना-वायरस-क्या-है-जाने-2/) - [ads id="ads1"] देश और दुनियाभर में कौन सी बीमारी कब और कैसे फैल जाती है इस बात का अंदाजा तो पहले से नहीं लगाया जा सकता। लेकिन हां यदि कोई बीमारी फैलने लगती है तो उसके लक्षणों को देखकर उस बीमारी का पता जरूर लगाया जा सकता है कि वह कौन सी बीमारी है? और - [Makar Sankranti 2020 Date: मकर संक्रांति के दिन स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि ,पौराणिक कथाएं, मंत्र व फल और अन्य जानकारियां :-](https://biharlokgeet.com/2020/01/makar-sankranti-2020-date-मकर-संक्रांति-के-दिन-स/) - [ads id="ads1"] क्या है मकर संक्रांति? मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का प्रमुख पर्व है।मकर संक्रांति में 'मकर' शब्द मकर राशि के बारे में बताता है जबकि 'संक्रांति' का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है। ज्योतिष के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर - [Makar Sankranti 2020 Date: मकर संक्रांति के दिन स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि ,पौराणिक कथाएं, मंत्र व फल और अन्य जानकारियां :-](https://biharlokgeet.com/2020/01/makar-sankranti-2020-date-मकर-संक्रांति-के-दिन-स-2/) - [ads id="ads1"] क्या है मकर संक्रांति? मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का प्रमुख पर्व है।मकर संक्रांति में 'मकर' शब्द मकर राशि के बारे में बताता है जबकि 'संक्रांति' का अर्थ संक्रमण अर्थात प्रवेश करना है। ज्योतिष के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर - [राजेन्द्र बाबू : देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी का जीवन परिचय | Dr Rajendra Prasad Biography](https://biharlokgeet.com/2019/12/राजेन्द्र-बाबू-देश-के-प्र/) - भारत के राष्ट्रपति के सूची में पहला नाम डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का आता है। जो भारतीय संविधान के आर्किटेक्ट और आज़ाद भारत के पहले राष्ट्रपति भी थे। आजादी के करीब 3 साल बाद 1950 में हमारे देश में संविधान लागू होने के बाद उन्हें देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के पद पर सुशोभित किया गया - [चाणक्य की जीवनी | Biography of Chanakya in Hindi](https://biharlokgeet.com/2019/11/चाणक्य-की-जीवनी-biography-of-chanakya-in-hindi/) - आचार्य चाणक्य जो कि विष्णुगुप्त और कौटिल्य के नाम से प्रसिद्ध हैं। वे एक महान दार्शनिक, अर्थशास्त्री और राजनेता थे उन्होंने भारतीय राजनीतिक ग्रंथ, ‘ द अर्थशास्त्र’ लिखा था। इस ग्रंथ में उन्होंने संपत्ति, अर्थशास्त्र और भौतिक सफलता के संबंध में उस समय तक के लगभग हर पहलू को भारत में लिखा था। राजनीतिक विज्ञान - [Kartik Purnima 2019 Date, Puja Vidhi, Muhurat, Samagri: धार्मिक मान्यताओं अनुसार कार्तिक पूर्णिमा का दिन होता है बेहद पवित्र, जानिए इस दिन क्या करें उपाय](https://biharlokgeet.com/2019/11/kartik-purnima-2019-date-puja-vidhi-muhurat-samagri-धार्मिक-मान्यताओ/) - [ads id="ads1"] कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) सभी पूर्णिमाओं में श्रेष्‍ठ मानी जाती है।कार्तिक महीने की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा, त्रिपुरी पूर्णिमा और गंगा स्नान के नाम से भी जाना जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन भगवान शिव ने देवलोक पर हाहाकार मचाने वाले त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का संहार किया था। उसके वध की - [Kartik Purnima 2019 Date, Puja Vidhi, Muhurat, Samagri: धार्मिक मान्यताओं अनुसार कार्तिक पूर्णिमा का दिन होता है बेहद पवित्र, जानिए इस दिन क्या करें उपाय](https://biharlokgeet.com/2019/11/kartik-purnima-2019-date-puja-vidhi-muhurat-samagri-धार्मिक-मान्यताओ-2/) - [ads id="ads1"] कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) सभी पूर्णिमाओं में श्रेष्‍ठ मानी जाती है।कार्तिक महीने की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा, त्रिपुरी पूर्णिमा और गंगा स्नान के नाम से भी जाना जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन भगवान शिव ने देवलोक पर हाहाकार मचाने वाले त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का संहार किया था। उसके वध की - [कब है दीपावली 2019: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि,महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में सुख-समृद्धि लाने तक की पूजा |](https://biharlokgeet.com/2019/10/कब-है-दीपावली-2019-ऐसे-समझें-इस/) - [ads id="ads1"] दीपावली या दिवाली हिन्दू धर्मं का सबसे महान पर्व माना जाता हैं, जिसे हर भारतवासी प्रति वर्ष हर्षोल्लास से मानते हैं।दिपावली शब्द दीप एवं आवली की संधि से बना है। दीप का अर्थ दीपक और आवली का अर्थ पंक्ति से है। इस प्रकार दिपावली का मतलब हुआ दीपों की पंक्ति। दीपों का यह - [कब है दीपावली 2019: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि,महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में सुख-समृद्धि लाने तक की पूजा |](https://biharlokgeet.com/2019/10/कब-है-दीपावली-2019-ऐसे-समझें-इस/) - [ads id="ads1"] दीपावली या दिवाली हिन्दू धर्मं का सबसे महान पर्व माना जाता हैं, जिसे हर भारतवासी प्रति वर्ष हर्षोल्लास से मानते हैं।दिपावली शब्द दीप एवं आवली की संधि से बना है। दीप का अर्थ दीपक और आवली का अर्थ पंक्ति से है। इस प्रकार दिपावली का मतलब हुआ दीपों की पंक्ति। दीपों का यह - [जितिया गीत | सासु हे बऊवा हमरे दुलारू | Sasu He Bauwa Hamre Dularu | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/10/जितिया-गीत-सासु-हे-बऊवा-हम/) - [ads id="ads1"] भारत एक ऐसा देश है, जहां बहुत सारी संस्कृतियां और रीति रिवाज हैं।हमारे देश में भक्ति एवं उपासना का एक रूप उपवास हैं जो मनुष्य में संयम, त्याग, प्रेम एवं श्रध्दा की भावना को बढ़ाते हैं। उन्हीं में से एक हैं जीवित्पुत्रिका व्रत। यह व्रत संतान की मंगल कामना के लिए किया जाता - [कब है नरक चौदस 2019: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, शास्त्रोक्त नियम, पूजन विधि,महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में खुशहाली लाने तक की पूजा |](https://biharlokgeet.com/2019/10/कब-है-नरक-चौदस-2019-ऐसे-समझें-इ/) - [ads id="ads1"] नरक चतुर्दशी दीपावली के पांच दिनों में से दुसरे दिन मनाया जाता है, यह त्यौहार महापर्व दिवाली के एक दिन पहले मनाया जाता हैं। इसे नरक से मुक्ति पाने वाला त्यौहार कहते हैं। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था, इसी कारण इसे नरक चतुर्दशी कहा जाता हैं। - [कब है नरक चौदस 2019: ऐसे समझें इस दिन के तिथि, शुभ मुहूर्त, शास्त्रोक्त नियम, पूजन विधि,महत्व और पौराणिक कथाएं से लेकर आपके घर में खुशहाली लाने तक की पूजा |](https://biharlokgeet.com/2019/10/कब-है-नरक-चौदस-2019-ऐसे-समझें-इ/) - [ads id="ads1"] नरक चतुर्दशी दीपावली के पांच दिनों में से दुसरे दिन मनाया जाता है, यह त्यौहार महापर्व दिवाली के एक दिन पहले मनाया जाता हैं। इसे नरक से मुक्ति पाने वाला त्यौहार कहते हैं। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था, इसी कारण इसे नरक चतुर्दशी कहा जाता हैं। - [Dhanteras 2019 Date and Muhurat: इस तारीख को है धनतेरस, जानें धनतेरस कथा, पूजा मुहूर्त,पूजा विधि,महत्व और किस मुहूर्त में करें खरीदारी ? | Know Dhanteras story, Puja Muhurta, Puja Vidhi, Importance and in which Muhurat to shop?](https://biharlokgeet.com/2019/10/dhanteras-2019-date-and-muhurat-इस-तारीख-को-है-धनतेरस/) - [ads id="ads1"] धनतेरस के दिन सौभाग्य और सुख की वृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी एवं धन्वंतरी देवता की पूजा की जाती हैं। यह पर्व दीपावली के दो दिन पहले मनाया जाता हैं। इस दिन देवताओं के वैद्य धनवन्तरि की पूजा का विधान है। इनकी पूजा से व्यक्ति को आरोग्य और निरोगी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त - [Dhanteras 2019 Date and Muhurat: इस तारीख को है धनतेरस, जानें धनतेरस कथा, पूजा मुहूर्त,पूजा विधि,महत्व और किस मुहूर्त में करें खरीदारी ? | Know Dhanteras story, Puja Muhurta, Puja Vidhi, Importance and in which Muhurat to shop?](https://biharlokgeet.com/2019/10/dhanteras-2019-date-and-muhurat-इस-तारीख-को-है-धनतेरस/) - [ads id="ads1"] धनतेरस के दिन सौभाग्य और सुख की वृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी एवं धन्वंतरी देवता की पूजा की जाती हैं। यह पर्व दीपावली के दो दिन पहले मनाया जाता हैं। इस दिन देवताओं के वैद्य धनवन्तरि की पूजा का विधान है। इनकी पूजा से व्यक्ति को आरोग्य और निरोगी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त - [अम्बे माँ की आरती :- जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | Jai Ambe Gauri ,Maiya Jai Shyama Gauri](https://biharlokgeet.com/2019/10/अम्बे-माँ-की-आरती-जय-अम्बे/) - नवरात्रि पर नौ दिनों की पूजा में आज तीसरा दिन है। आज मां चंद्रघंटा (Chandraghanta Maa) की पूजा हो रही है। सुबह की विधि विधान पूजा के बाद अब संध्या आरती का वक्त है। ऐसे में माँ भगवती को प्रिय उनकी आरती ‘जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी..’ के साथ आज की पूजा संपन्न - [अम्बे माँ की आरती :- जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | Jai Ambe Gauri ,Maiya Jai Shyama Gauri](https://biharlokgeet.com/2019/10/अम्बे-माँ-की-आरती-जय-अम्बे/) - नवरात्रि पर नौ दिनों की पूजा में आज तीसरा दिन है। आज मां चंद्रघंटा (Chandraghanta Maa) की पूजा हो रही है। सुबह की विधि विधान पूजा के बाद अब संध्या आरती का वक्त है। ऐसे में माँ भगवती को प्रिय उनकी आरती ‘जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी..’ के साथ आज की पूजा संपन्न - [दुर्गा चालीसा – नमो नमो दुर्गे सुख करनी | Durga Chalisa-Namo Namo Durge Sukh Karani](https://biharlokgeet.com/2019/10/दुर्गा-चालीसा-नमो-नमो-दु/) - यहां सभी पाठकों के लिए प्रस्तुत है पवित्र श्री दुर्गा चालीसा। नवरात्रि के दिनों के अलावा भी दुर्गा चालीसा का नित्य पाठ करने से मां दुर्गा अपने भक्त पर प्रसन्न होती हैं और वे हर तरह के संकट दूर करती हैं। हिन्दू धर्म में माँ दुर्गा को बहुत शक्तिशाली माना गया है । हम लोग माँ दुर्गा - [दुर्गा चालीसा – नमो नमो दुर्गे सुख करनी | Durga Chalisa-Namo Namo Durge Sukh Karani](https://biharlokgeet.com/2019/10/दुर्गा-चालीसा-नमो-नमो-दु/) - यहां सभी पाठकों के लिए प्रस्तुत है पवित्र श्री दुर्गा चालीसा। नवरात्रि के दिनों के अलावा भी दुर्गा चालीसा का नित्य पाठ करने से मां दुर्गा अपने भक्त पर प्रसन्न होती हैं और वे हर तरह के संकट दूर करती हैं। हिन्दू धर्म में माँ दुर्गा को बहुत शक्तिशाली माना गया है । हम लोग माँ दुर्गा - [शैलपुत्री : मां दुर्गा की पहली शक्ति की पावन कथा, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र, मूलाधार चक्र मजबूत करने के उपाय](https://biharlokgeet.com/2019/09/शैलपुत्री-मां-दुर्गा-की-प-2/) - शैलपुत्री अनंत शक्तियों से संपन्न हैं नवरात्रि की पहली देवी मां शैलपुत्री का स्वरूप नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर दुर्गा देवी के नौ रूपों की पूजा-उपासना बहुत ही विधि विधान से की जाती है। इन रूपों के पीछे तात्विक अवधारणाओं का परिज्ञान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है। आइए जानते - [शैलपुत्री : मां दुर्गा की पहली शक्ति की पावन कथा, महत्व ,पूजा विधि, मंत्र, मूलाधार चक्र मजबूत करने के उपाय](https://biharlokgeet.com/2019/09/शैलपुत्री-मां-दुर्गा-की-प-2/) - शैलपुत्री अनंत शक्तियों से संपन्न हैं नवरात्रि की पहली देवी मां शैलपुत्री का स्वरूप नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर दुर्गा देवी के नौ रूपों की पूजा-उपासना बहुत ही विधि विधान से की जाती है। इन रूपों के पीछे तात्विक अवधारणाओं का परिज्ञान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है। आइए जानते - [Navratra 2019: नवरात्र में मां दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर आती है और किस पर जाती है ?](https://biharlokgeet.com/2019/09/navratra-2019-नवरात्र-में-मां-दुर्गा-क/) - इस नवरात्रि हाथी पर सवार होकर आ रही हैं मां अम्बे, जानें क्या है इसके मायने और कैसे होगी माता की विदाई हम सभी जानते हैं माँ की सवारी शेर पर होती है, लेकिन नवरात्र के समय में माँ का वाहन दिन के अनुसार बदलता रहता है घट स्थापना के दिन माँ किस वाहन में - [Navratra 2019: नवरात्र में मां दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर आती है और किस पर जाती है ?](https://biharlokgeet.com/2019/09/navratra-2019-नवरात्र-में-मां-दुर्गा-क/) - इस नवरात्रि हाथी पर सवार होकर आ रही हैं मां अम्बे, जानें क्या है इसके मायने और कैसे होगी माता की विदाई हम सभी जानते हैं माँ की सवारी शेर पर होती है, लेकिन नवरात्र के समय में माँ का वाहन दिन के अनुसार बदलता रहता है घट स्थापना के दिन माँ किस वाहन में - [शारदीय नवरात्रि / दुर्गा पूजा २०१९- महत्व ,व्रत नियम ,पूजा विधि, मंत्र एवं कथा | Shardiya Navratri / Durga Pooja 2019- Importance, Fasting Rules, Rituals of Worship, Mantras and Stories](https://biharlokgeet.com/2019/09/शारदीय-नवरात्रि-दुर्गा-प-4/) - नवरात्रि / दुर्गा पूजा एक महत्वपूर्ण प्रमुख त्योहार है जिसे पूरे भारत में महान उत्साह के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है 'नौ रातें'। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति / देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। दसवाँ दिन दशहरा के नाम - [शारदीय नवरात्रि / दुर्गा पूजा २०१९- महत्व ,व्रत नियम ,पूजा विधि, मंत्र एवं कथा | Shardiya Navratri / Durga Pooja 2019- Importance, Fasting Rules, Rituals of Worship, Mantras and Stories](https://biharlokgeet.com/2019/09/शारदीय-नवरात्रि-दुर्गा-प-5/) - नवरात्रि / दुर्गा पूजा एक महत्वपूर्ण प्रमुख त्योहार है जिसे पूरे भारत में महान उत्साह के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है 'नौ रातें'। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति / देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। दसवाँ दिन दशहरा के नाम - [Navratri 2020: नवरात्रि में मां के नौ रूप को लगते हैं अलग-अलग भोग, आइए जानें](https://biharlokgeet.com/2019/09/navratri-2020-नवरात्रि-में-मां-के-नौ-रू/) - 29 सितंबर दिन रविवार से शारदीय नवरात्रि शुरु हो रही है। सनातन धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व है,जिसका उल्लेख शास्त्रों में भी मिलता है। 29 सितंबर से शुरू हो रही नवरात्रि इस बार पूरे नौ दिन की होगी। 7 अक्टूबर को महानवमी पूजन के बाद 8 अक्टूबर को विजयादशमी का त्योहार मनाया जाएगा। - [शारदीय नवरात्रि 2019 : 29 सितंबर से आरंभ, क्या आप जानते हैं किस कन्या के पूजन का क्या मिलेगा फल?](https://biharlokgeet.com/2019/09/शारदीय-नवरात्रि-2019-29-सितंबर/) - इस बार शारदीय नवरात्रि का शुभ पर्व 29 सितंबर 2019 से आरंभ हो रहा है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व माना गया है। खास तौर पर अ‍ष्टमी तथा नवमी तिथि को 3 से 9 वर्ष तक की कन्याओं का पूजन करने की परंपरा है। यह कन्याएं साक्षात - [शारदीय नवरात्रि 2019 : 29 सितंबर से आरंभ, क्या आप जानते हैं किस कन्या के पूजन का क्या मिलेगा फल?](https://biharlokgeet.com/2019/09/शारदीय-नवरात्रि-2019-29-सितंबर-2/) - इस बार शारदीय नवरात्रि का शुभ पर्व 29 सितंबर 2019 से आरंभ हो रहा है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व माना गया है। खास तौर पर अ‍ष्टमी तथा नवमी तिथि को 3 से 9 वर्ष तक की कन्याओं का पूजन करने की परंपरा है। यह कन्याएं साक्षात - [जीवित्पुत्रिका व्रत कथा संस्कृत - हिंदी अनुवाद | Jivitputrika Vrat story Sanskrit-Hindi](https://biharlokgeet.com/2019/09/जीवित्पुत्रिका-व्रत-कथा/) - [ads id="ads1"] [ads id="ads2"] - [Jivitputrika Vrat 2019 Puja Vidhi: संतान के दीर्घायु के लिए रखते हैं जीवित्पुत्रिका व्रत, जानें तिथि, पूजा विधि ,पूजा कथा और महत्व](https://biharlokgeet.com/2019/09/jivitputrika-vrat-2019-puja-vidhi-संतान-के-दीर्घायु-के/) - भारत एक ऐसा देश है, जहां बहुत सारी संस्कृतियां और रीति रिवाज हैं।हमारे देश में भक्ति एवं उपासना का एक रूप उपवास हैं जो मनुष्य में संयम, त्याग, प्रेम एवं श्रध्दा की भावना को बढ़ाते हैं। उन्हीं में से एक हैं जीवित्पुत्रिका व्रत। यह व्रत संतान की मंगल कामना के लिए किया जाता हैं। यह व्रत - [Jivitputrika Vrat 2019 Puja Vidhi: संतान के दीर्घायु के लिए रखते हैं जीवित्पुत्रिका व्रत, जानें तिथि, पूजा विधि ,पूजा कथा और महत्व](https://biharlokgeet.com/2019/09/jivitputrika-vrat-2019-puja-vidhi-संतान-के-दीर्घायु-के-2/) - भारत एक ऐसा देश है, जहां बहुत सारी संस्कृतियां और रीति रिवाज हैं।हमारे देश में भक्ति एवं उपासना का एक रूप उपवास हैं जो मनुष्य में संयम, त्याग, प्रेम एवं श्रध्दा की भावना को बढ़ाते हैं। उन्हीं में से एक हैं जीवित्पुत्रिका व्रत। यह व्रत संतान की मंगल कामना के लिए किया जाता हैं। यह व्रत - [जितिया व्रत(Jitiya Vrat): एक व्रत जिसकी शुरुआत मछली खाकर की जाती है, जानिए क्या है इससे जुड़ी अनूठी परंपरा](https://biharlokgeet.com/2019/09/जितिया-व्रतjitiya-vrat-एक-व्रत-जिसक-2/) - Jivitputrika Vrat 2019: संतान की खुशहाली और लंबी उम्र के लिए किया जाता है 'जितिया व्रत'।जितिया व्रत के उपवास से पहले और इसके बाद खान-पान को लेकर अलग-अलग परंपरा है। संतान की खुशहाली और उसकी लंबी उम्र की कामना के लिए किया जाने वाला 'जितिया व्रत' बिहार के मिथिलांचल सहित पूर्वांचल और कुछ हद तक - [दुर्गा सप्तशती (संस्कृत) | Durga Saptashati (Sanskrit)](https://biharlokgeet.com/2019/09/दुर्गा-सप्तशती-संस्कृत-durga-sapta/) - 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[अकबर और बीरबल की कहानियाँ | असली माँ - दो औरतों में से बच्चे की असली माँ की पहचान](https://biharlokgeet.com/2019/09/अकबर-और-बीरबल-की-कहानियाँ-6/) - [ads id="ads1"] सम्राट का कर्तव्य पृथ्वी पर भगवान की छाया के रूप में काम करते हुए अपने राज्य में शांति व्यवस्था स्थापित करना, कमजोरों की रक्षा करना और दुष्टों को दंड देना होता है। अकबर (Akbar) को अपनी निष्पक्षता पर गर्व था। आखिरकार वह शहंशाह था। दुनिया उसकी शरण में थी। एक दिन उसकी शाही - [अकबर और बीरबल की कहानियाँ | नकली शेर - बीरबल ने निकाला बिना पिंजरे को खोले शेर को बाहर](https://biharlokgeet.com/2019/09/अकबर-और-बीरबल-की-कहानियाँ-8/) - फारस का राजा और बादशाह अकबर (Akbar) बहुत अच्छे दोस्त थे। वे दोनों एक दूसरे को पहेलियां व चुटकुले भेजा करते थे। उन्हें एक दूसरे से उपहार प्राप्त करने में आनन्द प्राप्त होता था, जिससे उन्हें अपनी दोस्ती को बनाए रखने में मदद मिलती थी। एक दिन बादशाह अकबर (Akbar) को फारस के राजा से - [अकबर और बीरबल की कहानियाँ | उपहार का बंटवारा - बीरबल ने कैसे किया अकबर के दरबार के बेईमान द्वारपाल को सीधा](https://biharlokgeet.com/2019/09/अकबर-और-बीरबल-की-कहानियाँ-9/) - बादशाह अकबर(Akbar) को विद्वान् और प्रतिभाशाली पुरुषों को अपने दरबार में रखने का बहुत शौक था।जब भी कोई प्रतिभाशाली व्यक्ति उसके राज्य में आता तो वह उसे अपने मंत्रियों में शामिल कर लेते थे । अकबर का दरबार गुणी व बुद्धिमान लोगों से भरा हुआ था । इनमें से नौ लोग अकबर के दरबार में नवरत्नों - [हरतालिका तीज 2019 : महत्व ,व्रत नियम, पूजन- सामग्री ,पूजा विधि,मंत्र एवं सम्पूर्ण-कथा | Hartalika Teej 2019: Importance, Fasting Rules, Worship - Material, Method of Worship,Mantra and Whole Story](https://biharlokgeet.com/2019/08/हरतालिका-तीज-2019-महत्व-व्रत/) - हरतालिका तीज व्रत हिंदू धर्म में मनाये जाने वाला एक प्रमुख व्रत है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज मनाई जाती है। दरअसल भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को हस्त नक्षत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है। हरतालिका तीज व्रत कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियां करती हैं। विधवा - [गणेश चतुर्थी स्पेशल ।गणेश भगवान गीत । गौरी के ललना | Gauri ke Lalna | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/08/गणेश-चतुर्थी-स्पेशल-।गणे/) - [ads id="ads1"] Thanks for watching! ▷ CONNECT with us!! ♥♥Click here to Subscribe :- https://www.youtube.com/c/BiharLokGeet ♥♥Link To Our website - 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[ads id="ads2"] - [कृष्ण जन्माष्टमी स्पेशल। कृष्ण जन्मोत्सव गीत | सोहर गीत |मथुरा में जन्मे कन्हैया | Mathura Me Janme Kanhaiya | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-स्पेशल।/) - Thanks for watching! ▷ CONNECT with us!! ♥♥Click here to Subscribe :- https://www.youtube.com/c/BiharLokGeet ♥♥Link To Our website - https://www.biharlokgeet.com ♥♥Like us on Facebook @ https://www.facebook.com/Bihar-Lok-Geet-482763292123001/ ♥♥Follow us on Twitter @ https://twitter.com/GeetBihar ♥♥Follow us on Instagram @ https://www.instagram.com/biharlokgeetstudio/ ♥♥Email us at :- biharlokgeet@gmail.com NEW UPLOAD on every Wednesday at 5:00 PM!! [ads id="ads1"] - [श्री कुंजबिहारी जी की आरती | Aarti Shri Kunj Bihari Ji Ki](https://biharlokgeet.com/2019/08/श्री-कुंजबिहारी-जी-की-आरत-2/) - आरती कुंज बिहारी की भगवान श्री कृष्ण की सबसे प्रसिद्ध आरती में से एक है। यह कृष्ण जन्माष्टमी या श्रीकृष्ण जयंती दिवस सहित भगवान कृष्ण से संबंधित अधिकांश शुभ अवसरों पर बहुत धूमधाम से गाया जाता है। यह इतना लोकप्रिय है कि घरों और विभिन्न कृष्ण मंदिरों में नियमित रूप से इसका पाठ किया जाता - [भगवान कृष्ण चालीसा अर्थ सहित | Krishna Chalisa with Meaning](https://biharlokgeet.com/2019/08/भगवान-कृष्ण-चालीसा-अर्थ-स/) - कृष्ण चालीसा एक भक्ति गीत है जो भगवान कृष्ण पर आधारित है। कृष्ण चालीसा एक लोकप्रिय प्रार्थना है जो 40 छन्दों से बनी है। कई लोग जन्माष्टमी सहित भगवान कृष्ण को समर्पित अन्य त्योहारों पर कृष्ण चालीसा का पाठ करते हैं। श्री कृष्ण चालीसा अर्थ सहित ॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। - [भगवान कृष्ण चालीसा अर्थ सहित | Krishna Chalisa with Meaning](https://biharlokgeet.com/2019/08/भगवान-कृष्ण-चालीसा-अर्थ-स-2/) - कृष्ण चालीसा एक भक्ति गीत है जो भगवान कृष्ण पर आधारित है। कृष्ण चालीसा एक लोकप्रिय प्रार्थना है जो 40 छन्दों से बनी है। कई लोग जन्माष्टमी सहित भगवान कृष्ण को समर्पित अन्य त्योहारों पर कृष्ण चालीसा का पाठ करते हैं। श्री कृष्ण चालीसा अर्थ सहित ॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। - [कृष्ण जन्माष्टमी 2019 : 24 अगस्त को अवश्य पढ़ें भगवान श्री कृष्ण की पवित्र जन्माष्टमी व्रत कथा](https://biharlokgeet.com/2019/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-2019-24-अगस्त/) - श्री कृष्ण की पवित्र जन्माष्टमी व्रत कथा कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद् गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना - [कृष्ण जन्माष्टमी 2019 : 24 अगस्त को अवश्य पढ़ें भगवान श्री कृष्ण की पवित्र जन्माष्टमी व्रत कथा](https://biharlokgeet.com/2019/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-2019-24-अगस्त-2/) - श्री कृष्ण की पवित्र जन्माष्टमी व्रत कथा कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद् गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना - [कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि, भोग, व्रत एवं महत्व । Krishna Janmashtami, Dahi Handi (Gokulashtami) Pooja Vidhi, vrat, mahtva in Hindi](https://biharlokgeet.com/2019/08/कृष्ण-जन्माष्टमी-पूजा-वि-3/) - Krishna Janmashtami 2019: हिन्‍दू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी भद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी कि आठवें दिन मनाई जाती है। “नन्द के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! हाथी घोड़ा पालकी, बोलो जय कन्हैया लाल की!” देवताओं में भगवान श्री कृष्ण विष्णु के अकेले ऐसे अवतार हैं जिनके जीवन के - [राखी गीत।आया राखी का त्यौहार।Aaya Rakhi ka Tyohaar ।Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/08/राखी-गीत।आया-राखी-का-त्यौ/) - [ads id="ads1"] रक्षाबन्धन एक हिन्दू व जैन त्योहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते हैं।रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी - [Nag Panchami Recipes :सेवई बनाने की विधि – Sewai Recipe in Hindi](https://biharlokgeet.com/2019/08/nag-panchami-recipes-सेवई-बनाने-की-विधि-sewai-recipe-in-hindi-2/) - जानिए कैसे बनाएं सेवई नाग पंचमी के दिन सेवई बनाने का रिवाज है।तो चलिए हम आपको बताते हैं सेंवई बनाने की विधि 👩‍🍳 शेफ: पायल सिन्हा - [Nag Panchami 2019: आज है नागपंचमी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और महत्‍व](https://biharlokgeet.com/2019/08/nag-panchami-2019-आज-है-नागपंचमी-जानिए-शु/) - आज हैं नाग पंचमी [ads id="ads1"] हिन्‍दू धर्म में देवी-देवताओं के साथ ही उनके प्रतीकों और वाहनों की पूजा-अर्चना करने की भी परंपरा है। देवी-देवताओ के ये प्रतीक और वाहन किसी करिश्‍माई लोक से नहीं बल्‍कि प्रकृति का अभिन्‍न हिस्‍सा हैं, जिनमें जानवर, पक्षी, सरीसृप, फूल और वृक्ष शामिल हैं।"नाग पंचमी "(Nag Panchami) भी ऐसा - [सावन कजरी गीत | सावन झड़ी लागे,हो धीरे-धीरे | Sawan Jhari Lage,Ho Dhere-Dhere | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/07/सावन-कजरी-गीत-सावन-झड़ी-ला/) - [ads id="ads1"] सावन में लोकगीत कजरी गाने की परंपरा है। यह परंपरा अब भी अलग-अलग रूपों में कायम है। इन गीतों में हमें सावन सुनाई व दिखाई देता है। बरसती फुहारों में भीगे तन-मन को यह गीत आज भी नई उमंगों-तरंगों से भिगो डालते हैं।ऐसे में पिया साथ हो, तब तो मन यही गाएगा "सावन - [Objections of a Bihari on 'Super30' Movie](https://biharlokgeet.com/2019/07/objections-of-a-bihari-on-super30-movie/) - Objections of a Bihari on 'Super30' Movie Today I went to watch “Super 30” movie. Considering it as a movie from my state of Bihar, I was charged with emotions. The movie is based on the success story of a Bihari (i.e. Mr. Anand Kumar) who struggled and fought not only to be successful but - [Sawan somvar vrat vidhi detail : सावन सोमवार का व्रत कैसे रखें, जानिए पूरी पूजा विधि और महत्व](https://biharlokgeet.com/2019/07/sawan-somvar-vrat-vidhi-detail-सावन-सोमवार-का-व्रत-कै/) - [ads id="ads1"] सावन सोमवार का व्रत कैसे रखें, जानिए पूरी पूजा विधि और महत्व हिन्दू धर्म में सावन के सोमवार व्रत का अत्यंत महत्व होता है। इस साल यानि २०१९ (2019) में सावन का महीना जिसे भगवान शंकर का महीना कहा जाता है १७ (17) जुलाई से शुरू होकर १५ (15 ) अगस्त तक रहेगा। - [जानिए महामृत्युंजय मंत्र की कथा,किस कार्य के लिए कितनी बार जपें महामृत्युंजय मंत्र और मंत्र जप के दौरान बरतने वाली सावधानियां](https://biharlokgeet.com/2019/07/जानिए-महामृत्युंजय-मंत्र/) - जानिए महामृत्युंजय मंत्र की कथा, किस कार्य के लिए कितनी बार जपें महामृत्युंजय मंत्र और मंत्र जप के दौरान बरतने वाली सावधानियां महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का सबसे बड़ा और प्रिय मंत्र माना जाता है। सनातन धर्म में महामृत्युंजय मंत्र को प्राण रक्षक और महामोक्ष मंत्र कहा जाता है। पूराणों के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र से - [तेनालीरामा और राज्य कौवों की गिनती |How Many Crows In The Kingdom](https://biharlokgeet.com/2019/07/तेनालीरामा-और-राज्य-कौवो/) - महाराज कृष्णदेवराय को तेनालीराम से बेढंगे सवाल पूछने में बड़ा ही आनंद आता था।वे हमेशा ऐसे सवाल पूछते जिसका जवाब देना हर किसी को नामुमकिन सा लगता लेकिन तेनालीराम भी हार मानने वाला नही था। वो भी महाराज को ऐसा जवाब देता की उन्हें कुछ समझ ही आता की वो आगे क्या पूछे। एक बार - [तेनालीरामा और राज्य कौवों की गिनती |How Many Crows In The Kingdom](https://biharlokgeet.com/2019/07/तेनालीरामा-और-राज्य-कौवो-2/) - महाराज कृष्णदेवराय को तेनालीराम से बेढंगे सवाल पूछने में बड़ा ही आनंद आता था।वे हमेशा ऐसे सवाल पूछते जिसका जवाब देना हर किसी को नामुमकिन सा लगता लेकिन तेनालीराम भी हार मानने वाला नही था। वो भी महाराज को ऐसा जवाब देता की उन्हें कुछ समझ ही आता की वो आगे क्या पूछे। एक बार - [दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली चीजों के फायदे और नुकसान ।The advantages and disadvantages of things coming in daily life in Hindi](https://biharlokgeet.com/2019/07/दैनिक-जीवन-में-उपयोग-आने-व/) - दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली वस्तुओं के फायदे और नुकसान । The advantages and disadvantages of the commodities used in daily life in Hindi हम दैनिक जीवन में बहुत सी वस्तुओं का उपयोग करते है, लेकिन हमें मालूम भी नहीं होता है कि इसके क्या-क्या फायदे हैं और क्या नुकसान हैं । रोजमर्रा में उपयोग आने वाली वस्तुएँ जैसे भिन्न - भिन्न - [खरबूजा के फायदे और नुकसान | Muskmelon (Kharbuja) Benefits and Side Effects in Hindi](https://biharlokgeet.com/2019/07/खरबूजा-के-फायदे-और-नुकसान-musk/) - [ads id="ads1"] खरबूजा के फायदे और नुकसान | Muskmelon (Kharbuja) Benefits and Side Effects in Hindi :- जैसे ही गर्मियों के मौसम की बात आती है वैसे ही हमारे दिमाग़ में अनेक रसीले फलों की तस्वीर आने लगती है। ऐसा ही एक फल है खरबूजा। जो अपनी पौष्टिकता की वजह से आम लोगों की ज़िन्दगी - [भारत का राष्‍ट्रीय फल आम | National fruit of India Mango details in Hindi](https://biharlokgeet.com/2019/07/भारत-का-राष्ट्रीय-फल-आम-national-fru/) - [ads id="ads1"] भारत का राष्‍ट्रीय फल आम | National fruit of India Mango details in Hindi:- आम, नाम सुनकर ही मुँह में पानी आ जाता है। बच्चे हो या बड़े, आम सबको बहुत पसन्द आता है। गर्मियों में पाया जाने वाला यह फल हम सब के मन को खूब भाता है। आम एक प्रकार का - [गुणों से भरी है रसीली लीची, फायदे जानकर हैरत में पड़ जाएंगे आप | Lychee fruit Benefits in Hindi](https://biharlokgeet.com/2019/06/गुणों-से-भरी-है-रसीली-लीची/) - [ads id="ads1"] गुणों से भरी है रसीली लीची, फायदे जानकर हैरत में पड़ जाएंगे आप | Lychee fruit Benefits :- लीची गर्मियों का एक प्रमुख फल है। स्वाद में मीठा और रसीला होने के साथ ही ये सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है।ये गर्मियों के मौसम के अंत में और बरसात के शुरुआती सीजन में - [तेनालीराम की कहानियाँ | बूढा भिखारी और महाराज कृष्णदेवराय की उदारता](https://biharlokgeet.com/2019/06/तेनालीराम-की-कहानियाँ-बू/) - तेनालीराम की कहानियाँ | बूढा भिखारी और महाराज कृष्णदेवराय की उदारता - सर्दियों का मौसम था। महाराज कृष्णदेव अपने कुछ मंत्रियों के साथ किसी काम से नगर से बाहर जा रहे थे। ठंड इतनी थी कि सभी दरबारी मोटे-मोटे ऊनी वस्त्र पहनने के बाद भी काँप रहे थे। चलते-चलते राजा की दृष्टि एक बूढ़े भिखारी - [तेनालीराम की कहानियाँ ।तेनालीराम और राजगुरु की चाल](https://biharlokgeet.com/2019/06/तेनालीराम-की-कहानियाँ-।त/) - तेनालीराम की कहानियाँ । तेनालीराम और राजगुरु की चाल :- तेनालीराम से चिढ़ने वाले कुछ ब्राह्मण एक दिन राजगुरु के पास पहुंचे। क्योंकि वे सभी अच्छी तरह जानते थे कि राजगुरु तेनालीराम के पक्का विरोधी है और तेनालीराम से बदला लेने में वो उनकी मदद जरूर करेंगे। राजगुरु और ब्राह्मणों ने मिलकर सोचा क्यों न तेनालीराम को - [प्रेरणादायक हिंदी कहानियों का संग्रह | HINDI KAHANI OR STORY COLLECTION](https://biharlokgeet.com/2019/06/प्रेरणादायक-हिंदी-कहानिय/) - प्रेरणादायक हिंदी कहानियों का संग्रह | Hindi Kahani or Story Collection हिंदी कहानियाँ दिल दिमाग को प्रभावित करने वाली एक शक्तिशाली माध्यम हैं या यूँ कहे कि एक ऐसी विद्या हैं जो जीवन को ,परिस्थितियों को अपने में लेकर उलझी हुई समझ को, सुलझा देती हैं – मित्रों कहानी सुनना-सुनाना अथवा पढ़ना वह शक्तिशाली माध्यम - [प्रेरणादायक हिंदी कहानियों का संग्रह | HINDI KAHANI OR STORY COLLECTION](https://biharlokgeet.com/2019/06/प्रेरणादायक-हिंदी-कहानि-2/) - प्रेरणादायक हिंदी कहानियों का संग्रह | Hindi Kahani or Story Collection हिंदी कहानियाँ दिल दिमाग को प्रभावित करने वाली एक शक्तिशाली माध्यम हैं या यूँ कहे कि एक ऐसी विद्या हैं जो जीवन को ,परिस्थितियों को अपने में लेकर उलझी हुई समझ को, सुलझा देती हैं – मित्रों कहानी सुनना-सुनाना अथवा पढ़ना वह शक्तिशाली माध्यम - [तेनालीराम की कहानियाँ ।बिल्लियों के लिए गाय](https://biharlokgeet.com/2019/06/तेनालीराम-की-कहानियाँ-।ब/) - चूहों से सभी लोग परेशान थे, अतः जब बिल्लियाँ बंट रही थी तो लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग गयी थी। इस अवसर पर तेनालीरामन भी एक कतार में खड़ा हो गया। जब उसकी बारी आयी तो उसे भी एक बिल्ली और साथ में एक गाय दे दी गई। बिल्ली को घर ले जाकर उसने गरमागरम - [तेनालीराम की कहानियाँ | महाराज का गुस्सा और मटके में तेनालीराम](https://biharlokgeet.com/2019/06/तेनालीराम-की-कहानियाँ-मह/) - तेनालीराम की कहानियाँ | महाराज का गुस्सा और मटके में तेनालीराम एक बार महाराज कृष्णदेव राय तेनालीराम से इतने नाराज़ हो गए कि उन्होंने उसे अपनी शक्ल न दिखाने का आदेश दे दिया और कहा ,“ अगर उसने उनके हुक्म की अवहेलना की तो उसे कोड़े लगायें जाएंगे।” महाराज उस समय बहुत क्रोधित थे इसलिए - [तेनालीराम की कहानियाँ और उनका जीवन परिचय । Tenali Rama Biography and Short Stories](https://biharlokgeet.com/2019/06/तेनालीराम-की-कहानियाँ-और/) - Bihar Lok Geet तेनालीरामा की कहानियाँ और उनका जीवन परिचय । Tenali Rama Biography and Short Stories बचपन में आप लोगों ने कभी न कभी तो तेनालीरामा या तेनाली रामकृष्ण की कहानी पढ़ी या सुनी होगी ।विद्यालयों की पुस्तकों में भी तेनालीरामा की कहानियों का जिक्र किया जाता हैं ।तेनालीरामाएक कवि, विद्वान, विचारक और श्री कृष्णदेवराय के दरबार में - [देबोमाये डे ने छपरा से तैयारी कर, IIT परीक्षा में किया नाम रौशन](https://biharlokgeet.com/2019/06/देबोमाये-डे-ने-छपरा-से-तैय-2/) - जहाँ IIT में जाने के लिए बिहार से छात्रों का पलायन कोटा की तरफ होता था और कोई ये सोच नहीं सकता था की छपरा में रह कर भी IIT की परीक्षा में सफलता पाया जा सकता है। इस पूरी सोच को बदलते हुए छपरा के देबोमाये डे ने इतिहास रचा है। आज JEE Advanced - [JEE एडवांस्ड एग्जाम रिजल्ट 2019: आनंद सुपर 30 के 18 बच्चों ने मारी बाजी](https://biharlokgeet.com/2019/06/jee-एडवांस्ड-एग्जाम-रिजल्ट-2019/) - आईआईटी रुड़की ने ज्वॉइंट इंट्रेंस टेस्ट (JEE) एडवांस्ड एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है | परीक्षा में कार्तिकेय गुप्ता ने टॉप किया है | इस परीक्षा में आनंद सुपर 30 का जलवा फिर कायम रहा है | कोचिंग के 30 में से 18 छात्रों ने परीक्षा में कामयाबी पाई है | JEE Advanced का रिजल्ट - [शैलपुत्री : मां दुर्गा की पहली शक्ति की पावन कथा](https://biharlokgeet.com/2019/04/शैलपुत्री-मां-दुर्गा-की-प-3/) - शैलपुत्री अनंत शक्तियों से संपन्न हैं नवरात्रि की पहली देवी मां शैलपुत्री का स्वरूप नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर दुर्गा देवी के नौ रूपों की पूजा-उपासना बहुत ही विधि विधान से की जाती है। इन रूपों के पीछे तात्विक अवधारणाओं का परिज्ञान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है। आइए जानते - [शैलपुत्री : मां दुर्गा की पहली शक्ति की पावन कथा](https://biharlokgeet.com/2019/04/शैलपुत्री-मां-दुर्गा-की-प-4/) - शैलपुत्री अनंत शक्तियों से संपन्न हैं नवरात्रि की पहली देवी मां शैलपुत्री का स्वरूप नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर दुर्गा देवी के नौ रूपों की पूजा-उपासना बहुत ही विधि विधान से की जाती है। इन रूपों के पीछे तात्विक अवधारणाओं का परिज्ञान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है। आइए जानते - [चैत्र नवरात्रि २०१९ | Chaitra Navratri 2019](https://biharlokgeet.com/2019/04/चैत्र-नवरात्रि-२०१९-chaitra-navratri-2019/) - चैत्र नवरात्रि २०१९ | Chaitra Navratri 2019 नवरात्र वह समय है, जब दोनों रितुओं का मिलन होता है। इस संधि काल मे ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के रूप में हम तक पहुँचती हैं। मुख्य रूप से हम दो नवरात्रों के विषय में जानते हैं - चैत्र नवरात्र एवं आश्विन नवरात्र। चैत्र नवरात्रि गर्मियों के - [चैत्र नवरात्री स्पेशल | भवानी (दुर्गा माँ ) गीत | सर्वेश्वरी जगदीश्वरी,हे मातु रूप माहेश्वरी | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/04/चैत्र-नवरात्री-स्पेशल-भव-2/) - सर्वेश्वरी जगदीश्वरी,हे मातु रूप माहेश्वरी हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्षभर में दो बार नवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। चैत्र मास की नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि और शरद ऋतु में आने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। दोनों ही नवरात्रि में दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन किया जाता है। Thanks - [चैत मास का विशेष गीत | चैती गीत | चैत मासे चुनरी रंगइबो हो रामा | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/03/चैत-मास-का-विशेष-गीत-चैती-ग/) - [ads id="ads1"] चैती एक खास तरह का गीत हैं जिसे चैत के महीने में गया जाता हैं ।चैती गीत को भोजपुरी में घाटो, मगही में चैतार और मैथिली में चैतावर कहा जाता है।हिन्दू मान्यताओं के मुताबिक चैत माह को वर्ष का पहला महीना माना गया है।यह महीना बहुत से धार्मिक पर्वों एवं भावनाओं से जुड़ा - [होली की पौराणिक-प्रामाणिक कथा व होली क्यों और कैसे मनाई जाती है ?](https://biharlokgeet.com/2019/03/होली-की-पौराणिक-प्रामाणि/) - होली की पौराणिक-प्रामाणिक कथा व होली क्यों और कैसे मनाई जाती है ? होली भारत के सबसे पुराने पर्वों में से है। यह कितना पुराना है इसके विषय में ठीक जानकारी नहीं है | लेकिन इसके विषय में इतिहास पुराण व साहित्य में अनेक कथाएँ मिलती है। इस कथाओं पर आधारित साहित्य और फ़िल्मों में - [होली की पौराणिक-प्रामाणिक कथा व होली क्यों और कैसे मनाई जाती है ?](https://biharlokgeet.com/2019/03/होली-की-पौराणिक-प्रामाणि/) - होली की पौराणिक-प्रामाणिक कथा व होली क्यों और कैसे मनाई जाती है ? होली भारत के सबसे पुराने पर्वों में से है। यह कितना पुराना है इसके विषय में ठीक जानकारी नहीं है | लेकिन इसके विषय में इतिहास पुराण व साहित्य में अनेक कथाएँ मिलती है। इस कथाओं पर आधारित साहित्य और फ़िल्मों में - [जोगीरा होते क्या हैं ?](https://biharlokgeet.com/2019/03/जोगीरा-होते-क्या-हैं-2/) - जोगीरा होते क्या हैं ? इसके बारे में सही-सही नहीं कहा जा सकता। शायद इसकी उत्पत्ति योगियों की हठ-साधना, वैराग्य और उलटबाँसियों का मजाक उड़ाने के लिए हुई हो। मूलतः यह समूह गान है। प्रश्नोत्तर शैली में एक समूह सवाल पूछता है तो दूसरा उसका जवाब देता है जो प्रायः चौंकाऊ होता है। प्रश्न और उत्तर शैली में निरगुन को - [होली | त्‍यौहार स्‍पेशल | कैसे छुड़ाएं चेहरे से होली के रंग ? होली के रंग से बचाव कैसे करे ?](https://biharlokgeet.com/2019/03/होली-त्यौहार-स्पेशल-कै-2/) - कैसे छुड़ाएं चेहरे से होली के रंग | होली के रंग से बचाव भारत के हर राज्य में अनेकों प्रकार से होली मनाई जाती है। कई जगहों पर लोग होली रंगों से खेलते हैं, तो कई जगहों पर फूलों से। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में तो लठ मार होली भी खेली जाती है। मगर - [होली | त्‍यौहार स्‍पेशल | इको फ्रैंडली होली प्लीज](https://biharlokgeet.com/2019/03/होली-त्यौहार-स्पेशल-इक-2/) - होली का नाम सुनते ही रंगों और मस्ती का माहौल याद आ जाता है। होली में रंग खेले बगैर रहें तो होली एकदम अधूरी सी लगती है। होली में कई प्रकार के रंगों का प्रयोग होता है, जिनका असर कई दिनों तक कम नहीं होता है। बेशक रंग खेलने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन - [जानिए महाशिवरात्रि की पवित्र, प्रामणिक और प्राचीन कथा](https://biharlokgeet.com/2019/03/जानिए-महाशिवरात्रि-की-पव-2/) - महाशिवरात्रि की पवित्र, प्रामणिक और प्राचीन कथा जिनकी कृपा है सबसे भारी, तो होंगें फिर भोले भंडारी। रहतें हैं लगाकर भस्म, अनोखी इनकी हर एक रस्म। कितने सर्प हैं करते सेवा, रहते शांत अक्सर महादेवा। पर इनका तांडव जब होता, काल भी इनके आगे रोता। इनकी शक्ति है आपार, कर सकतें हैं जग संहार। महाशिवरात्रि - [जानिए भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंग के नाम, महिमा और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाएं](https://biharlokgeet.com/2019/03/जानिए-भगवान-शिव-के-१२-ज्यो/) - भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग में १२ सबसे महत्वपूर्ण हैं, जिनकी महिमा अनंत हैं ।इनके दर्शन की महिमा अनन्त हैं ही साथ में केवल इनके नाम लेने की महिमा भी अनन्त हैं ।जो मनुष्य प्रतिदिन प्रातः इन ज्योतिर्लिंगों का नाम जपता है उसके सातों जन्म तक के पाप नष्ट हो जाते हैं। जिस कामना की पूर्ति - [महाशिवरात्रि स्पेशल | भोले बाबा गीत (नचारी )|शिव जी फेरु न नजरिया हमार ओरिया | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/03/महाशिवरात्रि-स्पेशल-भोल/) - [ads id="ads1"] आज का गीत महाशिवरात्रि के अवसर पर देवों के देव महादेव को समर्पित हैं |महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। भगवानशिव का यह प्रमुख पर्व फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के - [Saraswati Vandana / Prathna | सरस्वती वन्दना / प्रार्थना - हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी](https://biharlokgeet.com/2019/02/saraswati-vandana-prathna-सरस्वती-वन्दना-प्रार-2/) - [ads id="ads1"] हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥ जग सिरमौर बनायें भारत, वह बल विक्रम दे।अम्ब विमल मति दे॥ साहस शील हृदय में भर दे, जीवन त्याग तपोमय कर दे, - [Saraswati Vandana / Stotram | सरस्वती स्तोत्रम् - या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता](https://biharlokgeet.com/2019/02/saraswati-vandana-stotram-सरस्वती-स्तोत्रम्-या/) - [ads id="ads1"] या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥ श्लोक अर्थ - जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चन्द्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की है और जो श्वेत वस्त्र धारण करती - [सरस्वती भजन | हे शारदे माँ, हे शारदे माँ | Hey Sharde Maa , He Sharde Maa | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2019/02/सरस्वती-भजन-हे-शारदे-माँ-ह-2/) - [ads id="ads1"] ⭐लिरिक्स⭐ हे शारदे माँ, हे शारदे माँ हे शारदे माँ, हे शारदे माँ अज्ञानता से हमें तारदे माँ हे शारदे माँ, हे शारदे माँ हे शारदे माँ, हे शारदे माँ अज्ञानता से हमें तारदे माँ हे शारदे माँ.. तू स्वर की देवी, ये संगीत तुझसे हर शब्द तेरा है, हर गीत तुझसे-2 हम - [मौनी अमावस्या का महत्व और मौनी अमावस्या के उपाय | Importance of Mauni Amavasya and Mauni Amavasya Measures](https://biharlokgeet.com/2019/02/मौनी-अमावस्या-का-महत्व-और-2/) - कहा जाता है कि मौनी अमावस्या पर पवित्र संगम और नदियों में देवताओं का निवास होता है यही कारण है कि इस दिन पवित्र और पावन नदियों में स्नान का खास महत्व है। खासतौर से गंगा स्नान का। चूंकि इन दिनों प्रयागराज में कुम्भ का मेला भी चल रहा है लिहाज़ा संगम में शाही स्नान भी मौनी - [History of Vasant Panchmi | Importance, Katha, Of Basant Panchmi 2019 | Saraswati Puja 2019 In Hindi | वसंत पंचमी का ऐतिहासिक एवम पौराणिक कथा,महत्त्व,वसंत पंचमी की ख़ास बातें|](https://biharlokgeet.com/2019/02/history-of-vasant-panchmi-importance-katha-of-basant-panchmi-2019-saraswati-puja-2019-in-hindi-वसंत-पंचमी-क-2/) - वसंत पंचमी का ऐतिहासिक एवम पौराणिक कथा,महत्त्व,वसंत पंचमी की ख़ास बातें (History ,Importance, Katha Of Basant Panchmi ):- आई रे आई, ऋतुराज हैं आई, चारों ओर बसंत बहार हैं छाई। कोयल की कुहुँ - कुहुँ फैली हैं बाग़ में , पतझड़ बीता, बहारें छाई हैं बाग़ में , भीनी-भीनी सी ठंडक लगती हैं सुहानी , खेतों - [सावन सोमवारी स्पेशल । भोले बाबा गीत (नचारी ) । डिम-डिम डमरू बजावेला हमार जोगिया |Dim-Dim Damru Bajawela Hamar Jogiya | Payal Sinha](https://biharlokgeet.com/2018/08/सावन-सोमवारी-स्पेशल-।-भोल-2/) - [ads id="ads1"] Thanks for watching! ▷ CONNECT with us!! ♥♥Click here to Subscribe :- https://www.youtube.com/c/BiharLokGeet ♥♥Link To Our website - https://www.biharlokgeet.com ♥♥Like us on Facebook @ https://www.facebook.com/Bihar-Lok-Geet-482763292123001/ ♥♥Follow us on Twitter @ https://twitter.com/GeetBihar ♥♥Follow us on Instagram @ https://www.instagram.com/biharlokgeetstudio/ ♥♥Email us at :- biharlokgeet@gmail.com NEW UPLOAD on every Wednesday at 5:00 PM!! 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[ads id="ads1"] - [शादी गीत | बन्नी के गीत # 2 | सितारा हो सुबह होते ही टूटा | Sitara ho subha hote hi toota](https://biharlokgeet.com/2018/01/शादी-गीत-बन्नी-के-गीत-2-सित/) - [ads id="ads1"] Thanks for watching! ▷ CONNECT with us!! ♥♥Click here to Subscribe :- https://www.youtube.com/c/BiharLokGeet ♥♥Link To Our website - https://www.biharlokgeet.com ♥♥Like us on Facebook @ https://www.facebook.com/Bihar-Lok-Geet-482763292123001/ ♥♥Follow us on Twitter @ https://twitter.com/GeetBihar ♥♥Follow us on Instagram @ https://www.instagram.com/biharlokgeetstudio/ ♥♥Email us at :- biharlokgeet@gmail.com NEW UPLOAD on every Wednesday at 5:00 PM!! ⭐लिरिक्स⭐ सितारा हो - [शादी गीत | लगन गीत # 1| देखो लगनी चिड़ैया लगन लिए जाये | Dekho Lagni Chidaiya Lagan Liye Jaye](https://biharlokgeet.com/2018/01/शादी-गीत-लगन-गीत-1-देखो-लगन-2/) - [ads id="ads1"] Thanks for watching! ▷ CONNECT with us!! ♥♥Click here to Subscribe :- https://www.youtube.com/c/BiharLokGeet ♥♥Link To Our website - https://www.biharlokgeet.com ♥♥Like us on Facebook @ https://www.facebook.com/Bihar-Lok-Geet-482763292123001/ ♥♥Follow us on Twitter @ https://twitter.com/GeetBihar ♥♥Follow us on Instagram @ https://www.instagram.com/biharlokgeetstudio/ ♥♥Email us at :- biharlokgeet@gmail.com NEW UPLOAD on every Wednesday at 5:00 PM!! ⭐लिरिक्स⭐ देखो लगनी - [शादी गीत |बन्नी के गीत # 1 | दुल्हनियाँ धीरे से बोल तेरी बोली दूल्हे तक जाये | Dulhaniya Dhere Se Bol Teri Boli Dulhe Tak Jaye](https://biharlokgeet.com/2018/01/शादी-गीत-बन्नी-के-गीत-1-दुल-2/) - [ads id="ads1"] Thanks for watching! ▷ CONNECT with us!! ♥♥Click here to Subscribe :- https://www.youtube.com/c/BiharLokGeet ♥♥Link To Our website - https://www.biharlokgeet.com ♥♥Like us on Facebook @ https://www.facebook.com/Bihar-Lok-Geet-482763292123001/ ♥♥Follow us on Twitter @ https://twitter.com/GeetBihar ♥♥Follow us on Instagram @ https://www.instagram.com/biharlokgeetstudio/ ♥♥Email us at :- biharlokgeet@gmail.com NEW UPLOAD on every Wednesday at 5:00 PM!! ⭐लिरिक्स⭐ दुल्हनियाँ हाँ - [शादी गीत | शगुन के गीत # 1 | कहमाँ से आयल हे सगुणी दही माठर भात | Kahamaan se aayal he saguni dahee maathar bhat](https://biharlokgeet.com/2017/12/शादी-गीत-शगुन-के-गीत-1-कहमा/) - [ads id="ads1"] Thanks for watching! ▷ CONNECT with us!! ♥♥Click here to Subscribe :- https://www.youtube.com/c/BiharLokGeet ♥♥Link To Our website - https://www.biharlokgeet.com ♥♥Like us on Facebook @ https://www.facebook.com/Bihar-Lok-Geet-482763292123001/ ♥♥Follow us on Twitter @ https://twitter.com/GeetBihar ♥♥Follow us on Instagram @ https://www.instagram.com/biharlokgeetstudio/ ♥♥Email us at :- biharlokgeet@gmail.com NEW UPLOAD on every Wednesday at 5:00 PM!! ⭐लिरिक्स⭐ कहमाँ से ## Pages - [Home Three](https://biharlokgeet.com/home-three/) - [Home Two](https://biharlokgeet.com/home-two/) - [Left Sidebar](https://biharlokgeet.com/left-sidebar/) - This page has its layout set to Left Sidebar. 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